NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
संघीय न्यायाधीश ने चेल्सी मेनिंग की रिहाई के आदेश जारी कर दिए हैं 
विकीलीक्स मामले में गवाही देने से इन्कार करने के कारण मेंनिंग पिछले मार्च 2019 से ही न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद रखी गईं थीं।
पीपल्स डिस्पैच
13 Mar 2020
Chelsea Manning
छायाचित्र विवरण: 16 मई के दिन वापस जेल में भेजे जाने से पूर्व अलेक्जेंड्रिया में संघीय अदालत के बाहर चेल्सी मैनिंग को जब उन्हें सार्वजनिक तौर पर अंतिम बार देखा गया था (फोटो: विन मैकनेमी/गेटी)

जेल में एक साल की सजा काटने के बाद पूर्व अमेरिकी सैनिक और खुफिया विश्लेषक, चेल्सी मैनिंग को 13 मार्च को संघीय न्यायाधीश की ओर से न्यायिक हिरासत से रिहा किये जाने के आदेश दिए गए हैं। वर्जीनिया के पूर्वी जिले के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज एंथनी ट्रेंगा ने इस आशय का आदेश पारित कर दिया है। अपने आदेश में उन्होंने कहा है कि मैनिंग को अब ग्रैंड जूरी के समक्ष गवाही देने की जरुरत नहीं है। रिहाई के पीछे के कारण में बताया गया है कि जिस ग्रैंड जूरी के समक्ष उन्हें गवाही देने के लिए पेश किया जाना था उसकी अवधि बृहस्पतिवार को समाप्त हो चुकी है।

मजे की बात ये है कि आदेश उसी दिन आता है जिस दिन मैनिंग द्वारा आत्महत्या के असफल प्रयास के बाद जेल प्रशासन द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन न तो जेल अधिकारी, जो जोर देने पर इसे एक "घटना" करार देते हैं, और ना ही आदेश पारित करने वाले न्यायाधीश ने ही इस हकीकत के मद्देनजर इस रिहाई की बात को स्वीकार किया है।

इसके बावजूद जिस प्रकार से फटाफट आदेश की प्रकृति नजर आती है और जूरी के खारिज किये जाने की बात सामने आई है। वह इस बात की ओर इशारा करती है कि आत्महत्या के प्रयास ने निश्चित रूप से अधिकारियों को उनके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को ख़ारिज करने के लिए प्रेरित किया होगा। फिलहाल मैनिंग का इलाज वर्जीनिया के अलेक्जेंड्रिया के एक अस्पताल में चल रहा है।

मैनिंग को पिछले 8 मार्च, 2019 से कैद में रखा गया है। इसके पीछे कारण ये है कि उन्होंने दो बार विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे पर लगाये गए गोपनीय अभियोग के बारे में संघीय अभियोजकों के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया था। इस पूरे अन्तराल में वे सिर्फ दो हफ्ते कैद से बाहर रह सकीं। उन्हें अलेक्जेंड्रिया काउंटी की जेल में रखा गया था।

पहली बार जब उन्होंने ग्रैंड जूरी के समक्ष अपनी गवाही देने से इंकार किया था तो मैनिंग को केवल उनके खिलाफ न्यायिक प्रतिबंधों के हिस्से के रूप में कैद किये जाने को भुगतना पड़ा। प्रतिबंधों को लगाने का अर्थ था कि उन्हें मजबूर किया जाये कि वे अभियोजकों के साथ सहयोग करें। यह कार्यवाही और भी दमनात्मक तब हो गई जब 16 मई को दूसरी बार उन्होंने गवाही देने से इंकार कर दिया। दोनों ही मामलों में पीठासीन न्यायाधीश रहे ट्रेंगा ने कारावास के साथ-साथ 1,000 अमेरिकी डॉलर तक का भारी जुर्माना ठोंका था। 

प्रतिबंधों के चलते मैनिंग पर जुर्माने के रूप में 2,46,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। रिहाई के आदेश के बावजूद न्यायाधीश रहे ट्रेंगा ने जोर देकर कहा है कि मैनिंग को जुर्माने की सारी रकम का भुगतान करना ही होगा। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे इसे कैसे चुका पायेंगी। प्रतिबंधों के चलते मैनिंग को अपने निजी व्यवसाय को बंद करना पड़ा है और अपने घर से भी बेदखल होना पड़ा है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

#FreeChelseaManning
Chelsea Manning
freedom of speech
Julian Assange
Persecution of whistle blowers
wikileaks

Related Stories

भारत में ‘वेंटिलेटर पर रखी प्रेस स्वतंत्रता’, क्या कहते हैं वैकल्पिक मीडिया के पत्रकार?

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

प्रेस की आजादी खतरे में है, 2021 में 6 पत्रकार मारे गए: रिपोर्ट 

ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है

जूलियन असांज का न्यायिक अपहरण

मानवाधिकार दिवस पर ब्रिटेन के कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी

बीजेपी के हिन्दू राष्ट्र में सवाल पूछना मना है?

क्यों जूलियन असांज पर अमानवीय मुक़दमा हम सबके लिए अन्याय है


बाकी खबरें

  • सुहित के सेन
    हिन्दू दक्षिणपंथ द्वारा नफरत फैलाने से सांप्रदायिक संकेतों वाली राजनीति बढ़ जाती है  
    08 Apr 2022
    पत्रकारों और अल्पसंख्यकों पर हमले और भाजपा सरकारों के बदतर शासन के रिकॉर्ड दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
  • लाल बहादुर सिंह
    MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?
    08 Apr 2022
    एक ओर किसान आंदोलन की नई हलचलों का दौर शुरू हो रहा है, दूसरी ओर उसके ख़िलाफ़ साज़िशों का जाल भी बुना जा रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मिड-डे-मील में लापरवाहीः बिहार के बाद राजस्थान में खाने के बाद 22 बच्चे बीमार
    08 Apr 2022
    मिड-डे-मील योजना में लापरवाही से बच्चों के बीमार पड़ने की ख़बरें अक्सर आती रही हैं। ताज़ा मामला राजस्थान का है जहां इस भोजन के करने के बाद 22 बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है।
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर
    08 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव भी बेहद दिलचस्प होने वाले हैं, क्योंकि ज्यादातर सीटों पर भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है तो कहीं-कहीं बाहुबलियों के करीबी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं।
  • मार्को फर्नांडेज़
    चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र
    08 Apr 2022
    अमेरिकी में विदेश नीति के विशेषज्ञ लैटिन अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को लेकर सतर्क हो गए हैं, यह भावना आने वाले वक़्त में और भी तेज़ होगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License