NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक : ‘लीव विदाउट पे’ मतलब- न आप घर के रहे न घाट के!
कुल मिलाकर न आपको नौकरी से निकाला जाएगा और न नौकरी पर रखा जाएगा। यानी आपको बीच में लटका दिया जाएगा। त्रिशंकु की तरह।
आज का कार्टून
25 Jul 2020
cartoon click

इस कोरोना और लॉकडाउन के संकट में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां जा रही हैं या वेतन कटौती हो रही है। इस बीच लीव विदाउट पे का तरीका भी बड़े ज़ोर शोर से आज़माया जा रहा है। यानी बिना तनख़्वाह के छुट्टी पर भेजना। यानी आपसे कहा जाएगा कि आप छुट्टी पर घर रहें, जब ज़रूरत होगी तब बुला लिया जाएगा और हां इस दौरान का वेतन आपको नहीं मिलेगा। कुल मिलाकर न आपको नौकरी से निकाला जाएगा और न नौकरी पर रखा जाएगा। यानी आपको बीच में लटका दिया जाएगा। और ये सिर्फ दो-चार दिन के लिए नहीं, बल्कि पांच-पांच साल के लिए लीव विदाउट पे का प्रस्ताव दिया जा रहा है।

ये कोई ख़ामख़्याली नहीं बल्कि आपको मालूम होना चाहिए कि राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने कर्मचारियों को 6 महीने से 2 साल तक की लीव विदाउट पे देने की योजना को मंजूरी दे दी है, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

इस फार्मूले से मालिक पर छंटनी का भी आरोप नहीं लगा। उसपर न कोई श्रम कानून लागू होगा, न उसे आपको कोई कंपनसेशन यानी मुआवज़ा या क्षतिपूर्ति देनी होगी। इस तरह न आप नौकरी में रहेंगे और न बेरोज़गार। यानी आप दूसरी जगह नौकरी भी मांगने नहीं जा सकते। अगर जाएंगे तो पहली नौकरी अपने आप छोड़ने के दोषी होंगे और कोई भी मुआवज़ा के हक़दार नहीं। हिन्दी में समझाया जाए तो लीव विदाउट पे का मतलब है कि आप न घर के रहेंगे न घाट के!

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
unemployment
Leave without pay

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं


बाकी खबरें

  • भाषा
    कांग्रेस की ‘‘महंगाई मैराथन’’ : विजेताओं को पेट्रोल, सोयाबीन तेल और नींबू दिए गए
    30 Apr 2022
    “दौड़ के विजेताओं को ये अनूठे पुरस्कार इसलिए दिए गए ताकि कमरतोड़ महंगाई को लेकर जनता की पीड़ा सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं तक पहुंच सके”।
  • भाषा
    मप्र : बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद दो छात्राओं ने ख़ुदकुशी की
    30 Apr 2022
    मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया था।
  • भाषा
    पटियाला में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं, तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला
    30 Apr 2022
    पटियाला में काली माता मंदिर के बाहर शुक्रवार को दो समूहों के बीच झड़प के दौरान एक-दूसरे पर पथराव किया गया और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बर्बादी बेहाली मे भी दंगा दमन का हथकंडा!
    30 Apr 2022
    महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन जैसे मसले अपने मुल्क की स्थायी समस्या हो गये हैं. ऐसे गहन संकट में अयोध्या जैसी नगरी को दंगा-फसाद में झोकने की साजिश खतरे का बड़ा संकेत है. बहुसंख्यक समुदाय के ऐसे…
  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर: बढ़ रहे हैं जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले, नहीं मिल रहा उचित मुआवज़ा
    30 Apr 2022
    जम्मू कश्मीर में आम लोग नौकरशाहों के रहमोकरम पर जी रहे हैं। ग्राम स्तर तक के पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर जिला विकास परिषद सदस्य अपने अधिकारों का निर्वहन कर पाने में असमर्थ हैं क्योंकि उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License