NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
छत्तीसगढ़: आदिवासियों के ख़िलाफ़ दर्ज 718 प्रकरणों की वापसी
राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्दोष आदिवासियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की वापसी के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए के पटनायक की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है।
भाषा
04 Jun 2021
छत्तीसगढ़: आदिवासियों के ख़िलाफ़ दर्ज 718 प्रकरणों की वापसी
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: scroll

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आदिवासियों के खिलाफ दर्ज 718 प्रकरणों को वापस ले लिया गया है जिससे 944 आरोपियों को लाभ मिला है।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा के बाद इस वर्ष 31 मई तक कुल 718 प्रकरणों में विभिन्न न्यायालयों द्वारा दोषमुक्त और प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के बाद कुल 944 आरोपियों को लाभ मिला है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की नीति पर अमल करते हुए राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्दोष आदिवासियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की वापसी के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए के पटनायक की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी आदिवासियों के खिलाफ दर्ज नक्सल मामलों की छानबीन कर निर्दोष आदिवासियों को राहत प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) पटनायक समिति ने 627 प्रकरणों की वापसी के लिए अनुशंसा की है। पटनायक समिति की अनुशंसा के आधार पर न्यायालय से 594 प्रकरण वापस लिए जा चुके हैं, जिनमें 726 आरोपियों को लाभ प्राप्त हुआ है। वर्तमान में सिर्फ 33 प्रकरण न्यायालय से वापसी के लिए लंबित है।

अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह पुलिस विभाग द्वारा 365 नक्सल प्रकरणों को न्यायालयों में त्वरित सुनवाई के लिए चिह्नित किया। जिसमें न्यायालय द्वारा 124 प्रकरणों में 218 आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है। इसमें दंतेवाड़ा जिले के 24 प्रकरणों में 36 लोगों को, बीजापुर जिले में 44 प्रकरणों में 47 लोगों को, नारायणपुर जिले में सात प्रकरणों में नौ लोगों को और कोण्डागांव जिले में तीन प्रकरणों में नौ आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसी तरह कांकेर जिले में एक प्रकरण में छह लोगों को, सुकमा जिले में 44 प्रकरणों में 109 लोगों को और राजनांदगांव जिले में एक प्रकरण में दो आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।

Chhattisgarh
aadiwasi
Chhattisgarh government

Related Stories

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना

अमित शाह का शाही दौरा और आदिवासी मुद्दे

स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व

केंद्रीय बजट में दलित-आदिवासी के लिए प्रत्यक्ष लाभ कम, दिखावा अधिक

हर साल दलित और आदिवासियों की बुनियादी सुविधाओं के बजट में कटौती हो रही है :  बीना पालिकल

जयपाल सिंह मुंडा: आदिवासी समाज की राजनीति और विचारधारा की प्राणवायु

झारखंड: ‘स्वामित्व योजना’ लागू होने से आशंकित आदिवासी, गांव-गांव किए जा रहे ड्रोन सर्वे का विरोध

EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत

कोरबा : रोज़गार की मांग को लेकर एक माह से भू-विस्थापितों का धरना जारी


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License