NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
असम में विरोध प्रदर्शन का प्रतीक बना गमछा, ‘जय आई असोम’ नारा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नागरिकता कानून से असम की पहचान को खतरा है। शहर के एक कॉलेज की 18 वर्षीय छात्रा अरुणिमा बरुआ ने कहा, ‘‘राज्य के लोगों की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान दांव पर है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम ‘गमछा’ लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और अस्तित्व के हमारे गौरव को दर्शाता है।’’
भाषा
14 Dec 2019
Assamese Gamchha

गुवाहाटी,  ‘हो! हो!’ की गूंज के साथ असमिया ‘गमछा’ और ‘जय आई असोम’ का नारा नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ असम में हो रहे उग्र विरोध प्रदर्शन का प्रतीक बन गया है।हाथ से बने सफेद और लाल धारी वाला सूती ‘गमछा’ पारंपरिक रूप से असम में बड़ों और मेहमानों को सम्मान के रूप में दिया जाता है।इसे राज्य की पहचान के तौर पर पेश करने के लिए प्रदर्शनकारी इसका उपयोग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नागरिकता कानून से असम की पहचान को खतरा है। शहर के एक कॉलेज की 18 वर्षीय छात्रा अरुणिमा बरुआ ने कहा, ‘‘राज्य के लोगों की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान दांव पर है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम ‘गमछा’ लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और अस्तित्व के हमारे गौरव को दर्शाता है।’’

कई छात्र ‘गमछा’ लिये हुये थे, जिनपर ‘नो कैब’, ‘कैब वापस लो’, ‘असम डंपिंग ग्राउंड नहीं है’, ‘हम बांग्लादेशियों का बोझ और नहीं झेल सकते’ जैसे नारे लिखे हुये थे।

सड़कों पर बड़ी संख्या में उतरे प्रदर्शनकारी ‘जय आई असोम (असम माता की जय) का नारा लगा रहे थे।

व्यवसायी ब्रोजेन डेका ने कहा, ‘‘हमारी मातृभूमि के भविष्य को खतरा है और हमें इसे उन खतरों से बचाना होगा जो इस अधिनियम के लागू होने के कारण उत्पन्न हो सकते हैं।’’

Citizenship Act
CAB Protests
CAB North East
Guwahati Curfew
Assamese Gamchha

Related Stories

सीएए-एनआरसी प्रतिरोध : आरएसएस की झूठ की फ़ैक्ट्री ने फिर पकड़ी रफ़्तार 

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में लोगों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार नहीं?

जामिया में पुलिस और छात्रों के टकराव की पूरी कहानी

अपडेट: CAB के खिलाफ आसू भी सुप्रीम कोर्ट में, अमित शाह का दौरा रद्द

DUTA हड़ताल, सीएबी के आगे का रास्ता और अन्य ख़बरें

असम में हालात लगातार खराब, लोगों ने किया कर्फ्यू का उल्लंघन, पुलिस ने चलाई गोलियां

नागरिकता संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, असम में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License