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कैंसर पीड़ित फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायल की जेल में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित
एक अन्य क़ैदी की मौत के एक सप्ताह बाद दूसरे क़ैदी के COVID-19 पॉजिटिव की ख़बर सामने आई है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Jul 2020
कैंसर पीड़ित फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायल की जेल में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित

पैलेस्टिनियन प्रिज़नर्स सोसायटी (पीपीएस) ने 16 जुलाई को कहा कि इज़रायल की जेलों बंद कैंसर से पीड़ित एक फिलिस्तीनी क़ैदी COVID -19 संक्रमित हो गया है। पीपीएस ने कहा कि क़ैदी कमाल अबू कमर के COVID-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे इज़रायली असफ हरोफेह चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया। पीपीएस ने कहा कि की हालत क़ैदी गंभीर है और ज़िंदगी-मौत से संघर्ष कर रहा है, इसने आगे कहा कि फिलहाल क़ैदी के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी नहीं है।

इज़रायल के जेल अधिकारियों ने क़ैदी की हालत के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया है। एकमात्र जानकारी जो उन्होंने पीपीएस और क़ैदी के परिवार को दी है वह यह है कि कमाल के शरीर में इस समय पाइप वगैरह लगा हुआ है और वह ज़्यादा दवाइयों के प्रभाव में कई दिनों तक अचेत रहेगा। पीपीएस ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और चिकित्सा संस्थाओं जैसे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस (आईसीआरसी) से कमाल की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करने को कहा है।

पीपीएस ने यह भी कहा है कि वह इज़रायल प्रिजन सर्विस (आईपीएस) को कमाल की ज़िंदगी और स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह ज़िम्मेदार मानता है साथ-साथ अन्य सभी फिलिस्तीनी क़ैदियों और बंदियों के लिए ज़िम्मेदार ठहराता है जो वर्तमान में इज़रायल की जेलों और हिरासत केंद्रों में रखे गए हैं।

अभी दो सप्ताह पहले एक 75 वर्षीय फिलिस्तीनी क़ैदी की मौत असफ हरोफेह चिकित्सा केंद्र में इज़रायली हिरासत में हुई। सादी अल-घ्रबली जो 1994 में गिरफ्तार होने और आजीवन कारावास की सजा को लेकर पिछले 26 वर्षों से इज़रायल की जेलों में थे वे अनगिनत गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।

पीपीएस ने इज़़रायली जेल अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें जल्द से जल्द क्लिनिक ले जाने की अपील पर ध्यान नहीं दिया जिससे कि पिछले चार महीनों में उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ने के बाद उन्हें जीवन रक्षक चिकित्सा प्रदान की जा सके। घ्रबली के बेटे इस्साम अल-घ्रबली के अनुसार क़ैदी के परिवार को वर्ष 2000 से जाने की अनुमति नहीं थी जिसे लगभग 20 साल से अधिक हो गए।

वर्ष 1967 से अब तक 224 फिलिस्तीनी कैदियों की इजरायली हिरासत में मौत हो गई है जिसमें इस साल पांच लोगों की मौत हुई। फिलिस्तीनी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 950 फिलिस्तीनी क़ैदी हैं जो बीमार हैं या गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं और चौबीसों घंटे विशेष इलाज की ज़रूरत है। इनमें लगभग 6000 फिलिस्तीनी क़ैदियों में बड़ी संख्या शामिल है जो वर्तमान में विभिन्न इज़रायली जेलों और हिरासत केंद्रों में बंद हैं। इनमें से लगभग 51 क़ैदी ऐसे हैं जो 20 से अधिक वर्षों से इज़रायल की जेलों में बंद हैं, जिनमें से 26 क़ैदी को इज़़रायल और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के बीच 1993 के ओस्लो समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले गिरफ्तार किया गया था।

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