NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएन के निर्धारित समय से एक दशक पहले चीन ने देश में अत्यधिक ग़रीबी की समाप्ति की घोषणा की
सरकार के नेतृत्व वाले कार्यक्रम के माध्यम से इसने 1979 के बाद से 770 मिलियन से अधिक लोगों को ग़रीबी से बाहर निकाला है। ये संख्या कुल वैश्विक ग़रीबी को कम करने के 70% के आंकड़े से अधिक है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Mar 2021
चीन

बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश में अत्यधिक गरीबी के खिलाफ चीन की पूरी तरह से जीत की घोषणा करते हुए दावा किया कि इससे प्रभावित हुए सभी क्षेत्रों ने इसे सफलतापूर्वक हरा दिया है। उन्होंने सुधारों की शुरुआत के बाद से पिछले 40 वर्षों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) सरकार द्वारा हासिल किए गए इस उपलब्धि को एक चमत्कार बताया। उन्होंने इसे 1921 में इसकी स्थापना की पहली शताब्दी से पहले चीन में "मध्यम समृद्ध समाज" निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति बताया जिसका मुख्य उद्देश्य देश में शासन की पहली शताब्दी यानी 2049 तक "आधुनिक सामाजिक समाज" का निर्माण करना है।

इस घोषणा ने साबित किया है कि चीन 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के अत्यधिक गरीबी के निर्धारित लक्ष्य को एक दशक पहले हासिल कर रहा है। इस तरह चीन अन्य राष्ट्रों की तुलना में पहला देश बन जाएगा।

राष्ट्रपति शी ने हजारों कैडरों, नागरिकों और समूहों की सराहना की है जिन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तत्परता से काम किया और शी ने उनके काम के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।

साल 2010 में चीन द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा प्रति दिन प्रति व्यक्ति 2,300 युआन स्थिर मूल्य या 2.30 क्रय शक्ति समतुल्यता (पीपीपी) थी। यह मूल्य वास्तव में प्रति दिन प्रति व्यक्ति 1.9 डॉलर के विश्व बैंक की गरीबी रेखा से अधिक था। साल 2020 में इस मूल्य को पुनर्गठित किया गया था और अब प्रति वर्ष 4,000 युआन से कम कमाने वाले किसी भी व्यक्ति को गरीब माना जाएगा।

पिछले आठ वर्षों में चीन ने कुल 98.99 मिलियन गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला है। चीन में कुछ सबसे गरीब प्रांतों में से एक गुइझोउ ने साल 2012 के बाद से लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।

चीन में गरीबी को दूर करने की प्रक्रिया ने अपने सभी नागरिकों के लिए सभी बुनियादी आवश्यकताओं के प्रावधान में बदलाव किया है। सीपीसी ने गरीबी दूर करने को अपने प्राथमिक लक्ष्य में रखा है और अपने सभी नागरिकों को पर्याप्त भोजन व पर्याप्त वस्त्र के "दो आश्वासन" और अनिवार्य शिक्षा, बुनियादी चिकित्सा सेवाओं और सुरक्षित आवास की "तीन गारंटी" दी है।

चीन ने केवल आठ वर्षों में 1.1 मिलियन किलोमीटर की नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया और गरीब गांवों के लगभग 98% को 4 जी इंटरनेट की सुविधा दी। इसने 25.68 मिलियन या 7.9 मिलियन से अधिक गरीब परिवारों के लिए नए घर बनाए हैं और 9.6 मिलियन से अधिक लोगों को उन स्थानों पर स्थानांतरित किया है जो 2012 से अधिक अनुकूल हैं।

इसका नतीजा यह हुआ कि चीन जिसके पास कभी बड़े पैमाने पर गरीबी का मुद्दा था वह साल 1979 से पिछले चालीस वर्षों में लगभग 770 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सक्षम बन गया। चीन द्वारा गरीबी से ऊपर उठाए गए लोगों की संख्या कुल वैश्विक गरीबी का लगभग 70% है।

China
United nations
Global Hunger
Hunger Crisis
poverty
Global Poverty
COVID-19

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी


बाकी खबरें

  • starbucks
    सोनाली कोल्हटकर
    युवा श्रमिक स्टारबक्स को कैसे लामबंद कर रहे हैं
    03 May 2022
    स्टारबक्स वर्कर्स यूनाइटेड अमेरिकी की प्रतिष्ठित कॉफी श्रृंखला हैं, जिसकी एक के बाद दूसरी शाखा में यूनियन बन रही है। कैलिफ़ोर्निया स्थित एक युवा कार्यकर्ता-संगठनकर्ता बताते हैं कि यह विजय अभियान सबसे…
  • प्रबीर पुरकायस्थ, टी के अंजलि
    कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?
    03 May 2022
    मौजूदा संकट, बिजली क्षेत्र में सुधारों की बुनियादी विचारधारा का ही नतीजा है, जहां 400 गीगावाट की स्थापित बिजली क्षमता के होते हुए भी, इससे आधी शीर्ष मांग पूरी करना भी संभव नहीं हो रहा है।
  • आज का कार्टून
    मंज़र ऐसा ही ख़ुश नज़र आए...पसमंज़र की आग बुझ जाए: ईद मुबारक!
    03 May 2022
    कार्टूनिस्ट इरफ़ान के साथ हम सब इस ईद पर यही चाहते हैं कि मंज़र ऐसा ही ख़ुश नज़र आए...पसमंज़र की आग बुझ जाए।
  • विजय विनीत
    बनारस में हाहाकारः पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में पीने के पानी के लिए सब बेहाल
    03 May 2022
    ग्राउंड रिपोर्टः  बनारस में पानी की आफत को देखते हुए एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने मांग की है कि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए बनारस शहर में आपातकाल घोषित किया जाए और पानी की विलासिता पर रोक लगाई जाए।…
  • अखिलेश अखिल
    ढहता लोकतंत्र : राजनीति का अपराधीकरण, लोकतंत्र में दाग़ियों को आरक्षण!
    03 May 2022
    आजादी के अमृतकाल की दुदुम्भी और शंखनाद से इतर जब राजनीति के अपराधीकरण पर हम नजर डालते हैं तो शर्म से सिर झुक जाता है। जो सदन कभी जनता के सवालों पर गूंजता था,एक से बढ़कर एक वक्ताओं के ऐतिहासिक भाषणों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License