NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चिन्मयानंद केस : 'जब हमें सिक्योरिटी देने वाला सिस्टम ही करप्ट होने लगे तो हम कहाँ जाएँ'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक विधि छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका मंजूर कर ली।
रिज़वाना तबस्सुम
04 Feb 2020
चिन्मयानंद

वाराणसी : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक विधि छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका सोमवार को मंजूर कर ली। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने चिन्मयानंद की जमानत याचिका पर जमानती आदेश पारित किया। स्वामी चिन्मयानंद को पिछले साल 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद एसआईटी ने बताया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं।

आरोप को स्वीकार करने के बावजूद स्वामी चिन्मयानंद को जमानत मिलने से महिलाओं में वर्तमान सरकार के खिलाफ रोष है। बीएचयू (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) की प्रोफेसर प्रतिमा गौण कहती हैं कि, 'ऐसे लोगों को तो जमानत नहीं मिलनी चाहिए, इस तरह के जमानत से विक्टिम को सबसे ज्यादा खतरा होता है।' उन्नाव केस का उदाहरण देते हुए प्रोफेसर गौण कहती हैं कि, 'इस तरह के फैसले से हमारा यकीन टूटता है क्योंकि डेमोक्रेटिक देश में हम इंसाफ के लिए कानून का सहारा लेते हैं, कानून से हम इंसाफ की मांग करते हैं लेकिन जब वही आधार हमें न्याय नहीं देता है तो हम कहाँ जाएँ।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रोफेसर प्रतिमा कहती हैं कि, 'जस्टिस का कॉन्सेप्ट निरपेक्ष होना चाहिए सापेक्ष नहीं, मतलब जिसको न्याय की जरुरत उसे ही न्याय नहीं मिल रहा है। हम तो इससे यही समझेंगे ना जो गरीब है, एक तरह से हासिए पर रखा वर्ग, जिसकी सत्ता तक पहुँच नहीं है, उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। जब हमें सिक्योरिटी देने वाला सिस्टम ही करप्ट होने लगे, और इस तरह से जैसे कि, बड़ी मुखरता से करप्शन हो रहा है, एक होता है कि गवाह को कोर्ट नहीं पहुँचने दिया जाता है, सबूत दबा दिया गया, वो एक मैटर हो जाता है लेकिन जो ये सारी चीजें सामने आ रही हैं ये बड़ी मुखरता से सामने आ रही हैं कि हमें कोई दर नहीं है लॉ का।

स्वामी चिन्मयानंद को मिली जमानत से आक्रोशित वाराणसी की सामाजिक कार्यकर्ता कुसुम वर्मा कहती हैं कि, 'हमारे मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम कानून का राज्य स्थापित करेंगे। इतने साल में हमने यही देखा है कि कानून का राज तो स्थापित नहीं हुआ, गुंडाराज जरूर स्थापित हुआ है। कुसुम वर्मा कहती हैं कि, यौन उत्पीड़न की बात खुद स्वामी चिन्मयानंद ने स्वीकारा है तो क्या यौन उत्पीड़न के मामले में एफ़आईआर दर्ज करके उनपर कोई कड़ी कार्रवाई की गई? यौन उत्पीड़न को लेकर उनपर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। छात्रा ने उनके ऊपर बलात्कार के आरोप भी लगाए थे, इस तरह से एक बलात्कारी को खुला छोड़ दिया गया।

उत्तर प्रदेश के अंदर जब गायों का उत्पीड़न होता है तो उस समय तो हमारे योगी जी बहुत संवेदन शील हो जाते हैं, ठीक बात है। किसी का भी उत्पीड़न हो, जानवर का भी तो संवेदनशील होना भी चाहिए लेकिन अगर उत्तर प्रदेश की बेटियों का, बहनों का, महिलाओं का उत्पीड़न होता है तो उनकी संवेदनाएं कहाँ चली जाती हैं? क्या गायों के लिए आपकी (सीएम योगी की) संवेदना रहेंगी, इन्सानों के, महिलाओं के लिए, बेटियों के लिए आपकी संवेदना नहीं रहेगी? और एक अपराधी को बचाने के लिए आपकी संवेदना रहेंगी? इस तरह से एक गुंडाराज प्रदेश में नहीं चलेगा, ये बिलकुल गलत है। स्वामी चिन्मयानंद पर सीबीआई जांच होनी चाहिए और इस केस को भी सीबीआई को देखना चाहिए।

जनआंदोलन में लगातार हिस्सा लेने वाली बीएचयू की पीजी की छात्रा आकांक्षा कहती हैं कि, 'ये कानून व्यवस्था अमीरों के लिए, बड़ी जातियों के लिए और पावरफुल लोगों के लिए बिकती है।" हैदराबाद केस का उदाहरण देते हुए आकांक्षा कहती हैं कि, 'प्रियंका रेड्डी वाले केस में इतना माहौल बनाया गया और उनका (सभी आरोपियों का) एंकाउंटर कर दिया गया। उन्नाव केस में लड़की को जला दिया गया, इसमें रेपिस्ट का हाथ था, सब जेल में थे उनको जमानत मिली, जेल से जमानत पर बाहर आए और लड़की को जला दिए। बाद में लड़की की मौत हो गई। तो हम वही देख रहे हैं कि यहाँ पर पूरा न्याय बिकता है, पूरी न्याय व्यवस्था बिक चुकी है।

सरकार पर तंज़ कसते हुए आकांक्षा कहती हैं कि, 'ये जो सरकार हैम जो योगी सरकार और मोदी सरकार जो बोलती है, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' लेकिन हमारे देश में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। पावरफुल लोग सब कुछ करने के बाद भी कितनी आसानी से बच गए। इतना सब कुछ होने के बाद उन्होने (स्वामी चिन्मयानंद) कबूल भी किया कि उसने (स्वामी चिन्मयानंद) ऐसा किया है इसके बाद भी उन्हें जमानत मिल गई है। ये पूरा चरित्र ही दिखा रहा है कि पूरी न्याय व्यवस्था बिक चुकी है।'

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद बैंक में काम करने वाली प्रिया त्रिपाठी बताती हैं कि, 'इस केस के बाद से तो न्याय से भरोसा ही उठने लगा है। निर्भया केस को इतने साल हो गए लेकिन अभी तक उन्हें फांसी नहीं दी गई। जबकि दो बार फांसी की तारीख टल गई। रेप तो रोज हो रहे हैं और सजा सालों बाद भी नहीं मिल रही है।

सरकार को उन्नाव केस को याद रखना चाहिए जब तीन लड़के जमानत पर छूटने के बाद उस लड़की को जलाकर मार सकते हैं जिसका उन लोगों ने रेप किया था तो जब पावरफुल आदमी जेल से जमानत पर बाहर निकलेगा तो क्या होगा? कुलदीप सिंह सेंगर जेल में रहते हुए पीड़िता के खिलाफ क्या नहीं किया। प्रिया कहती हैं कि, अगर ऐसे ही रहा तो यहाँ महिलाएं कभी सुरक्षित नहीं रह पाएँगी।

गौरतलब है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने पिछले साल 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण तथा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाने के साथ ही उसे तथा उसके परिवार को जान का खतरा बताया था।

एसआईटी को दिए बयान में पीड़िता ने बताया पीड़िता का कहना है कि चिन्मयानंद ने ब्लैकमेल कर रेप किया है। पीड़िता का हॉस्टल के बाथरूम में नहाने का वीडियो बनाया गया और उस वीडियो को वॉयरल करने की धमकी देकर एक साल तक रेप करता रहा। साथ ही पीड़िता ने बताया कि चिन्मयानंद ने शारीरिक शोषण का वीडियो भी बनाया है। चिन्मयानंद पीड़िता से मसाज करने का भी दबाव बनाता था और कई बार उसके साथ बंदूक के दम पर भी रेप हुआ है।

इस मामले में चिन्मयानंद को पिछले साल 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।  एसआईटी ने बताया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं। एसआईटी प्रमुख और पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा ने कहा, था ‘स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं, जिसमें यौन वार्तालाप और मालिश के आरोप भी शामिल हैं।''

अरोड़ा ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि चिन्मयानंद को मसाज (मालिश) की वीडियो क्लिपिंग भी दिखायी गई, जिस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब आपको सब पता ही चल गया है तो मुझे कुछ नहीं कहना। मैं अपने कृत्य के लिए शर्मिंदा हूँ।

Swami Chinmayananda
Chinmayanand Bail
BJP
Chinmayanand Rape Case
violence against women
exploitation of women
crimes against women

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान
    23 Apr 2022
    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हत्याओं और राज्य में सामाजिक सौहार्द्र को खराब करने की कोशिशों की निंदा की है। उन्होंने जनता से उन ताकतों को "अलग-थलग करने की अपील की है, जिन्होंने सांप्रदायिक…
  • राजेंद्र शर्मा
    फ़ैज़, कबीर, मीरा, मुक्तिबोध, फ़िराक़ को कोर्स-निकाला!
    23 Apr 2022
    कटाक्ष: इन विरोधियों को तो मोदी राज बुलडोज़र चलाए, तो आपत्ति है। कोर्स से कवियों को हटाए तब भी आपत्ति। तेल का दाम बढ़ाए, तब भी आपत्ति। पुराने भारत के उद्योगों को बेच-बेचकर खाए तो भी आपत्ति है…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लापरवाही की खुराकः बिहार में अलग-अलग जगह पर सैकड़ों बच्चे हुए बीमार
    23 Apr 2022
    बच्चों को दवा की खुराक देने में लापरवाही के चलते बीमार होने की खबरें बिहार के भागलपुर समेत अन्य जगहों से आई हैं जिसमें मुंगेर, बेगूसराय और सीवन शामिल हैं।
  • डेविड वोरहोल्ट
    विंबलडन: रूसी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध ग़लत व्यक्तियों को युद्ध की सज़ा देने जैसा है! 
    23 Apr 2022
    विंबलडन ने घोषणा की है कि रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को इस साल खेल से बाहर रखा जाएगा। 
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हक़ीक़त
    23 Apr 2022
    एक ऐसे वक्त जबकि देश संवैधानिक मूल्यों, बहुलवाद और अपने सेकुलर चरित्र की रक्षा के लिए जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी को अपनी विरासत का स्मरण करते हुए देश की मूल तासीर को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License