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कार्टून क्लिक : क्या अब कुछ वास्तविक बचा है!
इस कोरोना संकट में जब सबको वास्तविक मदद की ज़रूरत है, सरकार वर्चुअल यानी आभासी पर ज़ोर दे रही है। वैसे ये सिलसिला 2014 में ही शुरू हो गया था और 2014 के आभासी अच्छे दिन और 15 लाख के बाद इस साल आभासी राहत पैकेज के साथ अब आभासी रैली भी शुरू कर दी गई है।
आज का कार्टून
09 Jun 2020
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इस कोरोना संकट में जब सबको वास्तविक मदद की ज़रूरत है, सरकार वर्चुअल यानी आभासी पर ज़ोर दे रही है। वैसे ये सिलसिला 2014 में ही शुरू हो गया था और 2014 के आभासी अच्छे दिन और 15 लाख के बाद इस साल 2020 में मोदी सरकार 2.O ने 20 लाख करोड़ का आभासी राहत पैकेज देने के साथ अब आभासी रैली भी शुरू कर दी है। जी हां, रविवार, 7 जून को हुई बिहार में पहली वर्चुअल चुनावी रैली में देश के गृहमंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ी-बड़ी बातें कीं। हालांकि अमित शाह की इस ‘वर्चुअल रैली’ के बरअक्स राज्य के विभिन्न जिलों में वामपंथी कार्यकर्ताओं ने ‘आभासी रैली नहीं, राशन रोज़गार की गारंटी करो’ के नारे लगाते हुए धरना प्रदर्शन किये और राजद व कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने ग़रीब अधिकार दिवस मनाया।

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