NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चीन ने पश्चिम से आधारहीन प्रोपगैंडा रोकने का आग्रह किया, "पीपल्स वैक्सीन" का प्रस्ताव दिया
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मीडिया द्वारा फैलाए गए उइगुर अल्पसंख्यकों के नरसंहार के अफवाहों की आलोचना की।
पीपल्स डिस्पैच
08 Mar 2021
चीन

शिनजियांग प्रांत में नरसंहार के आरोपों को "पूरी तरह से झूठ" बताकर खारिज करते हुए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार 7 मार्च को कहा कि यह कुछ देशों द्वारा परोक्ष उद्देश्यों के साथ प्रचारित किया गया अफवाह है। बीजिंग में चीनी पीपल्स कांग्रेस की वार्षिक बैठक के इतर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के देशों के बीच अधिक से अधिक सहयोग का आग्रह किया।

वांग यी ने शिनजियांग में उइगुर अल्पसंख्यकों के नरसंहार के मिथक को खारिज करने के लिए तथ्यों की एक सूची प्रस्तुत की जिसमें दावा किया गया कि पिछले 40 वर्षों में प्रांत की जनसंख्या 5.5 मिलियन से बढ़कर 12 मिलियन हो गई है और इसी अवधि में इस क्षेत्र की जीडीपी 200 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

वांग यी ने कहा जब लोग नरसंहार की बात करते हैं तो उनके दिमाग में "16 वीं सदी के मूल अमेरिकी, 19 वीं सदी के अफ्रीकी गुलाम, 20 वीं सदी के यहूदी लोग और आदिवासी ऑस्ट्रेलियाई लोग होंगे जो आज भी संघर्ष कर रहे हैं।" ये रिपोर्ट सिन्हुआ ने प्रकाशित की।

कई पश्चिमी मीडिया संगठनों ने चीन पर शिनजियांग प्रांत में उइगुर अल्पसंख्यक समुदाय के नरसंहार करने का आरोप लगाया है। पिछले महीने ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में इन मुद्दों को उठाया था। अमेरिका ने भी विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को उठाया है। वांग यी ने ब्रिटेन द्वारा किए गए पहले के दावों को खारिज कर दिया था और इस क्षेत्र का दौरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार पैनल सहित विदेशी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया था।

मीडिया से बात करते हुए वांग यी ने ताइवान में अमेरिका के पिछले प्रशासन द्वारा अपनाई गई खतरनाक कार्य प्रणाली को दूर करने और सहयोग के दरवाजे खोलने के लिए बिडेन प्रशासन से आग्रह किया। हालांकि अमेरिका का ताइवान के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने कुछ उच्च अधिकारियों को इस द्वीप पर भेजकर कूटनीतिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की जिसे चीन अपना हिस्सा मानता है। ट्रम्प के अधीन अमेरिका ने भी ताइवान को अरबों डॉलर के हथियार बेचने का फैसला किया था।

China
People's vaccine
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License