NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन से हार स्वीकार करने से एक बार फिर किया इनकार
ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘मैं चुनाव जीत गया हूं।’ इस ट्वीट पर सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर द्वारा फ्लैग का निशान लगाकर लिखा गया कि ‘आधिकारिक सूत्रों ने इस चुनाव पर अलग तरीके से टिप्पणी की है।’
भाषा
17 Nov 2020
cartoon click

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन से हार स्वीकार करने से एक बार फिर इनकार किया और इस बात पर जोर दिया कि गत तीन नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने ‘जीत’ दर्ज की है। ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘मैं चुनाव जीत गया हूं।’ इस ट्वीट पर सोशल नेटवर्किंग साइट द्वारा फ्लैग का निशान लगाकर लिखा गया कि ‘आधिकारिक सूत्रों ने इस चुनाव पर अलग तरीके से टिप्पणी की है।’

रिपब्लिकन पार्टी के ट्रंप ने चुनाव में धांधली के निराधार दावों को दोहराते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘वह चुनाव जीत गए क्योंकि चुनाव में धांधली हुई थी।’ पिछले सप्ताह मुख्यधारा के मीडिया ने बाइडन को 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों में से अनिवार्य 270 से अधिक पर जीत दर्ज करने के बाद 77 वर्षीय पूर्व उप राष्ट्रपति को चुनाव का विजेता घोषित कर दिया था।

हालांकि, ट्रंप ने चुनाव में हार स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने जीत हासिल की है। ट्रंप के पास 232 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं और उन्होंने पेनसिल्वेनिया, नेवादा, मिशिगन, जॉर्जिया और ऐरिजोना समेत अनेक राज्यों में चुनाव परिणामों को चुनौती दी है। उन्होंने विस्कोन्सिन में पुन: गणना की भी मांग की है।

उन्होंने प्रमुख प्रांतों में वाद दायर किये हैं लेकिन धोखाधड़ी के अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
America
Donand Trump
Joe Biden

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License