NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: ...दो गज़ की दूरी, कैग के लिए भी ज़रूरी!
कोरोना वायरस से बचाव के लिए दो गज़ दूरी का जो सुझाव या निर्देश था, लगता है उसे कैग ने भी बड़ी संज़ीदगी से निभाया है। वरना मनमोहन सरकार में हर रोज़ सुर्खियों में रहने वाला कैग मोदी सरकार में इतना ख़ामोश न दिखता!
आज का कार्टून
08 Mar 2021
cartoon

भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक यानी कैग की ऑडिट रिपोर्ट की संख्या साल-दर-साल कम होती जा रही है। जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के अनुसार न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट कहती है कि पिछले पांच साल में कैग की ऑडिट रिपोर्ट की संख्या 55 से 14 तक गिर गई। इसका खुलासा एक आरटीआई के जवाब से हुआ है। इसके अनुसार डिफेंस ऑडिट की स्थिति तो और भी ख़राब है। 2017 में इनकी तादाद 8 थी तो पिछले साल ये शून्य तक पहुंच गई। रेलवे ऑडिट की भी स्थिति अच्छी नहीं है। कैग का काम यह पता लगना है कि सरकारी पैसे का इस्तेमाल नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। आपको ध्यान रखना होगा कि कैग की रिपोर्ट के चलते ही यूपीए शासन में 2जी, कोल ब्लॉक और आदर्श सोसायटी जैसे घोटाले सामने आए थे। जिनके चलते मनमोहन सरकार की छवि को गहरा धक्का लगा था। इसी के चलते लोकपाल की मांग तेज़ हुई थी और अन्ना आंदोलन चला था। और अंतत: इस सबके चलते मनमोहन सरकार को जाना पड़ा। 

cartoon
cartoon click
Irfan ka cartoon
CAG
BJP
Congress
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • जम्मू-कश्मीर: मनमानी करने वाली युवा आईएएस से स्थानीय लोग नाराज़
    राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर: मनमानी करने वाली युवा आईएएस से स्थानीय लोग नाराज़
    28 Jun 2021
    अपनी भर्ती के बाद से आईएएस अधिकारियों को नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभानी होती हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र खाद्य प्रणाली शिखर सम्मेलन: भारत पर इसका असर और नागरिक समाज के बहिष्कार का कारण
    दित्सा भट्टाचार्य
    संयुक्त राष्ट्र खाद्य प्रणाली शिखर सम्मेलन: भारत पर इसका असर और नागरिक समाज के बहिष्कार का कारण
    28 Jun 2021
    “विश्व आर्थिक मंच (WEF) के उन मंचों में लोकतांत्रिक वैधता की कमी है, जिनसे बहुत सारे लोगों के हितों पर असर पड़ता है और इस कमी से पार पाने के बजाय अंतर्राष्ट्रीय निगमों (TNC) और वैश्विक वित्तीय पूंजी…
  • बिहार : मेरिट लिस्ट घोटाला के ख़िलाफ़ नौजवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने मानी गलती
    अनिल अंशुमन
    बिहार : मेरिट लिस्ट घोटाला के ख़िलाफ़ नौजवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने मानी गलती
    28 Jun 2021
    25 जून की शाम इनौस व आइसा के माले विधयाकों तथा आन्दोलनकारी शिक्षक अभ्यर्थी प्रतिनिधियों से हुई वार्ता में राज्य के शिक्षा मंत्री को यह स्वीकारना पड़ा कि मेरिट लिस्ट में घोटाला हुआ है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कैसे एक अच्छे न्यायिक पल को दर्दनाक बना दिया
    आशीष गोयल
    सुप्रीम कोर्ट ने कैसे एक अच्छे न्यायिक पल को दर्दनाक बना दिया
    28 Jun 2021
    अदालत ने कहा कि तीनों छात्रों के ख़िलाफ़ दायर आरोपपत्र में ऐसी कोई सामग्री नहीं है जिसके आधार पर आतंकवाद के आरोप का अनुमान लगाया जा सके।
  • कोविड-19: महामारी के बाद हमारा पर्यायवास कैसा होगा?
    टिकेंदर सिंह पंवार
    कोविड-19: महामारी के बाद हमारा पर्यायवास कैसा होगा?
    28 Jun 2021
    ‘एक स्थायी पर्यायवास अभिशासन के मॉडल को जन-भागीदारी और उनकी सहभागिता से जोड़ा जाना चाहिए। इसे निश्चित रूप से विकेंद्रीकृत एवं लोकतांत्रिक बनाये जाने की आवश्यकता है। लोगों को उनके शहरी भविष्य को तय…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License