NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: डायरेक्ट कैश ट्रांसफर बनाम डायरेक्ट वोट ट्रांसफर!
जैसे रिश्वत का नाम सुविधा शुल्क हो गया है, वैसे ही कुछ मामलों में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम का नाम बदलकर डायरेक्ट वोट ट्रांसफर स्कीम भी रख दिया जाए तो बुरा नहीं होगा।
आज का कार्टून
31 Jul 2021
कार्टून क्लिक: डायरेक्ट कैश ट्रांसफर बनाम डायरेक्ट वोट ट्रांसफर!

जैसे रिश्वत का नाम सुविधा शुल्क हो गया है, वैसे ही कुछ मामलों में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम का नाम बदलकर डायरेक्ट वोट ट्रांसफर स्कीम भी रख दिया जाए तो बुरा नहीं होगा। जैसे 2019 में आम चुनाव से पहले किसानों के खाते में दो-दो हज़ार की दो-दो किस्ते फटाफट पहुंचना और चुनाव बाद उनकी सुध तक न लेना। आप देख ही रहे हैं कि किसान अब अपने हक़ के लिए दिल्ली के दरवाज़े पर 8 महीने से बैठे हैं लेकिन सरकार को फ़र्क़ नहीं पड़ता। इसी तरह अब यूपी में अब चुनावी साल में सरकारी प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूल के बच्चों को यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग बांटने की जगह सीधे अभिभावकों के खाते में रकम भेजने की तैयारी है।

एबीपी की ख़बर के अनुसार सूत्रों की मानें तो इस साल सरकार प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जूते-मोजे, स्कूल बैग, यूनिफार्म और स्वेटर नही बांटेगी। बल्कि इस साल सरकार इन योजनाओं का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में भेजने की तैयारी में है। इस सबमें एक बच्चे पर करीब 1100 रुपये का बजट आता है। इस पर अभी मंथन जारी है कि प्रति बच्चा 1100 रुपये दिए जाएं या इसमें बदलाव हो। अगर ये मान लें कि प्रति छात्र 1100 रुपये देने पर मुहर लगती है तो जिसके 2 बच्चे पढ़ते होंगे सीधे 2200 रुपये खाते में भेज दिए जाएंगे।

तो यह है तो है ख़बर। लेकिन इसके पीछे की ख़बर या मंशा क्या है उसे कार्टूनिस्ट इरफ़ान ने पकड़ने और बताने की कोशिश की है।

आपको 2008 का नोट फॉर वोट कांड याद है। जब मनमोहन सरकार के विश्वास मत के दौरान संसद में नोटों की गड्डियां लहराईं गईं थीं। उस समय बीजेपी के सांसदों ने आरोप लगाया था कि उन्हें वोट के लिए खरीदने की कोशिश की गई। ख़ैर ग़रीब अभिभावक यह आरोप तो लगाएंगे नहीं, इसलिए सरकार को इसकी चिंता करने की ज़रूरत नहीं। हां, लेकिन यह देख लेने की ज़रूरत है कि अभिभावकों के लाभ में बच्चों का नुकसान न हो जाए। मतलब पैसा तो अभिभावक के खाते में पहुंच जाए लेकिन बच्चे को न यूनिफार्म मिले, न किताबें।

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
UttarPradesh
Yogi Adityanath
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • AUKUS May put NATO’s Future into Question
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    नाटो के भविष्य को संकट में डाल सकता है एयूकेयूएस 
    25 Sep 2021
    इस डील के परिणामस्वरूप दो ऐतिहासिक साझीदारों, अमेरिका एवं फ्रांस के संबंधों में गंभीर दरार आ गई है। इससे नाटो को भी आनुषांगिक रूप से घाटा हो सकता है।
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु के मछुआरे समुद्री मत्स्य उद्योग विधेयक के ख़िलाफ़ अपना विरोध तेज़ करेंगे
    25 Sep 2021
    मछुआरे समुदाय का आरोप है कि विधेयक और ब्ल्यू इकॉनमी मसौदा नीति कॉर्पोरेट संस्थाओं के हितों का पक्षपोषण करती है।
  • Afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या शांति की ओर बढ़ रहा है अफ़ग़ानिस्तान?
    25 Sep 2021
    अफ़गान अर्थव्यवस्था को उबारने में चीन की तत्परता एक बिल्कुल नया कारक है। अब बाइडेन प्रशासन अफ़गानिस्तान और मध्य एशिया में और अधिक उलझावों में शामिल नहीं होना चाहता है, इन हालत में अफ़गानिस्तान के पड़ोसी…
  • Kannur University
    सुचिंतन दास
    नहीं पढ़ने का अधिकार
    25 Sep 2021
    नफ़रत और कट्टरता से भरी बातों को पढ़ने से इनकार कर के कन्नूर विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस सिलेबस की समीक्षा करने और इसके ज़रिये शासन की विस्तारात्मक नीति का  विरोध कर अहम राजनीतिक कार्य को अंजाम…
  • Harshil farmers
    वर्षा सिंह
    हर्षिल के सेब किसानों की समस्याओं का हल क्यों नहीं ढूंढ पायी उत्तराखंड सरकार
    25 Sep 2021
    हर्षिल के काश्तकारों ने इस महोत्सव का सीधे तौर पर बायकॉट कर दिया। महोत्सव शुरू होने के चार रोज़ पहले से ही हर्षिल में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया था। महोत्सव के दिन हर्षिल में किसानों ने ढोल-दमाऊं जैसे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License