NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक : वही क़ातिल, वही शाहिद, वही मुंसिफ़ ठहरे...
उत्तर प्रदेश का हाल बेहाल है। हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट से भी स्टे न मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ज़िद पर अड़े हैं कि यूपी में तो उन्हीं का कानून चलेगा।
इरफ़ान का कार्टून
13 Mar 2020
cartoon click

किसी शायर ने कहा है कि

वही क़ातिल, वही शाहिद, वही मुंसिफ़ ठहरे

अक़रबा मेरे करें क़त्ल का दावा किस पर

उत्तर प्रदेश के हाल को लेकर तो यही शेर सटीक बैठता है। हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट से भी स्टे न मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ज़िद पर अड़े हैं कि यूपी में तो उन्हीं का कानून चलेगा। लखनऊ में सीएए विरोधी आंदोलनकारियों को कथित तौर पर उपद्रवी/दंगाई के तौर पर चिह्नित कर उनके पोस्टर सड़कों पर लगाने के मामले में योगी के पुलिस-प्रशासन को इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त फटकार के बाद इन्हें तुरंत हटाने के आदेश दे चुका है और सुप्रीम कोर्ट ने भी कोई राहत देने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने योगी की पुलिस से कहा कि कोई कानून आपके पक्ष में नहीं है, लेकिन योगी सरकार इन पोस्टर-होर्डिंग्स को अभी भी हटाने को तैयार नहीं है। हाईकोर्ट ने सरकार को 16 मार्च तक की मोहलत दी है तो सुप्रीम कोर्ट ने बिना स्थगनादेश के इस मामले को बड़ी बेंच को भेज दिया है। 

cartoon click
UttarPradesh
Yogi Adityanath
Allahabad High Court
Supreme Court
Lucknow Hoardings
UP hoardings
UP police

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?


बाकी खबरें

  • election
    लाल बहादुर सिंह
    पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है
    16 Mar 2022
    UP के चुनाव का ज़ोरदार झटका शायद उन सभी विपक्षी राजनीतिक ताकतों को जो अपना अस्तित्व बचाना और भाजपा को हराना चाहती हैं, उन्हें 24 की लड़ाई को अधिक गम्भीरता से जीवन-मरण का संग्राम बनाकर लड़ने के लिए…
  • bhagwant mann
    भाषा
    भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की
    16 Mar 2022
    पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राज्य के शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मान को पद एवं गोपनीयता की…
  • रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: संसद सत्र के बीच स्कीम वर्कर्स का प्रदर्शन, नियमितीकरण और बजट आवंटन में वृद्धि की मांग
    16 Mar 2022
    इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मध्याह्न भोजन (मिड डे मिल) कार्यकर्ता और आशाकर्मी  शामिल थीं। इन सभी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इन सभी योजनाओ के लिए "बजट आवंटन में…
  • protest
    मंजीत सिंह पटेल
    क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?
    16 Mar 2022
    समस्या यह है कि नई पेंशन योजना सेवा के वर्षों से कोई इत्तेफाक नहीं रखती है बल्कि यह कार्पस बेस्ड है यानी जितना फंड NPS अकाउंट में होगा उसी हिसाब से पेंशन।
  • ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    अभिवाद
    ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    16 Mar 2022
    डिलीवरी एजेंटों ने ज़ोमैटो फ़ूड एग्रीगेटर के प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना किसी अतिरिक्त लाभ के उन्हें फ़ुल टाइम काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License