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भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: ...दो गज़ की दूरी, कैग के लिए भी ज़रूरी!
कोरोना वायरस से बचाव के लिए दो गज़ दूरी का जो सुझाव या निर्देश था, लगता है उसे कैग ने भी बड़ी संज़ीदगी से निभाया है। वरना मनमोहन सरकार में हर रोज़ सुर्खियों में रहने वाला कैग मोदी सरकार में इतना ख़ामोश न दिखता!
आज का कार्टून
08 Mar 2021
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भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक यानी कैग की ऑडिट रिपोर्ट की संख्या साल-दर-साल कम होती जा रही है। जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के अनुसार न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट कहती है कि पिछले पांच साल में कैग की ऑडिट रिपोर्ट की संख्या 55 से 14 तक गिर गई। इसका खुलासा एक आरटीआई के जवाब से हुआ है। इसके अनुसार डिफेंस ऑडिट की स्थिति तो और भी ख़राब है। 2017 में इनकी तादाद 8 थी तो पिछले साल ये शून्य तक पहुंच गई। रेलवे ऑडिट की भी स्थिति अच्छी नहीं है। कैग का काम यह पता लगना है कि सरकारी पैसे का इस्तेमाल नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। आपको ध्यान रखना होगा कि कैग की रिपोर्ट के चलते ही यूपीए शासन में 2जी, कोल ब्लॉक और आदर्श सोसायटी जैसे घोटाले सामने आए थे। जिनके चलते मनमोहन सरकार की छवि को गहरा धक्का लगा था। इसी के चलते लोकपाल की मांग तेज़ हुई थी और अन्ना आंदोलन चला था। और अंतत: इस सबके चलते मनमोहन सरकार को जाना पड़ा। 

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CAG
BJP
Congress
Narendra modi

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