NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा आज ही कर देगी: नीतीश
नीतीश ने मंगलवार को कहा, “आज सुबह ही हमारे डीजीपी (गुप्तेश्वर पांडेय) से उनकी (दिवंगत अभिनेता के पिता की) बातचीत हुई है और उन्होंने अपनी सहमति दे दी है, जिसकी सूचना डीजीपी ने दी तथा तुरंत सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा यहां से जा रही है।”
भाषा
04 Aug 2020
cartoon click

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि दिवंगत बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत के पिता के. के. सिंह की सहमति प्राप्त हो गयी है और अब राज्य सरकार सुशांत के मौत मामले की सीबीआई से जांच की अनुशंसा आज ही कर देगी।

नीतीश ने मंगलवार को कहा, “आज सुबह ही हमारे डीजीपी (गुप्तेश्वर पांडेय) से उनकी (दिवंगत अभिनेता के पिता की) बातचीत हुई है और उन्होंने अपनी सहमति दे दी है, जिसकी सूचना डीजीपी ने दी तथा तुरंत सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा यहां से जा रही है। उसके लिए जो प्रक्रिया है, कर रहे हैं और आज ही मेरे ख्याल से अनुशंसा चली जाएगी।” उन्होंने कहा, ‘‘सुशांत जी के पिता जी ने यहां प्राथमिकी दर्ज करायी थी जिसके आधार पर बिहार पुलिस ने जांच का काम शुरू किया । टीम भी भेजी। यहां से गए आईपीएस अधिकारी के साथ वहां दुर्व्यवहार हुआ।’’ नीतीश ने कहा, ‘‘बिहार पुलिस के साथ वहां बिल्कुल गलत व्यवहार हुआ। जहां भी प्राथमिकी दर्ज होगी, कानूनी रूप से हमारे राज्य की पुलिस की जिम्मेदारी थी और उसके हिसाब से वे जांच के लिए वहां (मुंबई) गए। वहां तो सहयोग करना चाहिए था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सुशांत यहां के थे और उनकी जिस तरह मृत्य हुई है उसको लेकर केवल बिहार ही नहीं पूरे देश के लोगों को चिंता है और सभी लोग इस बात को समझ रहे हैं कि सुशांत जी के साथ निश्चित रूप से अन्याय हुआ है। यह आम धारणा है। ऐसी स्थिति में उनको (मुंबई पुलिस को) जो काम करना चाहिए था, पर कर तो नहीं रहे थे। यहां प्राथमिकी दर्ज होने पर सूचना देकर वहां टीम भेजी गयी है और सूचना देकर गए आईपीएस आधिकारी को क्वारन्टीन किया जाना क्या उचित है?’’

नीतीश ने कहा, ‘‘यह सही बात नहीं। वहां का सहयोग मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा था। हमारे डीजीपी वहां फोन करें और वहां कोई फोन नहीं उठाए तो यह कितना आश्चर्यजनक है। यह खुद हमारे डीजीपी ने मुझे जानकारी दी। तो यह स्थिति है जो कि ठीक नहीं है लेकिन यहां प्राथमिकी होने पर बिहार पुलिस का जांच करना कानूनी कर्तव्य बनता है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या इसको लेकर उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बातचीत हुई, नीतीश ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले में बात ही नहीं हो सकती है। यह तो कोई राजनीतिक विषय नहीं है। यह जिम्मेदारी पुलिस की है और यहां की पुलिस वहां की पुलिस से बात कर रही थी।

उल्लेखनीय है कि 34 वर्षीय सुशांत 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे।

बिहार पुलिस ने सुशांत के दोस्त पिठानी का बयान दर्ज किया

मुंबई: बिहार पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में अभिनेता के दोस्त और रचनात्मक सामग्री प्रबंधक सिद्धार्थ पिठानी का बयान दर्ज किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बिहार पुलिस की एक टीम राजपूत के मौत की छानबीन के सिलसिले में मुंबई आई है। राजपूत के पिता ने पटना में रिया चक्रवर्ती और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ अभिनेता को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है।

अधिकारी ने बताया कि बिहार की पुलिस टीम ने पिठानी को सोमवार की शाम को समन भेजा था और उसका बयान दर्ज किया ।

पुलिस ने पहले बताया था कि वह अभिनेता के साथ पिछले एक साल से रह रहा था।

अधिकारी ने बताया कि बिहार पुलिस ने राजपूत के प्रबंधक दीपेश सावंत का भी बयान दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस अबतक 10 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले, बिहार पुलिस ने राजपूत की बहन, पूर्व प्रेमिका अंकिता लोखंडे, निर्देशक रूमी जाफरी, उनके खानसामे, दोस्त और डॉक्टरों का बयान दर्ज किया था।

मुंबई पुलिस ने भी अनिभेता की मौत के मामले में पिठानी से पूछताछ की थी।

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
sushant singh rajput
bihar police
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License