NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: ये पब्लिक है, सब जानती है!
मोदी-योगी पूर्वांचल एक्सप्रेस श्रेय लेना चाहते हैं तो अखिलेश उन्हें घेर रहे हैं और कह रहे हैं कि भाजपा दूसरों के काम का श्रेय ले रही है। इसपर मोदी जी वार कर रहेें हैं। कह रहे हैं कि "वो योगी जी की सफलता नहीं देख पा रहे हैं। ’’ हालांकि मोदी जी कुछ भी कहें लेकिन प्रदेश की जनता सब हक़ीक़त जानती है। यह भी जानती है कि अब चुनाव आ गए हैं। 
आज का कार्टून
16 Nov 2021
cartoon

सुल्तानपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। इसके बाद एक रैली की, जिसमें काफी समय पहले की सरकारों पर निशाना साधने में बिताया। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में जिस तरह की राजनीति हुई, जिस तरह लंबे समय तक सरकारें चलीं, उन्होंने उत्तर प्रदेश के संपूर्ण विकास पर ध्यान ही नहीं दिया।’’ 

मोदी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के एक क्षेत्र को माफियावाद और यहां के नागरिकों को गरीबी के हवाले कर दिया गया था। मुझे खुशी है कि आज यही क्षेत्र विकास का एक नया अध्याय लिख रहा है।’’ मोदी ने राज्य के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को ऊर्जावान और कर्मयोगी मुख्यमंत्री बताते हुए उन्हें और उनकी टीम और उत्तर प्रदेश के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में पिछले मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में विकास उन जगहों तक सीमित था जहां उनके घर, परिवार थे लेकिन वर्तमान सरकार पूर्वी क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी विकास का काम कर रही है।’’

मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास का एक्सप्रेस-वे है, यह एक्सप्रेस-वे राज्य की प्रगति का एक्सप्रेस-वे है, यह एक्सप्रेस-वे राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का एक्सप्रेस-वे है। उन्होंने कहा, ‘‘पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य पर जरा भी संदेह हो तो वह यहां सुल्तानपुर में आकर राज्य का सामर्थ्य देख सकता है। जहां चार साल पहले सिर्फ जमीन थी, वहां पर इतना आधुनिक एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। जब तीन साल पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था तो यह नहीं सोचा था कि उसी एक्‍सप्रेस-वे पर विमान से मैं खुद उतरुंगा।’’
   
प्रधानमंत्री ने यहां राज्य की राजधानी लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ने वाले छह लेन एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। इसका निर्माण 22,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। रैली को उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व मोदी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने के लिए भारतीय वायुसेना के सी-130 हरक्यूलिस विमान से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हवाई पट्टी पर उतरे।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य लोगों ने हवाई पट्टी पर प्रधानमंत्री की अगवानी की। लड़ाकू विमानों को आपात स्थिति में उतारने की सुविधा के लिए एक्सप्रेस-वे पर 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण किया गया है। हवाई पट्टी स्थल से प्रधानमंत्री सुखोई, मिराज समेत भारतीय वायुसेना के विभिन्न विमानों का ‘एयर शो’ देखेंगे।   

उधर, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी भाजपा पर तीखा निशाना साधा। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को फि‍िर दावा किया कि सपा के काम का श्रेय लेने के लिए ‘खिचम-खिंचाई’ मची है जबकि राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तंज कसते हुए पलटवार किया कि अखिलेश प्रदेश के विकास से ख़ुश होने की जगह दुखी हो गये हैं। 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को लेकर अखिलेश यादव के श्रेय लेने के बयान पर मोदी जी भी बोले। उन्होंने कहा कि ‘‘डबल इंजन सरकार से लोगों को लाभ मिलता है तो कुछ आपा खोते जा रहे हैं, उनका विचलित होना स्वाभाविक है। जो अपने समय में असफल रहें वो योगी जी की सफलता नहीं देख पा रहे हैं। जो सफलता देख नहीं पा रहे वो सफलता कैसे पचा पाएंगे।’’

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कहें प्रदेश की जनता सब हकीकत जानती है। कहते भी हैं कि ये पब्लिक है सब जानती है।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
Purvanchal Expressway
Purvanchal Expressway inauguration
Narendra modi
Yogi Adityanath
UP ELections 2022

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License