NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
सरकार की क़ानून वापस न लेने की ज़िद्द बरक़रार, फिर किस पर बातचीत के लिए किसानों को आमंत्रण? 
एक बार फिर उत्तर प्रदेश चुनाव को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन किसानों ने एक बार फिर दोहराया कि बातचीत बिना किसी पूर्व शर्त के होगी।
आज का कार्टून
09 Jul 2021
cartoon

भाजपा सरकार की फसल शायद उसका वोट बैंक है। वह हर समय सारे तिकड़म भिड़ा कर अपने वोट बैंक को बचाने की कोशिश में दिखाई देती है। सर्दी, गर्मी, बरसात, दिन, रात, हवा तूफान सब से जूझते हुए किसान पिछले आठ महीने से सरकार से कृषि कानूनों की वापसी की अपील कर रहे हैं। एमएसपी की लीगल गारंटी की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर किसान पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने बड़े मजबूत और ठोस तर्कों के साथ अपनी बात बार-बार रखी है। लेकिन सरकार को जब भी लगता है कि वह किसान आंदोलन से कुछ फायदा निकाल सकती है, तब वह पासा फेंकती है कि हम किसानों से बात करने के लिए तैयार हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश चुनाव को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने यह पासा फेंका है कि वह किसानों से बात करेगी। लेकिन किसान आंदोलन के नेता भी एक बार फिर पूरी तरह से तैयार दिख रहे हैं। उन्होंने पलटकर बड़े ही सीधे अंदाज में जवाब दिया है कि वह बात करने के लिए हमेशा तैयार हैं। लेकिन कोई शर्त नहीं होगी। उनकी मांग वही है जो शुरू से है कि तीनों नए कृषि कानूनों को खत्म किया जाए और एमएससी की लीगल गारंटी लागू की जाए।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
Farm Laws
Narendra Singh Tomar
farmers protest
rakesh tikait
Farm bills 2020

Related Stories

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!

दिन-तारीख़ कई, लेकिन सबसे ख़ास एक मई

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा


बाकी खबरें

  • election
    लाल बहादुर सिंह
    पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है
    16 Mar 2022
    UP के चुनाव का ज़ोरदार झटका शायद उन सभी विपक्षी राजनीतिक ताकतों को जो अपना अस्तित्व बचाना और भाजपा को हराना चाहती हैं, उन्हें 24 की लड़ाई को अधिक गम्भीरता से जीवन-मरण का संग्राम बनाकर लड़ने के लिए…
  • bhagwant mann
    भाषा
    भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की
    16 Mar 2022
    पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राज्य के शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मान को पद एवं गोपनीयता की…
  • रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: संसद सत्र के बीच स्कीम वर्कर्स का प्रदर्शन, नियमितीकरण और बजट आवंटन में वृद्धि की मांग
    16 Mar 2022
    इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मध्याह्न भोजन (मिड डे मिल) कार्यकर्ता और आशाकर्मी  शामिल थीं। इन सभी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इन सभी योजनाओ के लिए "बजट आवंटन में…
  • protest
    मंजीत सिंह पटेल
    क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?
    16 Mar 2022
    समस्या यह है कि नई पेंशन योजना सेवा के वर्षों से कोई इत्तेफाक नहीं रखती है बल्कि यह कार्पस बेस्ड है यानी जितना फंड NPS अकाउंट में होगा उसी हिसाब से पेंशन।
  • ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    अभिवाद
    ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    16 Mar 2022
    डिलीवरी एजेंटों ने ज़ोमैटो फ़ूड एग्रीगेटर के प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना किसी अतिरिक्त लाभ के उन्हें फ़ुल टाइम काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License