NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कैंसर पीड़ित फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायल की जेल में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित
एक अन्य क़ैदी की मौत के एक सप्ताह बाद दूसरे क़ैदी के COVID-19 पॉजिटिव की ख़बर सामने आई है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Jul 2020
कैंसर पीड़ित फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायल की जेल में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित

पैलेस्टिनियन प्रिज़नर्स सोसायटी (पीपीएस) ने 16 जुलाई को कहा कि इज़रायल की जेलों बंद कैंसर से पीड़ित एक फिलिस्तीनी क़ैदी COVID -19 संक्रमित हो गया है। पीपीएस ने कहा कि क़ैदी कमाल अबू कमर के COVID-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे इज़रायली असफ हरोफेह चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया। पीपीएस ने कहा कि की हालत क़ैदी गंभीर है और ज़िंदगी-मौत से संघर्ष कर रहा है, इसने आगे कहा कि फिलहाल क़ैदी के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी नहीं है।

इज़रायल के जेल अधिकारियों ने क़ैदी की हालत के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया है। एकमात्र जानकारी जो उन्होंने पीपीएस और क़ैदी के परिवार को दी है वह यह है कि कमाल के शरीर में इस समय पाइप वगैरह लगा हुआ है और वह ज़्यादा दवाइयों के प्रभाव में कई दिनों तक अचेत रहेगा। पीपीएस ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और चिकित्सा संस्थाओं जैसे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस (आईसीआरसी) से कमाल की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करने को कहा है।

पीपीएस ने यह भी कहा है कि वह इज़रायल प्रिजन सर्विस (आईपीएस) को कमाल की ज़िंदगी और स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह ज़िम्मेदार मानता है साथ-साथ अन्य सभी फिलिस्तीनी क़ैदियों और बंदियों के लिए ज़िम्मेदार ठहराता है जो वर्तमान में इज़रायल की जेलों और हिरासत केंद्रों में रखे गए हैं।

अभी दो सप्ताह पहले एक 75 वर्षीय फिलिस्तीनी क़ैदी की मौत असफ हरोफेह चिकित्सा केंद्र में इज़रायली हिरासत में हुई। सादी अल-घ्रबली जो 1994 में गिरफ्तार होने और आजीवन कारावास की सजा को लेकर पिछले 26 वर्षों से इज़रायल की जेलों में थे वे अनगिनत गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।

पीपीएस ने इज़़रायली जेल अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें जल्द से जल्द क्लिनिक ले जाने की अपील पर ध्यान नहीं दिया जिससे कि पिछले चार महीनों में उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ने के बाद उन्हें जीवन रक्षक चिकित्सा प्रदान की जा सके। घ्रबली के बेटे इस्साम अल-घ्रबली के अनुसार क़ैदी के परिवार को वर्ष 2000 से जाने की अनुमति नहीं थी जिसे लगभग 20 साल से अधिक हो गए।

वर्ष 1967 से अब तक 224 फिलिस्तीनी कैदियों की इजरायली हिरासत में मौत हो गई है जिसमें इस साल पांच लोगों की मौत हुई। फिलिस्तीनी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 950 फिलिस्तीनी क़ैदी हैं जो बीमार हैं या गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं और चौबीसों घंटे विशेष इलाज की ज़रूरत है। इनमें लगभग 6000 फिलिस्तीनी क़ैदियों में बड़ी संख्या शामिल है जो वर्तमान में विभिन्न इज़रायली जेलों और हिरासत केंद्रों में बंद हैं। इनमें से लगभग 51 क़ैदी ऐसे हैं जो 20 से अधिक वर्षों से इज़रायल की जेलों में बंद हैं, जिनमें से 26 क़ैदी को इज़़रायल और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के बीच 1993 के ओस्लो समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले गिरफ्तार किया गया था।

Palestine
Israel
COVID-19
WHO
Israeli Prison Service

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
    02 Jun 2021
    सीटू राज्य कमेटी ने कोरोना के कारण मासिक किस्त न चुका पाने वाले संचालकों की गाड़ियों को सरकारी, निजी बैंकों व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा जब्त करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे अमानवीय करार दिया…
  • rbi
    अजय कुमार
    आरबीआई तो सरकार को बचा रहा है लेकिन क्या सरकार भी आरबीआई को बचा रही है?
    02 Jun 2021
    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 99,122 करोड़ रुपये भारत सरकार को अपने सरप्लस से देने का एलान किया है। ...जिस तरह से नोटबंदी के लिए आरबीआई को पूरी तरह से अनसुना कर फैसला लिया गया, उसी तरह का संबंध सरकार और…
  • बिहार : पंचयती चुनाव टले लेकिन पंचायतों की ज़िम्मेदारी अधिकारियो को सौंप जाने को लेकर विपक्ष का विरोध
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : पंचयती चुनाव टले लेकिन पंचायतों की ज़िम्मेदारी अधिकारियों को सौंप जाने को लेकर विपक्ष का विरोध
    02 Jun 2021
    बिहार में कोरोना संक्रमण को देखते हुए पंचायत चुनाव को टाल दिया गया है। लेकिन बिहार सरकार के इस निर्णय को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है सरकार आपद में अवसर देखकर सारी शक्ति अपने पास ले…
  • सोनिया यादव
    यूपी: कस्तूरबा विद्यालयों में 9 करोड़ का कथित घोटाला, बेसिक शिक्षा मंत्री की बर्ख़ास्तगी की मांग
    02 Jun 2021
    कोरोना संकट के दौरान राज्य में जब ये स्कूल बंद थे, तब भी सरकारी अधिकारी खर्च दिखाकर पैसे निकालते रहे। कुल 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के खातों से साल 2020-21 के सत्र के लिए तकरीबन 9 करोड़…
  • अवनि बंसल
    काफ़ी नहीं है रामदेव की माफ़ी, दंडनीय अपराध है उनका एलोपैथी पर दिया बयान
    02 Jun 2021
    अवनि बंसल लिखती हैं योग गुरू और व्यापारी बाबा रामदेव ने हाल में एलोपैथी को खारिज़ करते हुए विवादास्पद बयान दिया था। लेकिन अपने बयान से वापस जाते हुए सिर्फ़ माफ़ी मांगना ही काफ़ी नहीं है। अवनि बंसल उन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License