NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चिलीः शिक्षकों ने COVID-19 महामारी के बीच स्कूलों को खोलने के आदेश को ख़ारिज किया
राष्ट्रीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष मारियो एगुइलर ने सरकार के इस फैसले को ख़ारिज कर दिया और कहा कि इससे लाखों छात्रों और हज़ारों शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के सेहत को ख़तरा है।
पीपल्स डिस्पैच
21 Apr 2020
चिली

चिली में प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षकों के राष्ट्रीय संघ द कोलेजियो डे प्रोफेसोरेस डे चिली (सीपीसी) ने वैश्विक COVID-19 महामारी के बीच मई महीने में स्कूलों को फिर से शुरू करने को लेकर नवउदारवादी सरकार के 20 अप्रैल को किए गए फैसले को ख़ारिज कर दिया है।

गत रविवार 19 अप्रैल को राष्ट्रीय टेलीविजन नेटवर्क पर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा ने कोरोनावायरस महामारी के बीच सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए उपायों की घोषणा की। राष्ट्रपति ने सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को इस सप्ताह से अपने काम पर लौटने का आदेश दिया। उन्होंने अगले सप्ताह से स्कूलों को फिर से खोलने की भी घोषणा की।

सीपीसी के अध्यक्ष मारियो एगुइलर ने इस फैसले को अस्वीकार कर दिया और कहा कि इससे लाखों छात्रों, शिक्षकों, शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के सेहत को ख़तरा है।

एगुइलर ने कहा, "हम इस पर बहुत स्पष्ट होना चाहते हैं, हम अपनी रक्षा करने के लिए एकजुट होने जा रहे हैं। अगर बड़े पैमाने पर जारी संकट के बीच सामान्य तरीके से लौटने के लिए हमें मजबूर होना पड़ता है तो हम माता-पिता के साथ, छात्रों के साथ, शिक्षा से जुड़े अपने साथी सहायकों के साथ एकजुट होने जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि देश के बड़े आर्थिक समूहों के दबाव के कारण राष्ट्रपति द्वारा ये घोषणाएं की गई हैं।

उन्होंने आगे कहा, "हमारे लिए, पहली बात स्वास्थ्य की सुरक्षा है और हमारे लिए यह उचित नहीं लगता है क्योंकि इन उपायों के पीछे स्पष्ट रूप से बड़े व्यापारिक समूहों के आर्थिक मंशा का दबाव है जो देश में फिर से संचालन शुरू करना चाहते हैं।"

यूनियन लीडर के अनुसार, यह निर्णय विभिन्न शैक्षिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले 3,600,000 छात्रों, 200,000 शिक्षकों, 200,000 शिक्षा सहायकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की एक बड़ी संख्या को ख़तरे में डालता है।

एगुइलर ने माता-पिता और छात्र प्रतिनिधियों से छात्रों को स्कूलों में नहीं भेजने का आह्वान तब तक के लिए किया है जब तक कि सरकार यह गारंटी नहीं देती कि कोरोनवायरस के फैलने का कोई ख़तरा नहीं है।

अब तक, चिली में COVID-19 के 10,507 मामले सामने आए हैं जबकि इसके संक्रमण से 139 लोगों की मौत हो गई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Chile
Coronavirus
COVID-19
Epidemic corona Virus
National Teachers Association

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License