NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
"इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Mar 2022
cpi ml

बिहार के गया में आयोजित भाकपा-माले का 11 वां तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन संपन्न हो गया। सम्मेलन में एक बार फिर कुणाल को राज्य सचिव चुना गया। यह उनका राज्य सचिव के बतौर तीसरा कार्यकाल होगा। पहले 97 सदस्यों की राज्य कमिटी प्रतिनिधियों के द्वारा चुनाव की प्रक्रिया द्वारा चयन किया गया फिर राज्य कमिटी ने प्रदेश सचिव का चुनाव किया।

97 सदस्यों की राज्य कमिटी में छात्र-युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी गई है। छात्र-युवा मोर्चे पर काम कर रहे पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य सचिव सब्बीर कुमार, इनौस के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन पहली बार कमिटी में शामिल किए गए। छात्र-युवा नेता और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले आफताब आलम, तारिक अनवर और मोख्तार भी कमिटी में शामिल किए गए हैं। इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष और मुज़फ़्फ़रपुर में पार्टी के युवा नेता सूरज कुमार सिंह भी कमिटी में चुने गए। महिलाओं में भोजपुर से इंदु सिन्हा, पटना से माधुरी गुप्ता, पूर्व मुखिया आशा देवी, समस्तीपुर से वंदना सिंह, नवादा से सावित्री देवी, पूर्णिया से सुलेखा देवी, दरभंगा से शनिचरी देवी आदि को पहली बार राज्य कमिटी में जगह मिली है।

पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर काम कर रहे कई पार्टी नेता पहली बार कमिटी में चुनकर आए हैं। बागमती आंदोलन के चर्चित नेता जितेंद्र यादव भी राज्य कमिटी में शामिल किए गए हैं।

कमिटी चुनाव की समाप्ति के उपरांत केंद्रीय पर्यवेक्षक जनार्दन प्रसाद और रामजी राय ने सम्मेलन को संबोधित किया। नेताओं ने सफल राज्य सम्मेलन के लिए पार्टी की गया जिला कमिटी, सभी पार्टी सदस्यों, और गया जिले की समस्त जनता को बधाई दी।

सम्मेलन का समापन वक्तव्य देते हुए नवनिर्वाचित सचिव कुणाल ने कहा कि सम्मेलन ने जिन ठोस लक्ष्यों को अपने सामने रखा है, उन्हें पूरी पार्टी नई ऊर्जा के साथ पूरा करने के लिए काम करेगी। अभी भी बहुत सारे इलाकों में पार्टी का कामकाज काफी विरल है, ऐसे जिलों में मजबूत संगठन खड़ा करने का दायित्व पूरा करना है।

सम्मेलन के समापन से एक दिन पहले पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दीपांकर भट्टाचार्या ने कहा था कि बिहार वामपंथ के लिए ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा था कि अगले साल तक 2 लाख पार्टी सदस्य बनाने का लक्ष्य किया गया है। उन्होंने कहा था कि अगले दो साल काफी कठिन साबित होने वाले हैं, लेकिन यह समय हमारी पार्टी के विस्तार की असीम संभावना भरा है। यह सम्मेलन इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हमें पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना है, फासीवाद की चुनौतियों को स्वीकार करना है और चौतरफा पहलकदमियों को खोल देना है।

इस आयोजन में उन्होंने बीजेपी की बिहार में बढ़ती साजिश के खिलाफ वामपंथ को मजबूत करने और महागठबंधन को धारदार बनाने के नारे की विस्तार से व्याख्या की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार में भाजपा बुलडोजर की सरकार चलाना चाहती है, लेकिन बिहार वामपंथ के ऊर्जा का केंद्र भी है और पूरे देश की निगाह बिहार की ओर है।

उन्होंने आगे कहा था कि जनसंगठनों की सदस्यता का भी विस्तार करना है। जनता के हर सवाल पर आंदोलनों की शृंखला खड़ी कर देनी है। हमारे पास अभी 12 विधायक हैं और इसका पूरी क्षमता के साथ संगठन के विस्तार में उपयोग करने की योजना बनानी चाहिए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य ने इस मौके पर कहा था कि,” यह सम्मेलन संभावनाओं से भरा हुआ है। यह वामपंथी उभार की नई संभावनाओं का रास्ता दिखाएगा। बिहार में वामपंथ की मजबूती पूरे देश को राश्ता दिखाएगा। बिहार में भाजपा को परास्त करने के लिए यह सम्मेलन नई योजना बनाए। यह क्षमता इस सम्मेलन में है। हम जब वामपंथ के नए उभार की बात करते हैं तो ऊपर से नीचे वर्गीय और सामाजिक आधार में निरंतरता बनाने की जरूरत है।"

उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीके से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है। यही पार्टी है जो महिलाओं के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध है।

Bihar
CPI-ML
CPIML 11th state conference

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • UP
    सतीश भारतीय, परंजॉय गुहा ठाकुरता, शेखर
    विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा
    29 Mar 2022
    आज ज़रूरत इस बात की है कि जिन राज्यों में भी भाजपा को जीत हासिल हो रही है, उन राज्यों के चुनाव परिणामों का विश्लेषण बारीकी से किया जाए और यह समझा जाए कि अगर विपक्ष एकजुट रहा होता तो क्या परिणाम…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का दिखा दम !
    29 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने नज़र डाला है दिल्ली-एनसीआर और देश में हड़ताल के व्यापक असर पर।
  • sanjay singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    विपक्ष के मोर्चे से भाजपा को फायदा: संजय सिंह
    29 Mar 2022
    इस ख़ास अंक में नीलू व्यास ने बात की आप के सांसद संजय सिंह से और जानना चाहा Aam Aadmi Party के आगे की योजनाओं के बारे में। साथ ही उन्होंने बात की BJP और देश की राजनीति पर.
  • Labour Code
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल : दिल्ली एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में दिखा हड़ताल का असर
    28 Mar 2022
    केंद्रीय मज़दूर संगठनों ने सरकार की कामगार, किसान और जन विरोधी नीतियों के विरोध में 28 और 29 मार्च दो दिन की देशव्यापी हड़ताल की शुरआत आज तड़के सुबह से ही कर दी है । हमने दिल्ली एनसीआर के साहिबाद…
  • skm
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन
    28 Mar 2022
    मज़दूरों की आम हड़ताल को किसानों का समर्थन मिला है. न्यूज़क्लिक से बातचीत में ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धवले ने कहा कि सरकार मजदूरों के साथ साथ किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है. खाद, बीज…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License