NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
केंद्र को आपात स्थिति में प्रयोग के लिए ऑक्सीजन के भंडार सुरक्षित रखने का न्यायालय का निर्देश
"हम केंद्र सरकार को राज्यों के साथ मिलकर आपातकालीन स्थितियों में प्रयोग के लिए ऑक्सीजन का सुरक्षित भंडार तैयार करने का निर्देश देते हैं ताकि अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी आपूर्ति श्रृंखलाएं काम करती रहें..."
भाषा
03 May 2021
केंद्र को आपात स्थिति में प्रयोग के लिए ऑक्सीजन के भंडार सुरक्षित रखने का न्यायालय का निर्देश

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को आपातकालीन प्रयोगों के लिए राज्यों के साथ मिलकर ऑक्सीजन का एक सुरक्षित भंडार रखने और भंडार स्थानों के विकेंद्रीकरण का निर्देश दिया है ताकि सामान्य आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की स्थिति में ये प्रयोग के लिए तत्काल उपलब्ध हों।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति रविंद्र भट की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अगले चार दिनों में आपातकालीन भंडार तैयार कर लिए जाने चाहिए और इन्हें हर दिन भरा जाना चाहिए। यह राज्यों को चिकित्सीय ऑक्सीजन आपूर्ति के मौजूदा आवंटन के साथ-साथ चलना चाहिए।

पीठ ने कहा, “हम केंद्र सरकार को राज्यों के साथ मिलकर आपातकालीन स्थितियों में प्रयोग के लिए ऑक्सीजन का सुरक्षित भंडार तैयार करने का निर्देश देते हैं ताकि अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी आपूर्ति श्रृंखलाएं काम करती रहें। आपातकालीन भंडारों की जगह विकेंद्रीकृत होना चाहिए जिससे कि किसी भी कारण से किसी भी अस्पताल में सामान्य आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने पर यह तत्काल उपलब्ध हो सके।”

इसने कहा, “आपातकालीन भंडार अगले चार दिनों में तैयार कर लिया जाना चाहिए। आपात भंडारों को भरने के काम पर प्रत्येक राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश के साथ सक्रिय रूप से विचार-विमर्श कर डिजिटल नियंत्रण कक्ष के माध्यम से हर वक्त किया जाना चाहिए। यह हर दिन किए जाने वाले आवंटन के अतिरिक्त होगा।”

यह गौर करते हुए कि दिल्ली में जमीनी स्थिति ह्रदयविदारक है, शीर्ष अदालत ने केंद्र को यह भी निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी को तीन मई से पहले दूर कर लिया जाना चाहिए।

न्यायालय ने कहा कि ऑक्सीजन आपूर्ति की जिम्मेदारी एक-दूसरे के ऊपर डालने की जंग में नागरिकों के जीवन को जोखिम में नहीं डाला जा सकता है।

पीठ ने कहा, “ राष्ट्रीय संकट के वक्त नागरिकों के जीवन को बचाना सर्वोपरि है और यह जिम्मेदारी केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों की है कि वे एक-दूसरे के साथ सहयोग कर सुनिश्चित करें कि स्थिति को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।”

अस्पतालों में इलाज के मुद्दे पर, शीर्ष अदालत ने केंद्र को दो हफ्तों के भीतर कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर अस्पतालों में भर्ती को लेकर एक राष्ट्रीय नीति बनाने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, “केंद्र सरकार की तरफ से ऐसी नीति बनाए जाने तक, किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थानीय आवास प्रमाण-पत्र या पहचान-पत्र के अभाव में भी किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने या जरूरी दवा दिए जाने से मना नहीं किया जाना चाहिए।”

इसने केंद्र एवं राज्य सरकारों को यह सूचित करने का भी निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर जानकारी के लिए किसी तरह की कार्रवाई किए जाने या किसी भी मंच पर मदद मांग रहे लोगों के उत्पीड़न के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शीर्ष अदालत ने केंद्र को ऑक्सीजन की उपलब्धतता, टीकों की उपलब्धतता एवं कीमत और किफायती दरों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धतता समेत अपनी पहलों एवं प्रोटोकॉल पर फिर से विचार करने का भी निर्देश दिया।

न्यायालय ने न्यायमित्र नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ताओं जयदीप गुप्ता और मीनाक्षी अरोड़ा को विभिन्न पक्षों द्वारा दिए गए इन सुझावों का मिलान करने और संकलित करने को कहा।

मामले में अगली सुनवाई 10 मई को तय की गई है।

ये निर्देश कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान आवश्यक आपूर्तियां एवं सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वत: संज्ञान वाले मामले में दिए गए हैं।

Supreme Court
Oxygen shortage
Narendra modi
Modi government
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • भाषा
    'आप’ से राज्यसभा सीट के लिए नामांकित राघव चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से दिया इस्तीफा
    24 Mar 2022
    चड्ढा ‘आप’ द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकित पांच प्रत्याशियों में से एक हैं । राज्यसभा चुनाव के लिए 31 मार्च को मतदान होगा। अगर चड्ढा निर्वाचित हो जाते हैं तो 33 साल की उम्र में वह संसद के उच्च सदन…
  • सोनिया यादव
    पत्नी नहीं है पति के अधीन, मैरिटल रेप समानता के अधिकार के ख़िलाफ़
    24 Mar 2022
    कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेक्शन 375 के तहत बलात्कार की सज़ा में पतियों को छूट समानता के अधिकार यानी अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हाईकोर्ट के मुताबिक शादी क्रूरता का लाइसेंस नहीं है।
  • एजाज़ अशरफ़
    2024 में बढ़त हासिल करने के लिए अखिलेश यादव को खड़ा करना होगा ओबीसी आंदोलन
    24 Mar 2022
    बीजेपी की जीत प्रभावित करने वाली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सामाजिक धुरी बदल रही है, जिससे चुनावी लाभ पहुंचाने में सक्षम राजनीतिक ऊर्जा का निर्माण हो रहा है।
  • forest
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद
    24 Mar 2022
    शोधकर्ताओं का तर्क है कि वनीकरण परियोजनाओं को शुरू करते समय नीति निर्माताओं को लकड़ी के उत्पादन और पर्यावरणीय लाभों के चुनाव पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • रवि कौशल
    नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 
    24 Mar 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि गरीब छात्र कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पास करने के लिए कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाएंगे। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License