NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीवर कर्मी की मौत का मामला: आयोग ने मुआवजे के बारे में दिल्ली सरकार से रिपोर्ट तलब की
"उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि 1993 से सीवर की सफाई के दौरान मरने वाले सफाईकर्मियों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। यह सलाह दी जाती है कि लंबित भुगतान यथाशीघ्र किया जाए। इस तरह की मौतों के बाद मुआवजे के भुगतान की स्थिति से आयोग को अवगत कराया जाए।"
भाषा
21 Jan 2021
सीवर कर्मी की मौत का मामला

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने दिल्ली सरकार को शहर में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मरने वाले सफाई कर्मियों के परिवारों को मुआवजे के भुगतान की स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है।

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के मुताबिक 1993 से 2019 के बीच दिल्ली में सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई करने के दौरान 44 लोगों की मौत हुई।

एनसीएससी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि 1993 से सीवर की सफाई के दौरान मरने वाले सफाईकर्मियों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। यह सलाह दी जाती है कि लंबित भुगतान यथाशीघ्र किया जाए। इस तरह की मौतों के बाद मुआवजे के भुगतान की स्थिति से आयोग को अवगत कराया जाए।

आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव और सचिव, समाज कल्याण विभाग रश्मि सिंह को एक पत्र लिख कर हाथ से सीवर की सफाई करने वाले लोगों को एकमुश्त नकद सहायता देने तथा कौशल प्रशिक्षण मुहैया करने को कहा है।

इसके साथ ही पत्र के मुताबिक आयोग ने दिल्ली में कॉलोनियों और स्कूलों के नामों से जातिसूचक शब्दों,यदि ऐसा कोई है तो, हटाने का भी सुझाव दिया है।

Sewer worker
Supreme Court
National Safai Karamcharis Commission
NCSK
National Scheduled Castes Commission

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License