NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कंबोडिया के नागरिक समाज ने ट्रेड यूनियन नेता की रिहाई का आह्वान किया
2012 के सीमांकन के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों की भूमि के नुकसान का मामला उठाकर अंतर्राष्ट्रीय तनाव पैदा करने के आरोप में इस महीने की शुरुआत में रोंग छुन को गिरफ़्तार किया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
26 Aug 2020
कंबोडिया

जेल में बंद ट्रेड यूनियन के रोन्ग छुन के दर्जनों समर्थक उनकी रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी नोम पेन्ह में सोमवार और मंगलवार यानी 24 अगस्त और 25 अगस्त को प्रदर्शन किए गए थे। कम्बोडियन कन्फेडरेशन ऑफ यूनियन्स (सीसीयू) के एक शिक्षक और अध्यक्ष छुन को 31 जुलाई को कंबोडिया और वियतनाम के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों की भूमि के नुकसान के लिए कथित रूप से उकसाने के कारण गिरफ़्तार किया गया था।

इन प्रदर्शनों की शुरुआत सोमवार को तब हुई जब सीसीयू के दर्जनों सदस्यों ने इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए नोम पेन्ह स्थित यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस ऑफ द हाई कमीशनर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) के दफ़्तर को पत्र सौंपा। इस पत्र में यूनियन के सदस्यों ने कंबोडियाई अधिकारियों द्वारा ट्रेड यूनियन के सदस्यों और पत्रकारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई पर हस्तक्षेप करने का भी आह्वान किया।

छुन को कंबोडिया-वियतनाम सीमा पर सीमांकन रेखा के पास विवाद को लेकर प्रदर्शनों का आयोजन करने के लिए गिरफ़्तार किया गया था। सीसीयू के अनुसार 2012 में कंबोडिया और वियतनाम की सरकारों द्वारा सीमा को निर्धारित किए जाने के बाद त्बोंग खमुम प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्र में कई किसानों ने काफी ज़मीन खो दी है। किसानों ने यह भी शिकायत की है कि हुन सेन सरकार ने उनकी शिकायतों पर कभी ध्यान नहीं दिया।

रोंग छुन की गिरफ़्तारी के बाद के हफ्तों में भी इनकी गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने को लेकर सीसीयू में उनके कई समर्थकों और सहयोगियों की गिरफ़्तारी हुई थी। सीसीयू और इससे जुड़े संगठनों के इकट्ठा होने पर और अन्य गिरफ़्तारी को लेकर प्रधानमंत्री हुन सेन की चेतावनी के बावजूद यह प्रदर्शन जारी है। सेन ने दावा किया कि इस तरह के प्रदर्शनों से दोनों राष्ट्रों के बीच संबंध प्रभावित होंगे और वे युद्ध का कारण बन सकते हैं।

सीसीयू के एक सदस्य एम. बुन्नारिथ ने दावा किया कि ये प्रदर्शन सीमा मुद्दे को लेकर नहीं थे लेकिन लोगों को संगठित करने का अधिकार था। सेन के बयान को लेकर पूछे जाने पर मीडिया को बताया कि “हमारा मुख्य उद्देश्य श्री रोंग छुन की रिहाई की मांग करना है। हम जो कर रहे हैं वह उस क़ानून और मूलभूत अधिकारों पर आधारित है जिसे हमें शांतिपूर्वक इकट्ठा होना है और हम जो कर रहे हैं वह समदेच हुन सेन के संदेश में बताए गए सीमा मुद्दे से संबंधित नहीं है।”

rong chhun
cambodia
trade union
cambodian trade union
free rong chhun

Related Stories

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

दुनिया का हर कोना बुरी तरह से प्रभावित है

इटली की ट्रेड यूनियन ने गैर-आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन को पूरी तरह बंद करने के लिए हड़ताल का आह्वान किया

जेएनयू छात्र रैली, यूपी पुलिस हिंसा और अन्य ख़बरें

राष्ट्रव्यापी हड़ताल 25 करोड़ लोग होंगे शामिल

क्या व्हिस्ल ब्लोअर संरक्षण कानून कर्मचारियों के लिए नया हथियार साबित हो सकेगा?

“मज़दूरों के ख़िलाफ़ है श्रम कानूनों का बदलाव”

'मेक इन इंडिया' के वास्ते रेलवे निजीकरण के रास्ते!


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License