NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
फिल्में
भारत
राजनीति
'छपाक’: क्या हिन्दू-मुस्लिम का झूठ फैलाने वाले अब माफ़ी मांगेंगे!
'छपाक' आ गई और छा गई। क्या अब वे लोग माफ़ी मांगेंगे या अफ़सोस जताएंगे जिन्होंने बिना वजह एक झूठ फैलाकर हिन्दू-मुस्लिम की डिबेट खड़ी करने की कोशिश की और एक गंभीर विषय पर आधारित फ़िल्म के बॉयकॉट की अपील तक की।
मुकुल सरल
10 Jan 2020
Deepika Padukone

सोशल मीडिया सहित देशभर में दो दिन से जो लोग तूफ़ान उठाए थे कि दीपिका की फ़िल्म 'छपाक' में एसिड हमलावर का धर्म बदल दिया गया है। उसे मुसलमान की जगह हिन्दू दिखाया गया है। इसे लेकर सेकुलरिज़्म को निशाने पर लिया जा रहा था। हिन्दू-मुस्लिम की डिबेट छेड़ी जा रही थी। लेकिन आज ऐसे सभी लोग निराश हुए होंगे। कुछ का भ्रम दूर हुआ होगा और कुछ की साज़िश नाकाम हो गई होगी क्योंकि इस फ़िल्म में उनकी सांप्रदायिक राजनीति लायक कोई मसाला नहीं दिया।

हालांकि सच्चाई का खुलासा रिलीज़ से पहले ही उन पत्रकारों ने कर दिया था जिन्होंने स्पेशल स्क्रीनिंग में इस फ़िल्म को देख लिया था, लेकिन फिर भी ये झूठा दावा फैलाया जाता रहा।

laxmi.jpg

एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल

मेघना गुलज़ार के निर्देशन में एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की सच्ची कहानी पर बनी यह फ़िल्म आज देशभर के थियेटर में रिलीज़ हो गई। दीपिका पादुकोण ने इस फ़िल्म में लक्ष्मी अग्रवाल की भूमिका निभाई है। दीपिका ही इस फ़िल्म की निर्माता भी हैं।

deepika in jnu.jpg

जेएनयू में दीपिका

जेएनयू में हमले के बाद वहां घायल छात्रों के समर्थन में हुई एक सभा में जाने पर कुछ दक्षिणपंथी ख़ासतौर पर बीजेपी और एबीवीपी समर्थकों ने न केवल उनके ऊपर व्यक्तिगत हमला बोला बल्कि उनकी फ़िल्म के बॉयकॉट की अपील भी की। इन लोगों में जिनमें राजनीति और फ़िल्म दुनिया के भी कई जाने-माने नाम शामिल हैं, जेएनयू जाने के लिए दीपिका की कड़ी आलोचना की। एक कलाकार का मौन समर्थन इन लोगों को इतना उद्वेलित कर गया कि बहुतों ने तो उन्हें ट्रोल तक किया। व्यक्तिगत तौर पर भला-बुरा कहा और देशद्रोहियों की साथी का टैग तक लगा दिया। इन लोगों ने बाकायदा एक संगठित प्रयास करके ट्विटर पर बॉयकॉट छपाक हैशटैग (#BoycottChhapaak) ट्रेंड कराया।

फेसबुक, व्हाट्सऐप पर इस फ़िल्म के बहिष्कार की अपीलें की गईं। टिकट कैंसिल कराने के ऐलान किए गए। लेकिन आज रिलीज़ के साथ उनका सारा फेक प्रोपेगेंडा धराशायी हो गया। हालांकि जैसा हमने ऊपर बताया कि इसका खुलासा पहले ही हो चुका था कि निर्माता या निर्देशक ने कहानी में ऐसा कोई फेरबदल नहीं किया है। बस कॉपीराइट के चलते पात्रों के नाम बदल दिया गए हैं। जैसे लक्ष्मी का नाम मालती कर दिया गया इसी तरह अपराधी नईम ख़ान ( ट्रोल करने वालों ने यह नाम नदीम ख़ान चलाया) का नाम बशीर खान उर्फ बब्बू कर दिया गया।

ऑल्ट न्यूज़ सहित फेक्ट चेक करने वाली कई साइट्स ने इसकी सिलसिलेवार पूरी पड़ताल की और सच उजागर करते हुए बताया कि एसिड अटैकर हिन्दू नहीं मुसलमान ही है और उसका नाम राजेश नहीं बशीर खान है, लेकिन अफसोस ये सब बातें साफ होने पर भी झूठ फ़ैलाने वालों ने अपना झूठ जारी रखा। सच्चाई सामने आने पर एक और झूठ चलाया गया कि विवाद के बाद डबिंग करके नाम बदल दिया गया। इनकी कोशिश थी कि किसी भी तरह मामला हिन्दू-मुस्लिम बनना चाहिए। ऑल्ट न्यूज़ ने इसका भी पर्दाफ़ाश किया।

आज फ़िल्म रिलीज़ भी हो गई और देखने वालों की पहली प्रतिक्रिया यही है कि फ़िल्म बहुत अच्छी बनी है। युवा पत्रकार बरखा माथुर ने फ़िल्म देखने के बाद कहा, "इतने गंभीर विषय पर बहुत संवेदनशीलता के साथ फ़िल्म बनाई गई है। वाकई मेघना गुलज़ार से इसी तरह के निर्देशन की उम्मीद की जाती है। दीपिका ने भी उम्मीद से ज़्यादा अच्छे ढंग से लक्ष्मी के किरदार को पूरी गंभीरता से निभाया है।"

फ़िल्म देखने वाले अन्य लोगों की भी कमोबेश यही प्रतिक्रिया है। और जहां तक अपराधी के धर्म की बात है तो सच तो ये है कि अपराधी की पहचान एक अपराधी की तरह होनी चाहिए, न कि उसके धर्म या जाति से, जब तक कि उसका मकसद धार्मिक या जातीय घृणा या बदला न हो। अब निर्भया केस में चारों अपराधी जिन्हें फांसी की सज़ा मिली है हिन्दू हैं और तथाकथित उच्च जाति से हैं, लेकिन इससे अपराध की गंभीरता कम नहीं हो जाती है। और इसी के साथ आपको ये भी जानना चाहिए कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा गुरुवार को जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 2018 में पूरे देश में एसिड अटैक के 126 केस दर्ज किए गए। जिनमें 131 लोग ख़ासकर महिलाएं पीड़ित हुईं हैं। इसके आलावा इस तरह एसिड हमले के 26 प्रयास भी दर्ज हुए हैं जिनमे 30 पीड़ित हैं। इनमें सभी जात और धर्म के अपराधी और पीड़ित हैं। ज़ोर इस बात पर होना चाहिए कि महिलाओं के ख़िलाफ़ ऐसे अपराध कैसे रुकें, मगर अफ़सोस ज़ोर इस बात पर है कि एक फ़िल्म में किसका नाम और धर्म क्या है। 

Chhapak
Deepika Padukone
Laxmi Agarwal
Deepika in JNU
JNU
hindu-muslim
Social Media
Acid Attack
NCRB
Religion Politics
film
MOVIE

Related Stories

बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!

विचार: बिना नतीजे आए ही बहुत कुछ बता गया है उत्तर प्रदेश का चुनाव

हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व का फ़र्क़

जै श्रीराम: अभिवादन को युद्धघोष बनाने के पीछे क्या है?

उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?

'मैं भी ब्राह्मण हूं' का एलान ख़ुद को जातियों की ज़ंजीरों में मज़बूती से क़ैद करना है

दुनिया बीमारी से ख़त्म नहीं होगी

हिंदी पत्रकारिता दिवस: अपनी बिरादरी के नाम...

तुष्टिकरण बनाम दुष्टिकरणः भाषाई संक्रमण से बीमार होता समाज

असम चुनावः भाजपा को हांफ़ना पड़ गया विपक्ष और मुद्दों के आगे


बाकी खबरें

  • up map
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव:  कई सीटें ऐसी भी जहां हार-जीत का अंतर 500 वोटों से भी कम
    25 Jan 2022
    इसमें कोई दो राय नहीं कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाले हैं, जानें किन-किन सीटों पर होगा एक-एक वोट का महत्व?
  • UP Polls
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव: राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन की एक तस्वीर
    25 Jan 2022
    जहां एक तरफ़ राज्य पर क़र्ज़ को बोझ बढ़ गया है, वहीं दूसरी तरफ़ यूपी सरकार के पास जो पैसे थे,वह उसे भी ख़र्च नहीं कर पा रही थी।
  • poor district
    सौरभ शर्मा
    उप्र चुनाव: भारत के सबसे पिछड़े  जिले के जीवन में एक दिन
    25 Jan 2022
    भारत के सबसे बड़े इस राज्य में विधानसभा चुनाव तेजी से नजदीक सरकते आ रहे हैं। यहां विकास हर पार्टी के लिए एक महत्त्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बना हुआ है। इसके बावजूद राज्य के कुछ जिले विकास के संकेतकों पर…
  • hum bharat ke log
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हमारा गणतंत्र एक चौराहे पर खड़ा है
    25 Jan 2022
    यह आज का ख़ौफ़नाक सच है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संघ-भाजपा ने हमारे गणतंत्र के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। हमारे गणतांत्रिक संविधान की जो मूल आत्मा है-न्याय, स्वतंत्रता, समानता, और…
  • solver gang
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी : टीईटी परीक्षा में सॉल्वर गैंग के 19 सदस्य गिरफ़्तार, वर्षों से हैं सक्रिय
    24 Jan 2022
    बीते कुछ वर्षों में सॉल्वर गैंग के एक के बाद एक कई मामले सामने आए हैं जो परीक्षार्थियों से भारी रकम लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी जगह बैठ कर पेपर देते हैं। गत रविवार को हुई यूपी-टीईटी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License