NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
विशेष अदालत को सौंपा गया चिन्मयानंद मामला
चिन्मयानंद यौन शोषण मामला अब जनप्रतिनिधियों के लिए बनी विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। अब चिन्मयानंद की अगली पेशी इसी अदालत में होगी।
भाषा
07 Jan 2020
chinmayanand case

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश): पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद यौन शोषण मामले में सीजेएम अदालत में चल रहे मुकदमों को जिला न्यायाधीश ने अब जनप्रतिनिधियों के लिए बनी विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। अब चिन्मयानंद की अगली पेशी इसी अदालत में होगी।

चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने आज बताया कि सोमवार को जिला न्यायाधीश रामबाबू शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के बाद अब इस मामले की सुनवाई सांसदों और विधायकों के लिए बनाई गई विशेष अदालत को सौंप दी गई है।

उन्होंने बताया, “इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर शाहजहांपुर जिले में बनाई गई सांसद विधायक विशेष अदालत विधिवत कार्य करने लगी है। ऐसे में स्वामी चिन्मयानंद की भी सुनवाई इसी अदालत में होगी और 20 जनवरी को पेशी भी इसी विशेष अदालत में होगी।”

चिन्मयानंद पर 2011 का एक मुकदमा चल रहा है, जो कथित रूप से उनकी शिष्या के साथ बलात्कार से संबंधित है। इस मुकदमे की सुनवाई इसी अदालत में 13 जनवरी को होनी है।

पीड़िता के अधिवक्ता मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद पर उनकी ही शिष्या ने यौन शोषण का मामला शहर कोतवाली में 2011 में दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने 23 अक्टूबर 2012 में चार्जशीट लगाकर न्यायालय भेज दी थी, जो अभी तक न्यायालय में विचाराधीन है।

उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही 24 मई 2018 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में प्रदेश सरकार द्वारा चिन्मयानंद पर चल रहा बलात्कार का मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र भेजा गया, जिस पर शिष्या द्वारा आपत्ति दाखिल की गई और उसकी आपत्ति को देखते हुए न्यायालय ने मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था और जमानती वारंट जारी कर दिया गया था।

गुप्ता ने बताया इसके बाद चिन्मयानंद हाईकोर्ट चले गए और वहां से उन्होंने अदालत द्वारा की जा रही कार्रवाई को रोकने के लिए स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया।

गौरतलब है कि स्वामी चिन्मयानंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं और शाहजहांपुर में मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता हैं। मुमुक्षु आश्रम द्वारा पांच शिक्षण संस्थाओं का संचालन होता है।

Swami Chinmayananda
Chinmayanand Rape Case
BJP’s Chinmayanand
crimes against women
violence against women
BJP

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन की अमेरिका को यूक्रेन से पीछे हटने की चेतावनी
    29 Apr 2022
    बाइडेन प्रशासन का भू-राजनीतिक एजेंडा सैन्य संघर्ष को लम्बा खींचना, रूस को सैन्य और कूटनीतिक लिहाज़ से कमज़ोर करना और यूरोप को अमेरिकी नेतृत्व पर बहुत ज़्यादा निर्भर बना देना है।
  • अजय गुदावर्ती
    भारत में धर्म और नवउदारवादी व्यक्तिवाद का संयुक्त प्रभाव
    28 Apr 2022
    नवउदारवादी हिंदुत्व धर्म और बाजार के प्रति उन्मुख है, जो व्यक्तिवादी आत्मानुभूति पर जोर दे रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने धरने में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ व जनता की एकता, जीवन और जीविका की रक्षा में संघर्ष को तेज़ करने के संकल्प को भी दोहराया।
  • protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने आरएसएस-भाजपा पर लगातार विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ़ आज(गुरुवार) जंतर मंतर पर संयुक्त रूप से धरना- प्रदर्शन किया। जिसमे मे दिल्ली भर से सैकड़ों…
  • ज़ाकिर अली त्यागी
    मेरठ : जागरण की अनुमति ना मिलने पर BJP नेताओं ने इंस्पेक्टर को दी चुनौती, कहा बिना अनुमति करेंगे जागरण
    28 Apr 2022
    1987 में नरसंहार का दंश झेल चुके हाशिमपुरा का  माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं के सामने प्रशासन सख़्त नज़र आया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License