NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक : काश! हम भी अगर...होते, खाने को मिलते...
एक पुराना गाना है, “हम भी अगर बच्चे होते...” अगर नये निज़ाम में इसे बदल दिया जाए तो क्या गाना बनेगा आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं।
आज का कार्टून
27 Mar 2020
cartoon click

एक पुराना गाना है, “हम भी अगर बच्चे होते...नाम हमारा होता गबलू- बबलू, खाने को मिलते लड्डू....” अगर नये निज़ाम में इसे बदल दिया जाए तो क्या गाना बनेगा आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं।

बस आपको सूचना देनी है कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा होते ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन घुमाया और जानवरों के खाने का इंतज़ाम करने को कहा। उनके फोन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक्शन लिया और जिलाधिकारियों को आदेश दिया कि जानवरों को खाना खिलाने वाले सभी एनिमल फीडर्स को पेट शॉप से निकालने की अनुमति दें और इसके लिए उन्हें पास जारी किए जाएं। इसके बाद कई दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस पर तत्काल एक्शन लिया। ये अच्छी बात है, इसमें बुरा कुछ भी नहीं है। ये एक ज़रूरी कदम है। जानवरों का ख़्याल रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। बस बात प्राथमिक चिंताओं की है। ऐसे दौर में जहां एक दिन के जनता कर्फ्यू, उसके बाद कहीं आंशिक तो कहीं पूर्ण लॉकडाउन और फिर अचानक 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा होते ही ही आम लोगों खासकर गरीब-मेहनतकश के सामने खाने-पीने का सामान जुटाने की दिक्कत हो गई। लोगों के सड़कों पर, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर फंसने की बात सामने आई। बेघर-बेसहारा लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट आ गया। उस दौर में देशभर में उनके लिए भी व्यवस्था करने में अभी देरी हो रही है। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि काश…!

Coronavirus
COVID-19
India Lockdown
Hunger Crisis
poverty
Menka Gandhi
Yogi Adityanath
modi sarkar

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Goa
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनावः क्या है मछली बेचने वालों के मुद्दे और भाजपा का रिपोर्ट कार्ड?
    04 Feb 2022
    गोवा एक तटीय प्रदेश है। बड़ी आबादी मछली कारोबार से जुड़ी हैं। लेकिन बावजूद इसके इनके मुद्दे पूरी चुनाव चर्चा से गायब हैं। हमने मापसा की मछली मार्केट में कुछ मछली बेचने वालों के साथ बात की है कि उनके…
  • journalist bodies
    ऋत्विका मित्रा
    प्रेस की आजादी खतरे में है, 2021 में 6 पत्रकार मारे गए: रिपोर्ट 
    04 Feb 2022
    छह पत्रकारों में से कम से कम चार की कथित तौर पर उनकी पत्रकारिता से संबंधित कार्यों की वजह से हत्या कर दी गई थी। 
  • Modi
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    उत्तर प्रदेश चुनाव: बिना अपवाद मोदी ने फिर चुनावी अभियान धार्मिक ध्रुवीकरण पर केंद्रित किया
    04 Feb 2022
    31 जनवरी को अपनी "आभासी रैली" में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में पिछले समाजवादी पार्टी के "शासनकाल के डर का जिक्र" छेड़ा, जिसके ज़रिए कुछ जातियों और उपजातियों को मुस्लिमों के साथ मिलने से…
  • russia china
    एम. के. भद्रकुमार
    रुस-चीन साझेदारी क्यों प्रभावी है
    04 Feb 2022
    व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच शुक्रवार को होने वाली मुलाक़ात विश्व राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है।
  •  Lucknow
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव: लखनऊ में इस बार आसान नहीं है भाजपा की राह...
    04 Feb 2022
    वैसे तो लखनऊ काफ़ी समय से भगवा पार्टी का गढ़ रहा है, लेकिन 2012 में सपा की लहर में उसको काफ़ी नुक़सान भी हुआ था। इस बार भी माना जा रहा है, भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License