NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चीन ने पोम्पियो, बोल्टन और बैनन सहित ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया
डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के 28 अधिकारियों को प्रतिबंधित किया गया है साथ ही चीन ने उन पर "चीन की संप्रभुता का बुरी तरह उल्लंघन" करने का आरोप लगाया है।
पीपल्स डिस्पैच
21 Jan 2021
चीन ने पोम्पियो, बोल्टन और बैनन सहित ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया

चीन की सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के यूएस सेक्रेट्री ऑफ स्टेट माइक पोम्पियो के साथ 27अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाया है। ट्रम्प प्रशासन के जाने और जो बाइडेन प्रशासन के सत्ता संभालने के बाद चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा बुधवार 20 जनवरी को इन प्रतिबंधों की घोषणा की गई।

इन प्रतिबंधों की घोषणा में ट्रम्प प्रशासन के उच्च स्तर के अधिकारियों और राजनयिकों के नाम शामिल हैं जिन पर "चीन की संप्रभुता का गंभीर रूप से उल्लंघन" करने का आरोप लगाया गया है और "चीन से संबंधित मुद्दों पर ऐसे अमेरिकी फैसलों के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।"

जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनमें ट्रम्प के पूर्व मुख्य रणनीतिकार और वरिष्ठ काउंसलर स्टीव बैनन (हाल ही में धोखाधड़ी के आरोपों में क्षमादान मिला), उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और रॉबर्ट ओ'ब्रायन और उनके नेशनल ट्रेड काउंसिल के निदेशक पीटर नवारो शामिल हैं। इस बयान में ट्रम्प द्वारा नियुक्त संयुक्त राष्ट्र के लिए अमेरिकी राजदूत केली क्राफ्ट, पूर्व अमेरिकी स्वास्थ्य सचिव एलेक्स अजर, राज्य विभाग के पूर्व अधिकारी कीथ जे. क्रैच और डेविड स्टिलवेल और पूर्व राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार मैथ्यू पोटिंगर के नाम भी शामिल हैं।

इस बयान के अनुसार, "पिछले कुछ वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका में कुछ चीन-विरोधी नेताओं ने अपने स्वार्थी राजनीतिक हितों और चीन के खिलाफ पूर्वाग्रह और घृणा से बाहर निकलकर चीनी और अमेरिकी लोगों के हितों के लिए कोई चिंता नहीं दिखाई है। इन्होंने योजना बनाई और बढ़ावा दिया तथा कई मूर्खतापूर्ण कार्यों को अंजाम दिया, जिसने चीन के आंतरिक मामलों में बुरी तरह दखल दिया है, चीन के हितों को कमजोर किया है, चीनी लोगों को नाराज किया है और चीन-अमेरिका संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है।"

ट्रम्प प्रशासन के दौरान अमेरिका और चीन के बीच संबंध ट्रम्प द्वारा शुरु किए गए ट्रेड वार के साथ खराब हो गए, अमेरिका ने चीन को बिना सबूत के COVID-19 महामारी के लिए दोषी ठहराया, और हांगकांग तथा झिंजियांग में चीन के घरेलू खींचतान में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया। पिछले कुछ महीनों में मामले बिगड़ गए क्योंकि पोम्पियो ने निष्फल राजनयिक दौरे में हथियारों के सौदे के साथ चीन-ताइवान के बीच दशकों की संधि को नाश कर दिया।

China
USA
America
Mike Pompeo
Bolton
Stephen K. Bannon
Donand Trump

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 
    12 May 2022
    दो दिवसीय सम्मलेन के विभिन्न सत्रों में आयोजित हुए विमर्शों के माध्यम से कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध जन संस्कृति के हस्तक्षेप को कारगर व धारदार बनाने के साथ-साथ झारखंड की भाषा-संस्कृति व “अखड़ा-…
  • विजय विनीत
    अयोध्या के बाबरी मस्जिद विवाद की शक्ल अख़्तियार करेगा बनारस का ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा?
    12 May 2022
    वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण में सिविल जज (सीनियर डिविजन) ने लगातार दो दिनों की बहस के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अधिवक्ता कमिश्नर नहीं बदले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के…
  • राज वाल्मीकि
    #Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान
    12 May 2022
    सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन पिछले 35 सालों से मैला प्रथा उन्मूलन और सफ़ाई कर्मचारियों की सीवर-सेप्टिक टैंको में हो रही मौतों को रोकने और सफ़ाई कर्मचारियों की मुक्ति तथा पुनर्वास के मुहिम में लगा है। एक्शन-…
  • पीपल्स डिस्पैच
    अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की
    12 May 2022
    अल जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह (51) की इज़रायली सुरक्षाबलों ने उस वक़्त हत्या कर दी, जब वे क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक स्थित जेनिन शरणार्थी कैंप में इज़रायली सेना द्वारा की जा रही छापेमारी की…
  • बी. सिवरामन
    श्रीलंकाई संकट के समय, क्या कूटनीतिक भूल कर रहा है भारत?
    12 May 2022
    श्रीलंका में सेना की तैनाती के बावजूद 10 मई को कोलंबो में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। 11 मई की सुबह भी संसद के सामने विरोध प्रदर्शन हुआ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License