NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ताइवान के हथियार सौदे को लेकर चीन ने अमेरिकी हथियार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया
इन प्रतिबंधों की घोषणा ताइवान और अमेरिका द्वारा अरबों डॉलर के हस्ताक्षर वाले हथियारों के सौदे की प्रतिक्रिया में आई है।
पीपल्स डिस्पैच
28 Oct 2020
ताइवान

चीन ने ताइवान की डी-फैक्टो सरकार के साथ किए जा रहे कई अरब डॉलर के हथियारों के सौदों को लेकर प्रमुख अमेरिकी हथियार कॉर्पोरेशन को प्रतिबंधित कर दिया। चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा मंगलवार 27 अक्टूबर को दिए गए एक प्रेस बयान में कह गया कि सरकार ने बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, रेथियॉन और स्पेस एंड सिक्योरिटी के साथ साथ "अमेरिकी व्यक्तियों और संस्थाओं जिसने भी इस हथियार के सौदे में भूमिका निभाई है" उन्हें प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन द्वारा दिए गए बयान में कहा गया है कि चीन में उक्त सरकार के साथ हाल में हुए हथियार सौदे चीनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को कमज़ोर करते हैं। झाओ ने इस सौदे की निंदा की और ताइवान में विवादित सरकार के साथ हथियारों के सौदे को रोकने के लिए अमेरिकी सरकार से मांग की।

झाओ ने कहा, "ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री एकल-चीनी सिद्धांत और तीन चीन-अमेरिका संयुक्त सूचना का गंभीर रूप से उल्लंघन करती है और चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को गंभीरता से नज़रअंदाज़ करती है। चीन दृढ़ता से विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।" उन्होंने कहा, चीन "राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा।"

पिछले हफ्ते ताइवान के साथ अमेरिका द्वारा दो हथियार पैकेज के सौदों की घोषणा की गई थी। ट्रम्प प्रशासन में इस तरह के नौ हथियार सौदे हुए हैं। पिछले सप्ताह किए गए सौदों में 100 एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम और 400 भूमि-आधारित मिसाइलों के लिए 2.4 बिलियन अमरीकी डॉलर के एक पैकेज और 1.8 बिलियन अमरीकी डॉलर के एक और पैकेज जिसमें 66 एफ-16 फाइटर जेट, सेंसर, मिसाइल और आर्टिलरी शामिल है ।

प्रस्तावित प्रतिबंधों के विवरण को अब तक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संभवतः डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन में सहयोग शामिल हो सकते हैं। ये प्रशासन ताइवान के साथ अधिक से अधिक सैन्य सहयोग पर ज़ोर दे रहा है।

चीन और ताइवान के बीच विवाद संपूर्ण चीन को लेकर संप्रभुता के प्रतिस्पर्धी दावों पर आधारित है। ताइवान की सरकार चीन के पूर्ववर्ती गणराज्य का हिस्सा होने की बात करती है जिसे 1949 की कम्युनिस्ट क्रांति के बाद अलग कर दिया गया था।

ताइवान की सरकार को बहुत कम अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है और खासकर पश्चिमी सरकारों द्वारा अक्सर एक अलग राज्य के रूप में माना जाता है। हाल ही में त्साई इंग-वेन प्रशासन के अधीन ताइवान की सरकार ने तेज़ी से अमेरिका-समर्थित नीति अपनाई है और यहां तक कि एक अलग सत्र के रूप में व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिसे चीन संबंध-विच्छेद का प्रयास मानता है।

Taiwan
China
America
De Facto Government
International news

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत


बाकी खबरें

  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    संतूर के शहंशाह पंडित शिवकुमार शर्मा का मुंबई में निधन
    10 May 2022
    पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ग़ाज़ीपुर के ज़हूराबाद में सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर पर हमला!, शोक संतप्त परिवार से गए थे मिलने
    10 May 2022
    ओमप्रकाश राजभर ने तत्काल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, गाजीपुर के एसपी, एसओ को इस घटना की जानकारी दी है। हमले संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि भाजपा के…
  • कामरान यूसुफ़, सुहैल भट्ट
    जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती
    10 May 2022
    आम आदमी पार्टी ने भगवा पार्टी के निराश समर्थकों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए जम्मू में भाजपा की शासन संबंधी विफलताओं का इस्तेमाल किया है।
  • संदीप चक्रवर्ती
    मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF
    10 May 2022
    AIFFWF ने अपनी संगठनात्मक रिपोर्ट में छोटे स्तर पर मछली आखेटन करने वाले 2250 परिवारों के 10,187 एकड़ की झील से विस्थापित होने की घटना का जिक्र भी किया है।
  • राज कुमार
    जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप
    10 May 2022
    सम्मेलन में वक्ताओं ने उन तबकों की आज़ादी का दावा रखा जिन्हें इंसान तक नहीं माना जाता और जिन्हें बिल्कुल अनदेखा करके आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन तबकों की स्थिति सामने रखी जिन तक आज़ादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License