NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चिलीवासियों ने वर्चुअल कैंडल मार्च के साथ सैन्य तानाशाही के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दी
दोनों शहीद युवाओं को याद करते हुए चिलीवासियों ने कोरोनोवायरस के प्रकोप के चलते सोशल नेटवर्क पर वर्चुअल कैंडल मार्च के साथ अमेरिका समर्थित सैन्य तानाशाही के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दी।
पीपल्स डिस्पैच
30 Mar 2020
तानाशाही के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दिया

इस साल 29 मार्च को युवा योद्धाओं की 35वीं वर्षगांठ मनाई गई। चिली में अमेरिका समर्थित सैन्य तानाशाही के पीड़ितों को याद करने का यह एक गैर आधिकारिक दिन है। जनरल ऑगस्टो पिनोशे (1973-1990) के नेतृत्व में चिली में तानाशाही शासन की स्थापना की गई थी।

29 मार्च 1985 को राफेल वेरगारा टोलेडो और एडुआर्डो वेरगारा टोलेडो बंधुओं की हत्या तानाशाह के राष्ट्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों द्वारा की गई थी। वेरगारा टोलेडो बंधु मार्क्सवादी समर्थक और मूवमेंट ऑफ़ रिवोल्यूशनरी लेफ्ट (एमआईआर) कहे जाने वाले तानाशाही-विरोधी विद्रोही समूह से जुड़े छात्र कार्यकर्ता थे। इसी समय सुरक्षा अधिकारियों ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों जोसे मैनुअल परादा, मैनुअल गुएरेरो सेबालोस और नातिनो अलेंदे का भी अपहरण कर लिया और अगले दिन सुबह इनकी हत्या कर दी।

हर साल 29 मार्च को चिलीवासी तानाशाही शासन के खिलाफ इन बंधुओं के साथ साथ अन्य हजारों विद्रोहियों की क्रांतिकारी भावना को सम्मान देने के लिए विशाल प्रदर्शन का आयोजन करते हैं।

हालांकि, इस साल, वैश्विक COVID-19 महामारी के चलते हजारों चिलीवासियों ने इंटरनेट के जरिये ही इन शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

इन शहीदों को याद करने और उनके लिए न्याय की मांग के लिए सोशल मीडिया पर एक वर्चुअल कैंडल मार्च आयोजित किया गया। शाम 7 बजे हजारों लोगों ने पिनोशे की तानाशाही के दौरान हत्या, लापता और प्रताड़ित लोगों की याद में मोमबत्तियां जलाईं और उन्हें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर पोस्ट किया।

ये डिजिटल आयोजन को सामाजिक संगठन वेलेटन द्वारा 29 मार्च को "मे दि मेमोरी इल्यूमिनेट्स द क्वारंटीन" के नारे के साथ आह्वान किया गया था।

11 सितंबर 1973 को तख्तापलट के बाद पिनोशे ने सत्ता संभाली। पिनोशे ने राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई समाजवादी सरकार को उखाड़ फेंका। इसके शासनकाल को वामपंथी दलों के व्यवस्थित दमन और सभी असंतुष्टों को दबाने को लिए जाना जाता है। उसकी तानाशाही को लैटिन अमेरिका में सबसे क्रूर तानाशाही में से एक माना जाता है। 17 वर्षों के सैन्य शासन के दौरान 3,100 से अधिक लोगों की हत्या की गई वहीं 1,200 से अधिक लोग लापता हो गए, लगभग 40,000 लोगों के साथ प्रताड़ना की गई और 2,00,000 निर्वासित कर दिए गए।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Chileans
Chile
Tribute to victims of military
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत
    16 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर के अस्पतालों में हर दिन चमकी बुखार के लक्षण वाले बच्चे आ रहे हैं।
  • पीपुल्स डिस्पैच
    द.अफ्रीकाः स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना बाद की कटौती का विरोध कर रहे हैं
    16 Apr 2022
    दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपने रोजगारों के नुकसान और सेवाओं के पुनर्गठन के खतरों का सामना करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और औद्योगिक…
  • सोनिया यादव
    यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 
    16 Apr 2022
    प्रदेश में पत्रकारों के ख़िलाफ़ जिस तरह से मार-पीट और मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में राज्य में पत्रकारिता और पत्रकारों की दशा और खराब हो सकती है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ये बुलडोजरिस्तान हमारा, हम को प्राणों से है प्यारा!
    16 Apr 2022
    सच तो यह है कि बुलडोजर, मोदी जी के नये भारत की निशानी है। दिखाने में सेक्युलर और घर-दुकान गिराने में, छांट-छांटकर चलने वाला। बाबा का, मामा का या और किसी भी भगवाधारी का बुलडोजर जब चलता है, पुराना…
  • रमा तेलतुंबड़े आंबेडकर
    दो साल से कैद आनंद तेलतुंबड़े के जीवन के सबसे मार्मिक पल
    16 Apr 2022
    आनंद ने न्यायपालिका से अपने खिलाफ़ लगाए गए घृणित और गलत आरोपों को रद्द करने की गुहार लगाई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License