NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: चुनाव कार्यक्रम गोपनीय होता है, लेकिन हम सब जानते हैं!
हमारे देश में किसी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा निर्वाचन आयोग का अधिकार है और इसे काफ़ी गोपनीय माना जाता है। लेकिन पिछले काफी समय से नेता ख़ासकर सत्तारूढ़ दल के नेता इसे लेकर काफ़ी सटीक भविष्यवाणी करते रहे हैं।
आज का कार्टून
23 Feb 2021
cartoon click

हमारे देश में किसी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा निर्वाचन आयोग का अधिकार है और इसे काफ़ी गोपनीय माना जाता है। लेकिन पिछले काफी समय से नेता ख़ासकर सत्तारूढ़ दल के नेता इसे लेकर काफ़ी सटीक भविष्यवाणी करते रहे हैं। कई बार तो यह भी आरोप लगे हैं कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की रैली के लिए चुनाव की तारीख़ों की घोषणा अचानक टाल दी गई। दरअसल चुनाव तारीख़ों या कार्यक्रम का ऐलान होते ही उस राज्य में आचार संहिता लागू हो जाती है तो और फिर सरकार कोई विकास या अन्य कोई योजना घोषित नहीं कर सकती है, ताकि मतदाता को प्रभावित न किया जा सके। लेकिन हर सरकार चाहती है कि ऐन चुनाव से पहले वो जल्दी जल्दी कुछ लोकलुभावन घोषणाएं कर दे, कुछ उद्घाटन और कुछ शिलान्यास कर दे ताकि चुनाव में वोटों का लाभ हो सके।

इस साल अप्रैल-मई में देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए चुनाव आयोग मार्च के पहले हफ्ते में ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। इसके संकेत और किसी ने नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिए हैं। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को असम में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ये संकेत दिए हैं। तो अब तय जानिए कि मार्च के पहले सप्ताह में चार या पांचों राज्यों में चुनाव की तारीख़ों की घोषणा होने जा रही है।

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
election commission of India
BJP
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • ganguli and kohli
    लेस्ली ज़ेवियर
    कोहली बनाम गांगुली: दक्षिण अफ्रीका के जोख़िम भरे दौरे के पहले बीसीसीआई के लिए अनुकूल भटकाव
    19 Dec 2021
    दक्षिण अफ्रीका जाने के ठीक पहले सौरव गांगुली बनाम विराट कोहली की टसल हमारी टीवी पर तैर रही है। यह टसल जितनी वास्तविक है, यह इस तथ्य पर पर्दा डालने के लिए भी मुफ़ीद है कि भारतीय टीम ऐसे देश का दौरा कर…
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    चुनावी चक्रम: लाइट-कैमरा-एक्शन और पूजा शुरू
    19 Dec 2021
    सरकार जी उतनी गंभीरता, उतना दिमाग सरकार चलाने में नहीं लगाते हैं जितना पूजा-पाठ करने में लगाते हैं। यह पूजा-पाठ चुनाव से पहले तो और भी अधिक बढ़ जाता है। बिल्कुल ठीक उसी तरह, जिस तरह से किसी ऐसे छात्र…
  • teni
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे : जयपुर में मौका चूके राहुल, टेनी को कब तक बचाएगी भाजपा और अन्य ख़बरें
    19 Dec 2021
    सवाल है कि अजय मिश्र को कैसे बचाया जाएगा? क्या एसआईटी की रिपोर्ट के बाद भी उनका इस्तीफा नहीं होगा और उन पर मुकदमा नहीं चलेगा?
  • amit shah
    अजय कुमार
    अमित शाह का एक और जुमला: पिछले 7 सालों में नहीं हुआ कोई भ्रष्टाचार!
    19 Dec 2021
    यह भ्रष्टाचार ही भारत के नसों में इतनी गहराई से समा चुका है जिसकी वजह से देश का गृह मंत्री मीडिया के सामने खुल्लम-खुल्ला कह सकता है कि पिछले 7 सालों में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ।
  • A Critique of Capitalism’s Obscene Wealth
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    पूंजीवाद की अश्लील-अमीरी : एक आलोचना
    19 Dec 2021
    पूंजीवादी दुनिया में लगभग हर जगह ग़ैर-अमीर ही सबसे ज़्यादा कर चुकाते हैं और अश्लील-अमीरों की कर चोरी के कारण सार्वजनिक सेवाओं में होने वाली कटौतियों की मार बर्दाश्त करते रहते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License