NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक : “कृपया आत्मनिर्भर बनें, कल से नौकरी पर न आएं”
ख़बर है कि विविध क्षेत्रों में कार्यरत वित्तीय सेवा समूह इंडियाबुल्स ग्रुप ने अपने करीब 2,000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल पर नौकरी से निकाल दिया है। अभी पिछले दिनों ख़बर आई थी कि कंपनी से इन कर्मचारियों से इस्तीफा देने को कहा था। हालांकि, समूह की ओर से सफाई भी आई थी कि यह छंटनी की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वार्षिक आधार पर कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के चक्र यानी एट्रिशन का हिस्सा है।
आज का कार्टून
26 May 2020
cartoon click

ख़बर है कि विविध क्षेत्रों में कार्यरत वित्तीय सेवा समूह इंडियाबुल्स ग्रुप ने अपने करीब 2,000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल पर नौकरी से निकाल दिया है। अभी पिछले दिनों ख़बर आई थी कि कंपनी से इन कर्मचारियों से इस्तीफा देने को कहा था। हालांकि, समूह की ओर से सफाई भी आई थी कि यह छंटनी की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वार्षिक आधार पर कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के चक्र यानी एट्रिशन का हिस्सा है।
कर्नाटक में कांग्रेस के सोशल मीडिया हेड रहे श्रीवत्स ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि “इंडिया बुल्स ने अपने 2000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल द्वारा नौकरी से निकाल दिया है।” ट्वीट में यह भी बताया गया है कि इंडिया बुल्स ने पीएम केयर फंड में 21 करोड़ रुपए दान किए हैं। साल 2014 से इंडिया बुल्स भाजपा को डोनेशन के रुप में करोड़ो रुपए दे चुकी है। ट्वीट के अनुसार, 2000 परिवार परेशान हैं लेकिन अगर आप इस पर सवाल उठाते हैं तो आपके खिलाफ एफआईआर कर दी जाएगी।

इंडिया बुल्स में करीब 26 हजार कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें तीन महीने का नोटिस दिए बिना नौकरी से निकाला है। पता चला है कि जो कर्मचारी नौकरी छोडऩे के लिए तैयार नहीं हुए हैं, उन्हें कंपनी ने दूर-दराज के इलाकों में ट्रांसफर कर दिया है। इन नए आरोपों पर इंडिया बुल्स की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

cartoon click
cartoon
Atamnirbhar Bharat
Financial Services Group Indiabulls Group
PM fund
PM CARES fund

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!

आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!


बाकी खबरें

  • मैथिली शिवरामन
    मैथिली शिवरामन
    चिल्ड्रन ऑफ़ डार्कनेस : मैथिली शिवरामन
    31 May 2021
    मैथिली शिवरामन, लिंगों के बीच और समुदायों के भीतर समानता की प्रखर सेनानी, मायूसी के साथ लिखती हैं कि जातिवाद लोगों के जनसमूह को पैदा करता है। इसे ‘हॉन्टेड बाय फ़ायर’ से लिया गया है: जो जाति, वर्ग,…
  • दुनिया बीमारी से ख़त्म नहीं होगी
    अजय सिंह
    दुनिया बीमारी से ख़त्म नहीं होगी
    31 May 2021
    दुनिया ख़त्म होगी प्यार के घटते जलस्तर से। नफ़रत व इस्लामोफ़ोबिया के सैलाब से, जो लगातार उमड़ता चला आ रहा है...
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: नए मामलों में कमी लेकिन मरने वालों की संख्या रोज़ाना अभी भी 3 हज़ार से ज़्यादा
    31 May 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,52,734 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 7.22 फ़ीसदी यानी 20 लाख 26 हज़ार 92 हो गयी है।
  • wealth redistribution
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    हमें धन के वितरण और उसके लोकतंत्रीकरण की ज़रूरत क्यों है?
    31 May 2021
    अमेरिकी पूंजीवादी मॉडल ख़ुदगर्ज़ी और विद्वेष को पोषित करता है
  • media with spine
    भाषा सिंह
    हिंदी पत्रकारिता दिवस: अपनी बिरादरी के नाम...
    30 May 2021
    आज न तो सियापा करने का दिन है और न ही जश्न मनाने का। आज, अपने काम, लेखनी व बोली की वकत जानने और इसकी ज़रूरत को पहचाने का दिन है। ...वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह का आलेख
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License