NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
माकपा नेता मालिनी भट्टाचार्य का आरोप, तृणमूल के कारण आरएसएस हुआ मज़बूत
प्रमुख शिक्षाविद भट्टाचार्य मानती हैं कि बनर्जी का ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा के साथ अपशब्द कहने की होड़ में शामिल होने के बावजूद आज भी आरएसएस से करीबी रिश्ता है।’’
भाषा
24 Apr 2021
मालिनी भट्टाचार्य
फोटो साभार: ट्विटर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 1989 लोकसभा चुनाव में जादवपुर सीट से हरा चुकी माकपा की पूर्व सांसद प्रोफेसर मालिनी भट्टाचार्य के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख भाजपा का विरोध करने वाला प्रमुख चेहरा नहीं हैं। उनका मानना है कि ममता के शासन से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को राज्य में बढ़ने का मौका मिला।

गौरतलब है कि ममता अपने राजनीतिक जीवन में महज एक बार चुनाव हारी हैं। वह 1989 में कांग्रेस के टिकट पर जादवपुर सीट से हारी थीं।

प्रमुख शिक्षाविद भट्टाचार्य मानती हैं कि बनर्जी का ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा के साथ अपशब्द कहने की होड़ में शामिल होने के बावजूद आज भी आरएसएस से करीबी रिश्ता है।’’

भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल में भाजपा की लहर होने संबंधी दावे से भी सहमत नहीं है और उनका आरोप है कि भगवा पार्टी का राज्य में उदय तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ भावना की वजह से हुआ है।

भट्टाचार्य को माकपा ने 1989 में ममता बनर्जी के खिलाफ उतारा था, इससे पहले के चनुाव में ममता बनर्जी माकपा के वरिष्ठ नेता सोमनाथ चटर्जी को जादवपुर से हराकर चर्चा में आई थी जिसे वाम दलों का गढ़ माना जाता था।

भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘ऐसे कुछ उग्र मित्र हैं जो कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में ममता भाजपा विरोध का प्रमुख चेहरा हैं और हमें उनके साथ जाना चाहिए। लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए कि ‘चेहरा’ और वास्तविकता दो अलग चीजें हैं।’’

उन्होंने रेखांकित किया, ‘‘ अपनी पार्टी बनाने के बावजूद वह (ममता बनर्जी) आरएसएस एवं उसके संगठनों के बहुत करीब रही हैं। मैं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में मंत्री के रूप में उनकी भागीदारी के विषय में नहीं जाती लेकिन यहां तक कि आज भी मोदी-शाह के साथ अपशब्द की होड़ में शामिल होने के बावजूद उनके आरएसएस के साथ करीबी रिश्ते हैं।’’

भट्टाचार्य ने कहा कि बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल में विपक्ष से वाम को खत्म किए जाने से आरएसएस को बहुत फायदा हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी (बनर्जी) राज्य में वाम विपक्ष को राजनीतिक और भौतिक रूप से खत्म करने की प्रबल इच्छा और लोकतांत्रिक संस्थानों के ध्वंस करने से राज्य में उनके शासन के दौरान आरएसएस को कई गुना बढ़ने का मौका मिला।’’

माकपा नेता का मानना है कि सांप्रादायिक संघर्ष ममता बनर्जी के शासन काल में दोबारा उभरा है जिससे वाम मोर्चा ने कड़ाई से निपटा था।

पश्चिम बंगाल महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ रोजगार, कृषि, शिक्षा के मामले में बनर्जी मोदी के औद्योगिक घरानों के हित साधने के रास्ते का अनुसरण कर रही हैं। वह भाजपा की तरह ही विरोधियों को नियंत्रित करने के लिए व्यवहार कर रही हैं।’’

भट्टाचार्य का मानना है कि इस चुनाव में तीन सकारात्मक पहलुओं की वजह से वाम मोर्चे को बढ़त मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पहली, हमने पश्चिम बंगाल में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक ताकतों को लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मोर्चे पर एकजुट किया है, दूसरा, युवा कार्यर्ताओं ने फासीवादी ताकतों से लड़ने की चुनौती स्वीकार की है और तीसरा हमारे कार्यकर्ताओं ने वैकल्पिक नीति के लिए स्थान बनाया है जिसकी हम बात कर रहे हैं।’’

यादवपुर विश्वविद्यालय की पूर्व शिक्षाविद ने कहा, ‘‘अगर वह (ममता) इस बार भी सत्ता में आती हैं तो संभव है कि हमारे समर्थन से आएंगी, वह वहीं काम करेंगी। हम निश्चित नहीं है कि क्या वह भाजपा के साथ दोबारा जाएंगी।’’

Malini Bhattacharya
CPI-M
TMC
RSS
mamta banerjee

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?


बाकी खबरें

  • kashmir
    अनीस ज़रगर
    RSF ने कश्मीर प्रेस क्लब को बंद करने की जम्मू-कश्मीर प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की
    20 Jan 2022
    एक तीखे वक्तव्य में रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स ने क्षेत्र में प्रशासन को उस पत्रकार समूह की मदद करने का आरोप लगाया है, जिसने प्रेस क्लब पर “क़ब्ज़ा” किया। कई लोगों ने इसे राज्य समर्थित “तख़्ता-पलट”…
  • birth rate
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः एनिमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, बाल मृत्यु दर चिंताजनक
    20 Jan 2022
    प्रदेश में 6 माह से 59 माह तक के 66.4 फीसदी बच्चे एनीमिया से ग्रसित पाए गए हैं। एनएफएचएस के इससे पहले वाले सर्वे अर्थात चौथे सर्वे में प्रदेश में एनिमिया से ग्रसित बच्चों का आंकड़ा 63.2 फीसदी था।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3.17 लाख नए मामले, एक्टिव मामले 20 लाख के क़रीब पहुंचे 
    20 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3 लाख से भी ज़्यादा यानी 3,17,532 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.03 फ़ीसदी यानी 19 लाख 24 हज़ार 51 हो गयी है।
  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    सूडान में तख़्तापलट विरोधी प्रदर्शन जारी, सात और लोग मारे गये और सौ से ज़्यादा घायल
    20 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से हिंसक दमन के बावजूद तख़्तापलट को मंज़ूर नहीं किये जाने को लेकर सूडान में सामूहिक हड़ताल और सिविल नाफ़रमानी की मुहिम जारी हैं।
  • Aaj Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अपर्णा के भाजपा में जाने और आजाद-अखिलेश अलगाव के मायने
    20 Jan 2022
    मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा बिष्ट यादव के भारतीय जनता पार्टी में जाने का किसको कितना नफ़ा-नुकसान होगा? इसी तरह भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के अखिलेश यादव की अगुवाई वाले गठबंधन में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License