NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कनाडा ने ट्रम्प समर्थक, श्वेत वर्चस्ववादी समूह "प्राउड बॉयज़" को आतंकवादी संगठन घोषित किया
कनाडा के पब्लिक सेफ्टी डिपार्टमेंट ने 13 ऐसे समूहों की एक सूची जारी की जिन्हें अपनी "आतंकवादी सूची" में शामिल किया जाएगा। कहा गया है कि ये दक्षिणपंथी चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं।
पीपल्स डिस्पैच
04 Feb 2021
प्राउड ब्वॉय

कनाडा की फेडरल सरकार ने बुधवार 3 फरवरी को "आतंकवादी सूची" में 'प्राउड ब्वाय' सहित 13 संगठनों को शामिल करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी चरमपंथी विचारधारा इस देश में घरेलू सुरक्षा के लिए "गंभीर खतरा" है।

कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर बिल ब्लेयर ने जोर दे कर कहा कि इन हिंसक चरमपंथी समूहों की विचारधारा देश और दुनिया भर में "दुर्भाग्य से सक्रिय" है जिसे "श्वेत वर्चस्ववाद, यहूदी-विरोधीवाद, नस्लवाद, होमोफ़ोबिया, इस्लामोफ़ोबिया और गलतफहमी" से ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि "हालिया घटनाओं" में उनकी भागीदारी से कनाडाई लोगों को उनके खतरों से अवगत कराया गया है।

शुरु जनवरी में यूएस में कैपिटल हिल में घुसने और वहां अश्वेत विरोधी प्रदर्शन में सक्रिय अतिदक्षिणपंथी संगठन प्राउड ब्वॉय को आतंकवादी की सूची में शामिल करने का फैसला जनवरी के आखिर में कनाडा की संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था जिसमें सरकार से ऐसा करने के लिए कहा गया था।

अमेरिका और कुछ अन्य देशों में सक्रिय ये समूह एक कनाडाई द्वारा स्थापित किया गया था और ये खुद को "पश्चिमी कौमप्रस्त" के रूप में वर्णित करता है। कनाडा पहला ऐसा देश है जिसने इस समूह को "आतंकवादी" संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है।

कनाडा के पब्लिक सेफ्टी डिपार्टमेंट द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि, “अपने कार्यों के आधार पर प्रत्येक समूह को क्रिमिनल कोड में सूचीबद्ध करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का समाना करना पड़ता है, जिसे यह मानने के लिए उचित आधारों की आवश्यकता होती है कि एक संगठन ने जानबूझकर किसी आतंकवादी गतिविधि में भाग लिया है या उसे सुविधा प्रदान की है या ऐसी संस्था के सहयोग से या उसके निर्देशन में या उसकी ओर से जानबूझकर घटना को अंजाम किया है।"

कनाडा की आतंकवादी सूची में इस समूह को शामिल करने का मतलब होगा कि सरकार इसकी गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकती है, इसके साथ जुड़े लोगों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सकती है, उन पर जुर्माना लगा सकती है और उनकी चैरिटेबल स्टेटस को वापस ले सकती है।

इस सूची में शामिल कुछ अन्य समूहों में नव-नाजी समूह हैं जिन्हें एटमवफेन डिवीजन, द रशियन इंपीरियल मूवमेंट, द बेस और कुछ अल-कायदा और आईएसआईएस सहयोगी कहा जाता है।

proud boys
canada
pro trump organistation
White supremacy

Related Stories

पंजाब: अपने लिए राजनीतिक ज़मीन का दावा करतीं महिला किसान

अधिकार समूहों ने कनाडा से सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री रोकने को कहा

टोरंटो में बेघरों के शिविरों पर पुलिस की कार्रवाई, 26 गिरफ़्तार

कनाडा : अनुबंध वार्ता विफल होने के बाद 2,400 से अधिक खनिकों ने हड़ताल की

इज़रायल से ड्रोन ख़रीदने के कनाडा के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध तेज़

‘भांग कोई ख़तरनाक मादक पदार्थ नहीं’,संयुक्त राष्ट्र की इस नयी धारणा का क्या मायने ?

फ़ेसबुक ने पाइपलाइन विरोधी सोशल मीडिया अभियान से कुछ ही दिन पहले दर्जनों खातों को ब्लॉक किया

हिरोशिमा और अस्सी साल बाद परमाणु विध्वंस के ख़तरे को याद करते हुए

भारत को फ़ाइव आइज़ देशों के साथ नहीं होना चाहिए

कनाडा और लैटिन अमेरिका को एन95 मास्क निर्यात करने पर अमेरिका की रोक


बाकी खबरें

  • nitish
    शशि शेखर
    क्या बिहार उपचुनाव के बाद फिर जाग सकती है नीतीश कुमार की 'अंतरात्मा'!
    20 Oct 2021
    बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए 30 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं। ये दो सीटें हैं- कुशेश्वरस्थान और तारापुर। दोनों ही सीटें जद(यू) के खाते में थीं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जद(यू) अपनी दोनों…
  • J&K
    जसविंदर सिद्धू
    'कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं का मक़सद भारत की सामान्य स्थिति की धारणा को धूमिल करना है'—मिलिट्री थिंक-टैंक के निदेशक
    20 Oct 2021
    मौजूदा हालात सीपीओ (केंद्रीय पुलिस संगठन) बलों के लिए और ज़्यादा समस्यायें पैदा करने वाले इसलिए हैं क्योंकि अब सेना को उन इलाक़ों में तैनात नहीं किया जाता है, जिन इलाक़ों में इमारतें हैं या घनी आबादी…
  • पार्थ एस घोष
    कैसे कश्मीर, पाकिस्तान और धर्मनिर्पेक्षता आपस में जुड़े हुए हैं
    20 Oct 2021
    हिंदुत्व को बढ़ावा देना पाकिस्तान की सैन्य-नौकरशाही एजेंसी द्वारा बिछाए गए जाल में फंसने जैसा है। धर्मनिर्पेक्षता को नकारना दक्षिण एशिया के सामाजिक ताने-बाने की बर्बादी का कारण बन सकता है।
  • Bhutan
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत के निर्णयों को प्रभावित करने वाले नैरेटिव और ज़मीनी हक़ीक़त में इतना अंतर क्यों है? 
    20 Oct 2021
    भूटान और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार को थिम्पू में हस्ताक्षरित 'रोडमैप' ने तो भारत के डोकलाम-नैरेटिव में एक बड़ा सुराख कर दिया है, इतना बड़ा कि उस से होकर अब…
  • valmiki
    राज वाल्मीकि
    महर्षि वाल्मीकि जयंती के बहाने स्वच्छकार समाज को धर्मांध बनाए रखने की साज़िश!
    20 Oct 2021
    ये समाज कभी नहीं सोचेगा कि ये आमंत्रित अतिथिगण जिन महर्षि वाल्मीकि जी की इतनी प्रशंसा कर रहे हैं, जिनके पदचिह्नों पर चलने का उपदेश दे रहे हैं, उनकी तस्वीर तक अपने घर में नहीं लगाते हैं। जिस स्वच्छकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License