NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
कोविड-19 के बाद के दौर पर चीन के बीआरआई की नज़र 
बीआरआई एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय माहौल में आगे बढ़ने की उम्मीद करता है, जहां माना जाता है कि गंभीर रूप से ख़स्ताहाल और कमज़ोर हो चुकी अमेरिकी अर्थव्यवस्था कोविड-19 के बाद विकासशील देशों और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को फिर से सही हालत में लाने की योजनाओं के लिए फ़ंडिंग नहीं कर पायेगी।
एम. के. भद्रकुमार
21 Jul 2020
China’s BRI Reclaims Focus
घुमावदार सिंधु नदी वाले इस काराकोरम क्षेत्र स्थित गिलगित बाल्तिस्तान में चौदह बिलियन डॉलर के डायमर-भाषा बांध के निर्माण में पाकिस्तान को चीनी फ़ंडिंग की उम्मीद है।

घुमावदार सिंधु नदी वाले काराकोरम क्षेत्र स्थित गिलगित बाल्तिस्तान में चौदह बिलियन डॉलर के डायमर-भाषा बांध के निर्माण में पाकिस्तान को चीनी फ़ंडिंग की उम्मीद है।

चीनी अर्थव्यवस्था में फिर से उछाल आने के साथ बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) फिर से आगे बढ़ रहा है। पिछले गुरुवार को बीजिंग से एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया कि चीन कोरोनोवायरस महामारी की शुरुआत के बाद बढ़ने वाली पहली ऐसी बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो कारखानों और दुकानों के फिर से खोलने के बाद नवीनतम तिमाही में 3.2% की बढ़ोत्तरी दर्ज कर रही है। जानकार आगे आने वाले समय में इसके "निरंतर बढ़ते जाने" की उम्मीद कर रहे हैं।

इस संदर्भ में बीआरआई चीनी कूटनीति के ध्वज वाहक कार्यक्रम के रूप में सामने आ रहा है। लेकिन, इसका एक और आयाम है औऱ वह यह कि बीआरआई उस हद तक चीन के लिए एक प्रमुख साधन के रूप में बदल रहा है कि महामारी के बाद की विश्व अर्थव्यवस्था को पटरी पर वापस लाने में चीन मुख्य भूमिका निभा सके। एक हालिया चीनी टिप्पणी में इस बात का दावा किया गया है कि बीआरआई में "कोविड-19 के बाद के वैश्विक आर्थिक सुधार और पुनर्निर्माण को संचालित करने की वैसी ही क्षमता है, जिस तरह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तबाह हो चुकी पश्चिमी यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं के पुनर्निर्माण में अमेरिकी मार्शल योजना की क्षमता थी ।"

यह एक चकित करने वाला परिदृश्य है। चीनी टिप्पणी में आगे कहा गया है, "इस प्रक्रिया से एक नयी विश्व व्यवस्था के तेज़ी से उभरने की भी संभावना है।" जानकारों के विकल्प पर आधारित यह कहानी ख़ास तौर पर अफ़्रीकी-यूरेशिया में उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपस में जुड़े होने की वह अवधारणा है,जिसे बीआरआई इस बात को रेखांकित करता है कि इन अर्थव्यवस्थाओं को इतना विस्तार दिया जा सके और मज़बूत बनाया जा सके कि यहां लोगों को काम पर वापस लाया जा सके, खाने के मेज पर खाना मिल सके, इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि सबको भुगतान हो और उनके पास काम के लिए लिए रोज़गार हो।'

इस प्रकार, बीआरआई को स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल और कुछ उन सेवाओं के क्षेत्रों में क़दम रखना चाहिए, जहां आने वाले समय में "बेहिसाब बढ़ोत्तरी" की संभावना हो । बीआरआई एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय माहौल में आगे बढ़ने की उम्मीद करता है,जहां माना जाता है कि गंभीर रूप से ख़स्ताहाल और कमज़ोर हो चुकी अमेरिकी अर्थव्यवस्था कोविड-19 के बाद विकासशील देशों और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को फिर से सही हालत में लाने की योजनाओं के लिए फ़ंडिंग नहीं कर पायेगी।

वास्तव में यह एक नयी तरह की सक्रियता है। प्रस्तावित पच्चीस वर्षीय चीन-ईरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौता लगभग पूरी तरह से न्यू सिल्क रोड पर आधारित है। इसका मज़बूत आधार ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्रों में 280 बिलियन डॉलर का चीनी निवेश है, और ईरान के परिवहन और विनिर्माण बुनियादी ढांचे को उन्नत करने में एक और 120 बिलियन डॉलर का निवेश है, जिसे पहले पांच साल की अवधि में सामने रखा जा सकता है।

चीन और ईरान के बीच यह रणनीतिक साझेदारी बीआरआई के लिए एक गेम चेंजर बन गयी है। इस संधि को ईरान के सर्वोच्च नेता, अली खामेनेई का समर्थन हासिल है, और कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि अमेरिका और इज़रायल की एजेंसियां इसे लेकर किस तरह के दुष्प्रचार कर रही हैं, क्योंकि ईरानी मजलिस इसकी पुष्टि कर देगी। सही समय आने पर बीआरआई, ईरान, यूएई और सऊदी अरब को एक साथ लाने के लिए एक सामान्य सूत्र का काम कर सकता है।

बड़ी उम्मीदों की इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान ने सोमवार को ऐलान किया कि चीन गिलगित बाल्तिस्तान में डायमर-भाषा बांध की फ़ंडिंग को लेकर सहमत हो गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 14 बिलियन डॉलर के आसपास हो सकती है। पिछले शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने इस परियोजना पर निर्माण कार्य को जल्दबाजी में शुरू कर दिया है।

इसके अलावा, 25 जून और 6 जुलाई को पाकिस्तान और चीन ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर क्षेत्र में एक तो 3.9 अरब डॉलर की लागत वाली दो पनबिजली परियोजनाओं के लिए सौदों पर हस्ताक्षर किये, और दूसरा पाकिस्तानी रेलवे को पुनर्जीवित करने के लिए 7.2 अरब डॉलर का समझौता हुआ। एक लम्बे समय तक की निष्क्रियता के बाद इमरान ख़ान के सत्ता में आने के साथ ही इस्लामाबाद बीआरआई में फिर से नयी जान फूंकने में लगा हुआ है और इसकी वजह ईरान में चीन की वे व्यापक प्रतिबद्धतायें हैं,जो एक गौण परियोजना के रूप में सीपीईसी में ग्रहण लगा  सकता है।

गिलगित बाल्तिस्तान में डायमर-भाषा बांध पर चीन की टिप्पणी आना अभी बाक़ी है। दिलचस्प बात यह है कि इसकी जगह चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 16 जुलाई को टिप्पणी की, ““चीन कोविड-19 के कारण आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के प्रयासों की सराहना करता है और हाल ही में व्यापार और अधिकारियों के आदान-प्रदान को फिर से से शुरू कर रहा है। पड़ोसी देशों और दोनों देशों के मित्र होने के नाते चीन पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में आर्थिक विकास के बीच सम्बन्धों में सुधार के लिए तत्पर है और इस दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”

 “चीन अफ़ग़ानिस्तान तक उस सीपीईसी के विस्तार का समर्थन करता है, जो अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा बीआरआई लाभ को पहुंचायेगा। चीन भी अन्य उस सीपीईसी परियोजनाओं के बीच ग्वादर बंदरगाह को देखकर ख़ुश है, जो इस प्रक्रिया में एक सकारात्मक भूमिका निभा रही है और इस सिलसिले में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।”

ये ख़बरें पांच केंद्रीय एशियाई राज्यों के साथ विदेश मंत्री स्तर पर ’चाइना प्लस सेंट्रल एशिया’ (C + C5) में बीज़िंग की तफ़ से एक नया प्रारूप तैयार करने की पहल के साथ आयी हैं। स्पष्ट रूप से अफ़ग़ानिस्तान के साथ-साथ चीन-ईरान रणनीतिक साझेदारी समझौते में शांति समझौते की संभावना को ध्यान में रखते हुए इसका मक़सद मध्य एशियाई क्षेत्र में बीआरआई का विस्तार है।

यह C + C5 एक विशिष्ट प्रारूप है, हालांकि यह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अहमियत को एक तरह से कम कर देता है। वास्तव में भारत और पाकिस्तान के शामिल होने के साथ ही शंघाई सहयोग संगठन बीजिंग (और मास्को) के लिए एससीओ ने कुछ हद तक अपनी गंभीरता खो दी है। इसके अलावा, चीन के पास पहले से ही एक अलग त्रिपक्षीय प्रारूप है, जिसमें चीन-अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों की वार्ता (जो निकट भविष्य में अपने चौथे दौर के आयोजन के इंतज़ार में है) होनी है।

16 जुलाई को इस C + C5 ने वीडियो लिंक के ज़रिये अपनी पहली बैठक की। अप्रत्याशित रूप से बीआरआई एक केंद्र बिंदु के रूप में सामने आया। अपनी शुरुआती टिप्पणी में चीनी विदेश मंत्री, वांग यी ने कहा "दोनों पक्षों ने बेल्ट एंड रोड सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया है।" वांग ने बीआरआई से सम्बन्धित क्षेत्रों सहित सहयोग के चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का प्रस्ताव दिया है।

जैसा कि उन्होंने कहा, “क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए मध्य एशिया से गुज़रने वाले परिवहन मार्ग को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सीमा पार के ई-कॉमर्स का भी विस्तार किया जाना चाहिए और एक डिजिटल सिल्क रोड के विकास को रफ़्तार दी जानी चाहिए…चीन सुरक्षित और सुगम प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं के बचाव और सुरक्षा के लिए एक सहयोग तंत्र की शीघ्र स्थापना का आह्वान करता है। अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुलह प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शांति वार्ता को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”

map_3.png

भू-राजनीतिक नज़रिये से C + C5, बीजिंग के लिए यूएस के नेतृत्व वाले 'C5 + 1' के रूप में जाने जाने वाले प्रारूप का जवाबी प्रारूप है, जिसे पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने ताशकंद में नवंबर 2015 में एक मध्य एशिया दौरे के दौरान शुरू किया था। C5 + 1 निस्तेज और कभी कभार सक्रिय दिखता रहा है, लेकिन इसी साल वाशिंगटन ने इस समूह पर पर पड़े धूल को साफ़ कर फिर चमकाने की कोशिश की है और पहले से ही तय (फ़रवरी और जून) दो बैठकें पूरे तामझामें के साथ आयोजित की गयी हैं। इसके साथ ही बीजिंग ने इस बात को महसूस कर लिया होगा कि अमेरिकी विदेश मंत्री,माइक पोम्पेओ शरारत करने के लिए मैदान में दाखिल हो चुके हैं।

वांग यी ने 16 जुलाई के अपने भाषण में साफ़ तौर पर कहा था कि किसी भी दशा में C + C5  का स्वरूप अमेरिका विरोधी होगा। उन्होंने ज़ोर-शोर से कहा, "बाहरी शक्तियों द्वारा रंग क्रांतियों को भड़काने और इस क्षेत्र में शून्य-संचय खेल (अर्थशास्त्र का वह सिद्धांत,जिसके मुताबिक़ जितना ही एक पक्ष को फ़ायदा पहुंचता है,उतना ही दूसरे को नुकसान पहुंचता है) खेलने के प्रयासों, और मानवाधिकारों के बहाने मध्य एशियाई देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने" के ख़िलाफ़ चेतावनी दी। दिलचस्प बात यह है कि 17 जुलाई को वांग ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव को फ़ोन किया था और अन्य बातों के साथ-साथ उन्हें C + C5 घटनाक्रम के नतीजों के बारे में जानकारी दी थी।

दरअसल, C + C5 की बैठक में नौ-सूत्री कार्यक्रम को लेकर आम सहमति बनी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ यह भी उल्लेख किया गया कि “चीन और मध्य एशियाई देश कोविड-19 के ख़िलाफ़ अपने सहयोग को और बढ़ायेंगे और जल्द से जल्द साज़ो-सामान के लिए ट्रेवल बबल्स (यह पर्यटन को बढ़ावा देने का एक ऐसा कार्यक्रम है, जो उन देशों ने बनाया है,जहां कोविड -19 महामारी को नियंत्रित करने में अच्छी कामयाबी मिली है) और हरित गलियारे का निर्माण करेंगे… बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और मध्य एशियाई देशों की विकास रणनीतियों के समन्वय, व्यापार का विस्तार करने और 'सिल्क रोड ऑफ़ हेल्थ' और डिजिटल सिल्क रोड के विकास पर ज़्यादा से ज़्यादा सामान्य विचार बनाने और ठोस कार्रवाई करने के लिए और अधिक प्रयास किये जायेंगे। "

सचमुच, अगर मार्क ट्वेन के शब्दों को उधार लेकर कहा जाय,तो हाल के हफ़्तों में तेज़ी घटने वाले ये घटनाक्रम इस बात को रेखांकित करेंगी कि वायरस के संक्रमण से बीआरआई के ख़ात्मे की अफ़वाहें बहुत बढ़ा-चढ़ा कर पेश की गयी हैं।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

China’s BRI Reclaims Focus in Post-COVID-19 Era

US
China
COVID-19
Pandemic
novel coronavirus
Pakistan
CPEC
Belt and Road Initiative
China-Iran relations
C+C5
Wang Yi
sco
Donald Trump
Mike Pompeo
C5+1

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • Muzaffarpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लापरवाही : छह महीने बाद भी बच्चों को नहीं मिली किताबें, अभिभावकों को चिंता
    05 Oct 2021
    विभाग की ओर से पहली से आठवीं कक्षा के लिए 8.95 लाख सेट किताब की डिमांड राज्य मुख्यालय को भेजी गयी थी, जिसमें केवल पांच हज़ार छात्र-छात्राओं को ही किताब मिल सकी हैं।
  • Molnupiravir
    संदीपन तालुकदार
    क्या है मोल्नुपिरवीर? जिसे कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में माना जा रहा है ‘गेमचेंजर‘
    05 Oct 2021
    दवा निर्माता मर्क एंड कंपनी ने COVID-19 के ख़िलाफ़ एक नई एंटीवायरल दवा 'मोल्नुपिरवीर' को लेकर एक अध्ययन के परिणाम को प्रकाशित किया है। इसके परिणाम बताते हैं कि ये दवा अस्पताल में भर्ती होने की…
  • TMC
    रबींद्र नाथ सिन्हा
    ममता बनर्जी के कांग्रेस विरोधी सुर और भवानीपुर में बड़ी जीत के मायने क्या हैं? 
    05 Oct 2021
    टीएमसी अन्य राज्यों में अपने पदचिन्हों को विस्तार देने के क्रम में लगी हुई है, लेकिन कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सीएम के भतीजे के खिलाफ ईडी का मामला उनकी इस आक्रामकता को कुछ हद तक सीमित…
  • VC is running BJP RSS agenda in university
    न्यूज़क्लिक टीम
    "विश्वविद्यालय में भाजपा आरएसएस का एजेंडा चला रहे है वीसी"
    05 Oct 2021
    चंडीगढ़ पुलिस ने 1 अक्टूबर को पंजाब यूनिवर्सिटी उप-कुलपति से मारपीट के आरोप में चार छात्रों पर मामला दर्ज किया| यह मामला एक महीने पहले का है जब यूनिवर्सिटी उप-कुलपति राज कुमार 1 सितम्बर को हो रहे…
  • N. V. Ramana
    सोनिया यादव
    मौजूदा समय में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर मुख्य न्यायाधीश की नाराज़गी गंभीर है!
    05 Oct 2021
    बीते कुछ समय में देश के समक्ष ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जो शासन-प्रशासन की साठ-गांठ के साथ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। साल 2020 का दिल्ली दंगा हो या हैदराबाद की महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License