NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी के साथ बैठक के दौरान केजरीवाल के भाषण के टीवी पर प्रसारण से केंद्र ख़फ़ा, सीएमओ ने खेद जताया
आज जब पूरे देश में कोरोना को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है और सरकारों पर एक पूरे साल में कोई भी व्यवस्था ठीक न करने का आरोप है, केंद्र सरकार पारदर्शिता बरतने की बजाय गोपनीयता पर ज़ोर दे रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
23 Apr 2021
मोदी के साथ बैठक के दौरान केजरीवाल के भाषण के टीवी पर प्रसारण से केंद्र ख़फ़ा, सीएमओ ने खेद जताया

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कोविड महामारी की स्थिति और अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी के बारे में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणयों के टेलीविजन पर प्रसारण से विवाद पैदा हो गया और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने उन पर "राजनीति करने " का आरोप लगाया।

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि "निजी बातचीत" को प्रसारित करने के फैसले के साथ वह ‘निचले स्तर पर’ उतर गए हैं।

हालांकि ये हैरतअंगेज है कि जिस देश में संसद की कार्यवाही भी लाइव प्रसारित होती हो उसमें एक महत्वपूर्ण विषय पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बंद कमरें में बातचीत करें और रैलियों में खुलेआम एक-दूसरे पर आरोप लगाएं। आज जब पूरे देश में कोरोना को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है और सरकारों पर एक पूरे साल में कोई भी व्यवस्था ठीक न करने का आरोप है, केंद्र सरकार पारदर्शिता बरतने की बजाय गोपनीयता पर ज़ोर दे रही है।

एक सूत्र ने कहा, "उनका पूरा भाषण किसी भी समाधान को लेकर नहीं बल्कि राजनीति करने और ज़िम्मेदारी से बचने के लिए था। सभी मुख्यमंत्रियों ने इस बारे में बात की कि वे स्थिति में सुधार के लिए क्या कर रहे हैं, लेकिन इस संबंध में उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं था।’’

उन्होंने कहा कि केजरीवाल के बयान को सार्वजनिक किए जाने की बात केंद्र सरकार को पसंद नहीं आयी है।

केंद्र सरकार के अधिकारियों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा, "आज, मुख्यमंत्री का भाषण ‘लाइव’ साझा किया गया क्योंकि केंद्रीय सरकार से ऐसा कोई निर्देश, लिखित या मौखिक कभी नहीं आया है कि बातचीत को लाइव साझा नहीं किया जा सकता है।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘इस तरह की बातचीत के कई मौके आए हैं जहां लोक महत्व के मामलों को साझा किया गया, जिनमें कोई गोपनीय जानकारी नहीं थी। हालांकि, अगर कोई असुविधा हुई है तो हमें इस बात का बहुत अफसोस है।’’

बैठक के दौरान केजरीवाल ने कहा कि केंद्र को सेना के जरिए सभी ऑक्सीजन संयंत्रों को अपने कब्जे में ले लेना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले ऑक्सीजन टैंकरों की सुचारू आवाजाही के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश देने का प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया।

केजरीवाल ने कहा, ‘‘ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग काफी परेशान हैं। हमें डर है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई बड़ी त्रासदी हो सकती है और हम कभी भी खुद को माफ नहीं कर पाएंगे। मैं हाथ जोड़कर आपसे अनुरोध करता हूं कि आप सभी मुख्यमंत्रियों को दिल्ली आ रहे ऑक्सीजन टैंकरों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें संकट से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय योजना बनाने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार को सेना के जरिए सभी ऑक्सीजन संयंत्रों को अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए और ऑक्सीजन संयंत्र से निकलने वाले प्रत्येक टैंकर के साथ सेना के एस्कॉर्ट वाहन होने चाहिए।"

केजरीवाल ने कहा, "ओडिशा और पश्चिम बंगाल से दिल्ली के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति एयरलिफ्ट कर तो केंद्र द्वारा शुरू की गई ऑक्सीजन एक्सप्रेस से की जानी चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने कोविड टीकों के लिए राज्य सरकारों और केंद्र द्वारा ली जाने वाली अलग-अलग दरों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि "एक राष्ट्र, एक दर" की नीति का अनुसरण किया जाना चाहिए।

केंद्र सरकार के सूत्रों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने टीकों की कीमतों पर गलतबयानी की है जबकि उन्हें मालूम है कि केंद्र टीकों की एक भी खुराक अपने पास नहीं रखता और राज्यों को ही देता है।

मोदी ने शुक्रवार को 10 ऐसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की जहां कोविड के सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुयी। बैठक में भाग लेने वालों में दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश आदि राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं।

मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के प्रमुख ऑक्सीजन निर्माताओं के साथ भी बैठक की।

केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि उसने राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने इस क्रम में 500 आईसीयू बेड के साथ डीआरडीओ अस्पताल का भी जिक्र किया जिसका वित्तपोषण पीएम केयर्स फंड से किया गया है।

Arvind Kejriwal
Narendra modi
CMO
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License