NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: निवेश-विनिवेश सब ठीक है, पहले मुद्दे पर आइए सरकार…!
पीएम केयर्स फंड को लेकर कई गंभीर सवाल हैं, लेकिन किसी का भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
आज का कार्टून
13 Jul 2020
cartoon click

पीएम केयर्स फंड को लेकर कई गंभीर सवाल हैं, लेकिन किसी का भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। इसी को लेकर कार्टूनिस्ट इरफ़ान व्यंग्य कर रहे हैं। आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय से वित्तीय सलाहकार के पद से सेवानिवृत्त हुए सुधांशु मोहंती ने भी न्यूज़क्लिक के साथ विशेष चर्चा में कहा था कि प्रधानमंत्री सिटिज़न असिस्टेंस एंड रिलीफ़ इन इमरजेंसी सिचुएशन्स (PM CARES) फंड की कोई ज़रूरत नहीं थीI उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों का इसमें योगदान अपनी मर्ज़ी से नहीं है वो ज़बरदस्ती करवाया जा रहा है, जिससे ये बहुत हद तक मुग़लिया शासन में ग़ैर-मुसलमानों पर लगाया जाने वाला जज़िया कर जैसा हैI उनका ये भी मानना है कि इस फंड का उद्देश्य केवल एक व्यक्ति को मसीहा के रूप में प्रसिद्ध करना है और वह व्यक्ति है नरेंद्र मोदीI

इसे देखें :"PM CARES फंड सरकारी कर्मचारियों पर मुग़लिया जज़िया कर जैसा है"

यह बात इससे भी साबित होती है कि किसी भी तरह की आपदा वाली परिस्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएम एनआरएफ) पहले से काम कर रहा है। ऐसे में पीएम केयर्स फंड की क्या आवश्यकता थी? अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल (एलएचएमसी), वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफ़दरजंग हॉस्पिटल और अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉक्टरों ने पीएम केयर्स फंड में एक दिन का वेतन दान किए जाने पर आपत्ति जताई।

इसे पढ़ें :एम्स, RML सहित कई अस्पतालों के डॉक्टरों ने पीएम केयर्स में पैसे देने से किया मना 

अब गूगल ने घोषणा की है कि वह भारत में गूगल फॉर इंडिया डिजिटाइजेशन फंड के तहत 10 बिलियन (अरब) डॉलर का निवेश करेगा। इसकी घोषणा कंपनी के सालाना गूगल फॉर इंडिया इवेंट के दौरान हुई। इसमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने कहा कि वह भारत में आने वाले 5-7 सालों में 10 अरब डॉलर का निवेश करेंगे।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
PM CARES
PM CARES fund
modi sarkar

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!


बाकी खबरें

  • ऋचा चिंतन
    WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 
    25 Apr 2022
    भारत ने डब्ल्यूएचओ के द्वारा अधिक मौतों का अनुमान लगाने पर आपत्ति जताई है, जिसके चलते इसके प्रकाशन में विलंब हो रहा है।
  • एजाज़ अशरफ़
    निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है
    25 Apr 2022
    जहांगीरपुरी में वृंदा करात के साहस भरे रवैये ने हिंदुत्ववादी विध्वंसक दस्ते की कार्रवाई को रोका था। मुस्लिम और दूसरे अल्पसंख्यकों को अब तय करना चाहिए कि उन्हें किसके साथ खड़ा होना होगा।
  • लाल बहादुर सिंह
    वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव को विभाजनकारी एजेंडा का मंच बनाना शहीदों का अपमान
    25 Apr 2022
    ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध हिन्दू-मुस्लिम जनता की एकता की बुनियाद पर लड़ी गयी आज़ादी के लड़ाई से विकसित भारतीय राष्ट्रवाद को पाकिस्तान विरोधी राष्ट्रवाद (जो सहजता से मुस्लिम विरोध में translate कर…
  • आज का कार्टून
    काश! शिक्षा और स्वास्थ्य में भी हमारा कोई नंबर होता...
    25 Apr 2022
    SIPRI की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार ने साल 2022 में हथियारों पर जमकर खर्च किया है।
  • वसीम अकरम त्यागी
    शाहीन बाग़ की पुकार : तेरी नफ़रत, मेरा प्यार
    25 Apr 2022
    अधिकांश मुस्लिम आबादी वाली इस बस्ती में हिंदू दुकानदार भी हैं, उनके मकान भी हैं, धार्मिक स्थल भी हैं। समाज में बढ़ रही नफ़रत क्या इस इलाक़े तक भी पहुंची है, यह जानने के लिये हमने दुकानदारों,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License