NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी कांड : एसआईटी ने दाखिल किया 5000 पन्नों का आरोप पत्र
आपको बता दें कि 3 अक्टूबर, 2021 को गाड़ियों से कुचलकर चार किसानों की जान लेने के मामले में एसआईटी को 90 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल करना था। आज आख़िरी ही दिन था। इसका स्वागत किया जाना चाहिए...हालांकि हो सकता है कि पांच हज़ार पन्ने पढ़ने में ही यूपी के चुनाव निकल जाएं...
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
03 Jan 2022
cartoon

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष समेत सभी 14 अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एस पी यादव ने यहां बताया कि एसआईटी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिंताराम की अदालत में 5,000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।

उन्होंने बताया कि यह आरोप पत्र पिछले साल तीन अक्टूबर को गाड़ियों से कुचलकर चार किसानों की कथित रूप से हत्या किए जाने के मामले से संबंधित है। इसमें वीरेंद्र शुक्ल नामक एक और आरोपी का नाम शामिल किया गया है। इस तरह मामले के अभियुक्तों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

यादव ने बताया कि इस मामले में मुख्य अभियुक्त आशीष के साथ-साथ अंकित दास, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, लतीफ उर्फ काले, शेखर भारती, सुमित जायसवाल, आशीष पांडे, लवकुश राणा, शिशुपाल, उल्लास कुमार उर्फ मोहित त्रिवेदी, रिंकू राणा तथा धर्मेंद्र बंजारा नामक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

यादव ने बताया कि इस मामले में एसआईटी को 90 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल करना था।

इस हिसाब से आज आरोप पत्र दाख़िल करने का आख़िरी ही दिन था। इसका स्वागत किया जाना चाहिए...हालांकि हो सकता है कि पांच हज़ार पन्ने पढ़ने में ही यूपी के चुनाव निकल जाएं...

गौरतलब है कि पिछले साल तीन अक्टूबर को लखीमपुर जिले के तिकुनिया क्षेत्र में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के किसानों द्वारा विरोध के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसानों की हत्या के मामले में गृह राज्य मंत्री का बेटा आशीष मुख्य अभियुक्त है।

cartoon click
Irfan ka cartoon
Lakhimpur massacre
Lakhimpur Kheri case
sit

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License