NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चिलीः लोगों ने भारी बहुमत से नए संविधान के मसौदे को मंज़ूरी दी
प्रारंभिक परिणामों की घोषणा के बाद हज़ारों चिलीवासी जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतरे।
पीपल्स डिस्पैच
26 Oct 2020
चिली

चिलीवासियों ने 25 अक्टूबर को इस दक्षिण अमेरिकी देश में आयोजित राष्ट्रीय जनमत संग्रह में भारी बहुमत के साथ एक नए संविधान का प्रारूप तैयार करने को मंज़ूरी दी। 99.02% मतों की गिनती के साथ चिलीवासियों ने वर्तमान संविधान को बदलने के लिए 78.27% वोटों से फैसला किया। मौजूदा संविधान वर्ष 1980 में जनरल ऑगस्टो पिनोशे (1973-1990) की सैन्य तानाशाही के अधीन लिखा गया था और लागू किया गया था।

दूसरा सवाल जो इस ऐतिहासिक जनमत संग्रह में उठाया गया वह नए संविधान को लिखने वाले निकाय के ढ़ाचे के बारे में था तो इसको लेकर चिलीवासियों ने 79.04% मतों के साथ "कंस्टिच्यूशनल कन्वेंशन" का विकल्प चुना। इस "कंस्टिच्यूशनल कन्वेंशन" में इस कार्य के लिए नागरिकों द्वारा चुने गए सदस्यों की पूरी तरह से भागीदारी होगी और इसमें महिला प्रतिभागियों की समान संख्या होगी।

इसके अलावा 75% से अधिक गिने गए मतों में से 85% से अधिक मतों के साथ विदेशी मतदाताओं ने भी नए संविधान के प्रारूप को मंजूरी दी।

यहां मतदान 50% से अधिक हुआ जो वर्ष 1990 में चिली में लोकतंत्र की वापसी के बाद से सबसे उच्चतम है।

प्रारंभिक परिणामों की घोषणा के बाद और इसकी अपरिवर्तनीयता को देखते हुए रात 10:00 बजे के आसपास राजधानी सैंटियागो के डिग्निटी प्लाजा के पास हज़ारो लोग "अप्रूव" और "कंस्टिच्यूशनल कन्वेंशन" को नारों और गीतों के साथ इस जीत का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए और पटाखे फोड़े। देश के अन्य शहरों में भी नागरिकों, सामाजिक आंदोलनों और प्रगतिशील दलों ने सड़कों पर उतरकर लोगों के इस परिणाम और जीत का जश्न मनाया।

इस बीच ला मोनेडा प्रेसिडेंशियल पैलेस से अपने मंत्रियों से घिरे राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा ने इस चुनाव में बड़े पैमाने पर भागीदारी की प्रशंसा की और नए संविधान पर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। पिनेरा ने कहा, “यह जनमत संग्रह एक ऐसे मार्ग की शुरुआत है जिसे हमें चिली के लिए एक नए संविधान पर सहमत होने के लिए एक साथ सफर करना चाहिए। अब तक संविधान ने हमें विभाजित किया है। आज से, हम सभी को एक साथ कार्य करना चाहिए ताकि नया संविधान एकता, स्थिरता और भविष्य का बड़ा ढांचा हो।

इस महाद्वीप के कई नेताओं ने चिली के लोगों को संवैधानिक जनमत संग्रह में उनकी भारी जीत के लिए बधाई दी। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस, इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया सहित कई लोगों ने चिली के लोगों को बधाई दी।

Chile
Nezuela Nicolas Maduro
Evo Morales
Ecuador
Rafael Correa

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट

दुनिया भर की: दक्षिण अमेरिका में वाम के भविष्य की दिशा भी तय करेंगे बोरिक

2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत

नज़रिया : ग्रेबिएल बोरिक की जीत चिली के वामपंथ के लिए बड़ा मौक़ा

लैटिन अमेरिका दर्शा रहा है कि दक्षिणपंथी उभार स्थायी नहीं है

दुनिया भर की : चिली में वामपंथी छात्र नेता होंगे सबसे युवा राष्ट्रपति

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License