NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश फसल घोटाला: माकपा ने कहा- 4000 करोड़ के घोटाले में बिचौलिए ही नहीं भाजपाई भी हैं शामिल
माकपा ने इस घोटाले का आरोप बीजेपी पर लगाते हुए कहा है कि पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से चल रहे गेहूं घोटाले में बिचौलिए ही नहीं प्रशासन और भाजपाई भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Apr 2022
CPIM

मध्य प्रदेश में वर्तमान में गेहूं घोटला चर्चा में है। वाम दल भारत की  कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) यानी माकपा ने इस घोटाले का आरोप बीजेपी पर लगाते हुए कहा है कि पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से चल रहे गेहूं घोटाले में बिचौलिए ही नहीं प्रशासन और भाजपाई भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। इसलिए घोटाला सामने आने के बाद भी प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार कानों में रूई डाले पड़ी है, क्योंकि असली घोटालेबाज सामने आने पर केवल सत्ताधारी पार्टी के ही कई सफेदपोश बेनकाब नहीं होंगे, बल्कि सरकार की ओर से तैयार की गई कृषि विकास के फर्जी आंकड़ों की मचान भी भरभरा के गिर पड़ेगी।
 
पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के 52 में से 47 जिलों के आधे किसानों की जमीन की जांच करने के बाद ही यह तथ्य सामने आया है कि 56 हजार 123 हेक्टेयर फर्जी भूमि पर खेती होना दर्शाई जा रही थी। इसकी  पैदावार करीब 14 लाख 3 हजार 75 क्विंटल बताई जा रही थी। जिसकी कीमत 280 करोड़ रुपए है। यदि यह घोटाला डेढ़ दशक से हो रहा है तो 4200 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। यह सारा पैसा बिचौलिए की जेब में ही नहीं पहुंचा है। बल्कि नौकरशाहों और राजनेताओं की जेबें भी गर्म हुई हैं।

माकपा ने कहा है कि यदि आधे किसानों की जांच से यह घोटाला पकड़ा गया है तो पूरे किसानों की जांच करने पर यह घोटाला दुगना या इससे भी अधिक हो सकता है। जाहिर है कि यह घोटाला 8400 करोड़ से अधिक का तो है ही।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच करने पर तीन तरह के घोटाले उजागर होंगे। एक तो गरीबों के लिए एक रुपए किलो वाला गेहूं इस फर्जीवाड़े में सरकार को ही एमएसपी की दर बेच दिया गया, जिससे गरीबों के मुंह का निवाला भी छीना और सरकारी ख़ज़ाने को भी चपत लगाई गई। दूसरा जब प्रदेश के बहुमत किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जा रहा था, तब बिचौलिए पड़ोसी राज्यों से सस्ते में गेहूं खरीद कर मध्यप्रदेश में बेच रहे थे।

माकपा ने कहा है कि प्रदेश सरकार लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रही थी। इस घोटाले के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कृषि विकास दर के यह आंकड़े भी फर्जी थे। यदि इस घोटाले के बाद प्रदेश की कृषि विकास दर नीचे आती है तो जाहिर हो जाएगा कि प्रदेश सरकार ने झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर राष्ट्र के सामने भी झूठ बोला है।
 
कम्युनिस्ट पार्टी ने इस घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को उचित सजा देने के साथ ही उक्त राशि वसूलने की भी मांग की है।

ये भी पढ़ें: मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 

Madhya Pradesh
CPIM
BJP
Shivraj Singh Chouhan
Madhya Pradesh crop scam

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • election
    लाल बहादुर सिंह
    पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है
    16 Mar 2022
    UP के चुनाव का ज़ोरदार झटका शायद उन सभी विपक्षी राजनीतिक ताकतों को जो अपना अस्तित्व बचाना और भाजपा को हराना चाहती हैं, उन्हें 24 की लड़ाई को अधिक गम्भीरता से जीवन-मरण का संग्राम बनाकर लड़ने के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License