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कार्टून क्लिक : ‘लीव विदाउट पे’ मतलब- न आप घर के रहे न घाट के!
कुल मिलाकर न आपको नौकरी से निकाला जाएगा और न नौकरी पर रखा जाएगा। यानी आपको बीच में लटका दिया जाएगा। त्रिशंकु की तरह।
आज का कार्टून
25 Jul 2020
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इस कोरोना और लॉकडाउन के संकट में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां जा रही हैं या वेतन कटौती हो रही है। इस बीच लीव विदाउट पे का तरीका भी बड़े ज़ोर शोर से आज़माया जा रहा है। यानी बिना तनख़्वाह के छुट्टी पर भेजना। यानी आपसे कहा जाएगा कि आप छुट्टी पर घर रहें, जब ज़रूरत होगी तब बुला लिया जाएगा और हां इस दौरान का वेतन आपको नहीं मिलेगा। कुल मिलाकर न आपको नौकरी से निकाला जाएगा और न नौकरी पर रखा जाएगा। यानी आपको बीच में लटका दिया जाएगा। और ये सिर्फ दो-चार दिन के लिए नहीं, बल्कि पांच-पांच साल के लिए लीव विदाउट पे का प्रस्ताव दिया जा रहा है।

ये कोई ख़ामख़्याली नहीं बल्कि आपको मालूम होना चाहिए कि राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने कर्मचारियों को 6 महीने से 2 साल तक की लीव विदाउट पे देने की योजना को मंजूरी दे दी है, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

इस फार्मूले से मालिक पर छंटनी का भी आरोप नहीं लगा। उसपर न कोई श्रम कानून लागू होगा, न उसे आपको कोई कंपनसेशन यानी मुआवज़ा या क्षतिपूर्ति देनी होगी। इस तरह न आप नौकरी में रहेंगे और न बेरोज़गार। यानी आप दूसरी जगह नौकरी भी मांगने नहीं जा सकते। अगर जाएंगे तो पहली नौकरी अपने आप छोड़ने के दोषी होंगे और कोई भी मुआवज़ा के हक़दार नहीं। हिन्दी में समझाया जाए तो लीव विदाउट पे का मतलब है कि आप न घर के रहेंगे न घाट के!

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Leave without pay

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