NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: ...हमारी मौत की उनको ख़बर भी नहीं
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान मारे गए मज़दूरों के संदर्भ में आंकड़ा सरकार के पास उपलब्ध नहीं है।
आज का कार्टून
15 Sep 2020
cartoon click

यह दौर ऐसा है कि “हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी/ कुछ हमारी ख़बर नहीं आती”। शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने अपने अंदाज़ में यह शेर कहा था लेकिन ये आज के हालात पर बिल्कुल सटीक बैठता है। हमारी सरकारों को हमारी हरेक हरकत की ख़बर है, बस हमारे दुख-दर्द की ख़बर नहीं है। सत्तारूढ़ पार्टी को चुनाव और मतदाताओं की हरेक ख़बर है बस उनकी ज़रूरतों की नहीं। इसी तरह मीडिया को कंगना और सुशांत मामले में हरेक ख़बर है बस बेरोज़गारी और जीडीपी की नहीं।

यही मज़दूरों की मौत के मामले में हुआ। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान मारे गए मजदूरों के संदर्भ में आंकड़ा सरकार के पास उपलब्ध नहीं है।

दरअसल संगीता कुमारी सिंह देव, भोला सिंह, कलानिधि वीरस्वामी तथा कुछ अन्य सदस्यों ने सवाल किया था कि क्या लॉकडाउन के दौरान हजारों मजदूरों की मौत हो गई और अगर ऐसा है तो उसका विवरण दें। लेकिन सरकार ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है।

इसी पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि श्रमिकों की मौत होना सभी ने देखा, लेकिन सरकार को इसकी खबर नहीं हुई।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मज़दूर मरे और कितनी नौकरियां गयीं।’’

कांग्रेस नेता ने शायराना अंदाज में तंज किया, ‘‘तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई? हां मगर दुख है सरकार पे असर ना हुआ, उनका मरना देखा ज़माने ने, एक मोदी सरकार है जिसे ख़बर ना हुई।’’

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
Narendra modi
BJP
Congress
Rahul Gandhi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License