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कार्टून क्लिक : “कृपया आत्मनिर्भर बनें, कल से नौकरी पर न आएं”
ख़बर है कि विविध क्षेत्रों में कार्यरत वित्तीय सेवा समूह इंडियाबुल्स ग्रुप ने अपने करीब 2,000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल पर नौकरी से निकाल दिया है। अभी पिछले दिनों ख़बर आई थी कि कंपनी से इन कर्मचारियों से इस्तीफा देने को कहा था। हालांकि, समूह की ओर से सफाई भी आई थी कि यह छंटनी की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वार्षिक आधार पर कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के चक्र यानी एट्रिशन का हिस्सा है।
आज का कार्टून
26 May 2020
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ख़बर है कि विविध क्षेत्रों में कार्यरत वित्तीय सेवा समूह इंडियाबुल्स ग्रुप ने अपने करीब 2,000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल पर नौकरी से निकाल दिया है। अभी पिछले दिनों ख़बर आई थी कि कंपनी से इन कर्मचारियों से इस्तीफा देने को कहा था। हालांकि, समूह की ओर से सफाई भी आई थी कि यह छंटनी की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वार्षिक आधार पर कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के चक्र यानी एट्रिशन का हिस्सा है।
कर्नाटक में कांग्रेस के सोशल मीडिया हेड रहे श्रीवत्स ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि “इंडिया बुल्स ने अपने 2000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल द्वारा नौकरी से निकाल दिया है।” ट्वीट में यह भी बताया गया है कि इंडिया बुल्स ने पीएम केयर फंड में 21 करोड़ रुपए दान किए हैं। साल 2014 से इंडिया बुल्स भाजपा को डोनेशन के रुप में करोड़ो रुपए दे चुकी है। ट्वीट के अनुसार, 2000 परिवार परेशान हैं लेकिन अगर आप इस पर सवाल उठाते हैं तो आपके खिलाफ एफआईआर कर दी जाएगी।

इंडिया बुल्स में करीब 26 हजार कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें तीन महीने का नोटिस दिए बिना नौकरी से निकाला है। पता चला है कि जो कर्मचारी नौकरी छोडऩे के लिए तैयार नहीं हुए हैं, उन्हें कंपनी ने दूर-दराज के इलाकों में ट्रांसफर कर दिया है। इन नए आरोपों पर इंडिया बुल्स की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Atamnirbhar Bharat
Financial Services Group Indiabulls Group
PM fund
PM CARES fund

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License