NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
चक्का जाम: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत देशभर में किसानों ने दिखाई एकजुटता, दिल्ली में 50 समर्थक हिरासत में
लगभग सभी जगह ‘चक्का जाम’ के दौरान पूरी तरह शांति बनी रही और किसानों ने प्रदर्शन कर अपनी एकजुटता और ताक़त का एहसास कराया। मध्य दिल्ली में किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने के आरोप में 50 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Feb 2021
चक्का जाम

तीन कृषि क़ानूनों और अन्य मुद्दों को लेकर किसान यूनियूनों के आह्वान पर आज देशभर में तीन घंटे का चक्का जाम किया गया। इस दौरान पूरी तरह शांति बनी रही और किसानों ने प्रदर्शन कर अपनी एकजुटता और ताक़त का एहसास कराया। चक्का जाम का सबसे ज़्यादा असर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में नज़र आया। बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक से भी व्यापक आंदोलन की ख़बर है।

आज के चक्का जाम से दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड को अलग रखा गया था। यूपी और उत्तराखंड में किसानों ने कई जगह अधिकारियों को अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपे।

हालांकि किसानों के 'चक्का जाम' के आह्वान के समर्थन में कथित रूप से प्रदर्शन करने के लिए मध्य दिल्ली के शहीदी पार्क के पास 50 व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

किसान यूनियनों ने सोमवार को घोषणा की थी कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग समेत प्रदर्शन स्थलों के आसपास के इलाकों में इंटरनेट पर पाबंदी लगाने, अधिकारियों द्वारा आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किये जाने और अन्य मुद्दों को लेकर वह छह फरवरी दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक देशव्यापी चक्का जाम करेंगे, जिस दौरान विरोधस्वरूप राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग अवरुद्ध किया जाएगा।

पंजाब और हरियाणा में किसानों सड़कें अवरुद्ध कीं

चंडीगढ़: आज राष्ट्रव्यापी 'चक्का जाम' के दौरान पंजाब और हरियाणा में किसानों ने कई जगह सड़कें अवरुद्ध कर दीं।

विभिन्न किसान निकायों से जुड़े प्रदर्शनकारी किसानों ने विभिन्न स्थानों पर राजकीय और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया, जिसके कारण लंबा जाम लग गया।

भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरिकलां ने कहा कि वे पंजाब के संगरूर, बरनाला और बठिंडा समेत 15 जिलों के 33 स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध कर रहे हैं।

इससे पहले सुबह के समय किसानों ने दोनों राज्यों में चक्का जाम के लिये प्रदर्शन स्थलों पर एकत्रित होना शुरू कर दिया।

अंबाला के निकट शंभू में पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'बुजुर्ग और युवा चक्का जाम में हिस्सा लेने के लिये यहां एकत्रित हुए हैं।'

Haryana : AIKS & BKU Protesters block roads as part of 'Chakka Jaam' call given by farmers from 12 pm to 3 pm today; visuals from PIPLI NATIONAL Highway. #IndiaSupportsChakkaJaam #आज_चक्का_जाम_रहेगा #ChakkaJam pic.twitter.com/SyGVQWQ46V

— CPIM DELHI (@CPIMSTATEDELHI) February 6, 2021

राजस्थान में किसानों ने अनेक जगह चक्काजाम किया

जयपुर:  केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहीं किसान यूनियनों के समर्थन में किसानों ने राजस्थान में शनिवार को अनेक जगह 'चक्का जाम' किया।

राज्य के गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर व झालावाड़ सहित अनेक जगह पर किसानों द्वारा चक्काजाम के समाचार हैं जहां किसान मुख्य सड़कों या राजमार्गों पर धरने पर बैठ गए।

राज्य में किसानों के इस चक्काजाम को विभिन्न किसान संगठनों के साथ-साथ कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट किया, ‘‘आंदोलनरत किसानों द्वारा आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग चक्काजाम करने के आह्वान का राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी समर्थन करती है। सभी कांग्रेसजनों से निवेदन है कि इस शांतिपूर्ण चक्काजाम को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।'’

वाम दलों ने भी इस चक्का जाम आंदोलन में भाग लिया। किसान नेता अमराराम ने कहा कि किसानों की ताकत के आगे मोदी सरकार को झुकना ही पड़ेगा और तीनों काले कानूनों को वापस लेने होंगे I

किसानों की ताकत के आगे मोदी सरकार को झुकना ही पडेगा व तीनों काले कानूनों को वापिस लेने होंगे#करौली#FarmersProtest pic.twitter.com/a5jNZTpRx8

— Amra Ram (@comredamraram) February 5, 2021

बिहार में भी व्यापक असर

बिहार में विपक्षी महागठबंधन खासतौर से वाम दलों ने किसानों के चक्का जाम को पूरा समर्थन दिया। बेगूसराय बिहार में रेलवे स्टेशन के निकट NH 31 पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के अह्वाण पर चक्का जाम किया गया।

बेगूसराय बिहार में रेलवे स्टेशन के निकट NH 31 पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्र व्यापी अह्वाण पर चक्का जाम का दृश्य ।#IndiaSupportsChakkaJaam #आज_चक्का_जाम_रहेगा pic.twitter.com/TTwlYxVBVx

— CPI (M) (@cpimspeak) February 6, 2021

किसानों के ‘चक्का जाम’ के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी रही

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को आहूत राष्ट्रव्यापी ‘चक्का जाम’ के कारण पैदा हो सकने वाले हालात से निपटने के लिए अर्द्धसैन्य बलों समेत हजारों कर्मियों को तैनात किया और शहर के सभी सीमा बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी।

हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में शनिवार को चक्का जाम के दौरान मार्गों को बंद नहीं किया जाएगा। मोर्चा ने साफ किया था कि किसान देश के अन्य हिस्सों में शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को बाधित करेंगे।

लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस ने शहर और सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी करने और सतर्कता बढ़ाने समेत अतिरिक्त कदम उठाए।

लाल किले एवं आईटीओ समेत राष्ट्रीय राजधानी के अहम स्थानों पर बलों को तैनात किया गया। लाल किले और आईटीओ पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा हुई थी।

पुलिस प्रदर्शन स्थलों पर कड़ी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है।

पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों पर बहुस्तरीय अवरोधक लगाने, कंटीली तारें लगाने और सड़कों पर कीलें लगाने समेत कई कदम उठाए हैं, जिनकी काफी आलोचना भी हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि बलों के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया की सामग्री पर भी नजर रखी जा रही है।

दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए

इसके अलावा किसान यूनियनों के 'चक्का जाम' के मद्देनजर शनिवार को दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।

डीएमआरसी ने कई ट्वीट कर यात्रियों को सूचित किया कि कई स्टेशनों को बंद कर दिया गया है।

इसने ट्वीट किया, "मंडी हाउस, आईटीओ और दिल्ली गेट के प्रवेश/निकास द्वार बंद हैं।" बाद में की गई ट्वीट में कहा गया कि विश्ववद्यालय स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार भी बंद कर दिए गए हैं।

डीएमआरसी ने कहा, "लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ और केंद्रीय सचिवालय के प्रवेश/निकास द्वार बंद हैं। इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध है।"

किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने के आरोप में 50 व्यक्ति हिरासत में लिये गए

किसानों के 'चक्का जाम' के आह्वान के समर्थन में कथित रूप से प्रदर्शन करने के लिए शनिवार को मध्य दिल्ली के शहीदी पार्क के पास 50 व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

देशहित में किसानों का सत्याग्रह, पूर्ण समर्थन: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान संगठनों की ओर से आहूत ‘चक्का जाम’ का समर्थन करते हुए शनिवार को कहा कि अन्नदाताओं का सत्याग्रह देश हित में है और तीनों कृषि कानून राष्ट्र के लिए घातक हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है - ये तीन क़ानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन!’’

राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार ने देश और घर, दोनों का बजट बिगाड़ दिया है।’’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Chakka Jaam
farmers protest
Farm bills 2020
punjab
Haryana
Rajasthan
BJP
Congress
CPI
CPIM
Farmers union
Samyukt Kisan Morcha

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में न Modi magic न Yogi magic
    06 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से यूपी में छठे चरण के मतदान के बाद की चुनावी स्थिति का जायज़ा लिया। जनता किसके साथ है? प्रदेश में जनता ने किन मुद्दों को ध्यान में रखते…
  • poetry
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'टीवी में भी हम जीते हैं, दुश्मन हारा...'
    06 Mar 2022
    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद पर हमला, यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को ध्यान में रखते हुए पढ़िये अजमल सिद्दीक़ी की यह नज़्म...
  • yogi-akhilesh
    प्रेम कुमार
    कम मतदान बीजेपी को नुक़सान : छत्तीसगढ़, झारखण्ड या राजस्थान- कैसे होंगे यूपी के नतीजे?
    06 Mar 2022
    बीते कई चुनावों में बीजेपी को इस प्रवृत्ति का सामना करना पड़ा है कि मतदान प्रतिशत घटते ही वह सत्ता से बाहर हो जाती है या फिर उसके लिए सत्ता से बाहर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले
    06 Mar 2022
    हालांकि सरकार-जी का देश को मिलना देश का सौभाग्य है पर सरकार-जी का दुर्भाग्य है कि उन्हें यह कैसा देश मिला है। देश है कि सरकार-जी के सामने मुसीबत पर मुसीबत पैदा करता रहता है।
  • 7th phase
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव आख़िरी चरण : ग़ायब हुईं सड़क, बिजली-पानी की बातें, अब डमरू बजाकर मांगे जा रहे वोट
    06 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ़ आख़िरी दौर के चुनाव होने हैं, जिसमें 9 ज़िलों की 54 सीटों पर मतदान होगा। इसमें नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत अखिलेश का गढ़ आज़मगढ़ भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License