NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नागरिकता संशोधन बिल कैबिनेट में मंज़ूर,विपक्ष ने कहा- बांटने वाला सांप्रदायिक बिल
इसे भाजपा की भेदभाव की विचारधारा का ही हिस्सा माना जा रहा है जिसमें शरणार्थी के तौर पर भारत में रहने वाले गैर मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रस्ताव किया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Dec 2019
कैंदीय कैबिनेट की बैठक
फाइल फोटो, साभार : Business Standard

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB : Citizenship Amendment Bill) को मंजूरी दे दी। हालांकि कई विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी के तौर पर आए गैर मुसलमानों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है।  

सूत्रों ने बताया कि 1955 के नागरिकता अधिनियम को संशोधन करने वाले इस विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 

विपक्षी दल इस विधेयक को बांटने वाला एवं सांप्रदायिक बता रहे हैं। इसे भाजपा की भेदभाव की विचारधारा का ही हिस्सा माना जा रहा है जिसमें शरणार्थी के तौर पर भारत में रहने वाले गैर मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रस्ताव किया गया है। इनमें से ज्यादातर लोग हिन्दू हैं। इसके माध्यम से उन्हें उस स्थिति में संरक्षण प्राप्त होगा जब केंद्र सरकार देशव्यापी राष्ट्रीय नागरिक पंजी की योजना को आगे बढ़ायेगी।
 
बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार सभी के हितों और भारत के हितों का ध्यान रखेगी । 

कुछ वर्गों द्वारा इसका विरोध किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोग देश के हित में इसका स्वागत करेंगे। 

समझा जाता है कि सरकार इसे अगले दो दिनों में संसद में पेश करेगी और अगले सप्ताह इसे पारित कराने के लिये आगे बढ़ायेगी। 

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों सहित अन्य विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की है । 

नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर विरोध जताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि इससे संविधान का मूलभूत सिद्धान्त कमतर होता है।

थरूर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि विधेयक असंवैधानिक है क्योंकि विधेयक में भारत के मूलभूत विचार का उल्लंघन किया गया है। वो लोग जो यह मानते हैं कि धर्म के आधार पर राष्ट्र का निर्धारण होना चाहिए...इसी विचार के आधार पर पाकिस्तान का गठन हुआ।’’

उन्होंने कहा कि हमने सदैव यह तर्क दिया है कि राष्ट्र का हमारा वह विचार है जो महात्मा गांधी, नेहरूजी, मौलाना आजाद, डा. आंबेडकर ने कहा कि धर्म से राष्ट्र का निर्धारण नहीं हो सकता।’’

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) का भी साफ कहना है कि “भाजपा देश का विभाजन करने के लिए उन सभी उपकरणों का प्रयोग कर रही है जिसका वो कर सकती है। नागरिकता (संशोधन) विधेयक भी उन्ही प्रयासों में से एक है। 

इसे पढ़ें : नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध

यह विधेयक लोकसभा में पारित हो जायेगा क्योंकि निचले सदन में भाजपा को बड़ा बहुमत है। राज्यसभा में भी उसे कोई गंभीर अवरोध की संभावना नहीं है क्योंकि अतीत में उसे बीजद, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों का समर्थन मिला है। हालांकि मोदी पार्ट-1 के दौरान यह बिल राज्यसभा में गिर चुका है।

जानकारों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारतीय संविधान को उलटने के लिए क़ानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रही है। वर्तमान में नागरिकता संशोधन विधेयक या सिटिज़नशिप अमेंडमेंट बिल (सीएबी) का मुद्दा है, जिसे उसने अपने दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उठाया है। 

इसे पढ़ें : नागरिकता विधेयक : एक विचारहीन और ख़तरनाक क़दम

निजी डेटा बिल को मंजूरी

इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस आशय की जानकारी दी। 

इस विधेयक में निजी डेटा के संचालन के संबंध में ढांचा तैयार करने की बात कही गई है जिसमें सार्वजनिक एवं निजी निकायों के आंकड़े भी शामिल हैं। 

जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि यह विधेयक संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जायेगा। 
समझा जाता है कि विधेयक में निजी डेटा हासिल करने, भंडारण और एकत्र करने के बारे में व्यापक दिशानिर्देश होने के साथ ही व्यक्तियों की सहमति, दंड, मुआवजा, आचार संहिता और उसे लागू करने के मॉडल का भी उल्लेख होगा । 
पिछले सप्ताह सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सरकार जल्द ही संसद में निजी डेटा के संरक्षण के बारे में एक संतुलित विधेयक पेश करेगी ।

लोकसभा, विधानसभाओं में एससी/एसटी आरक्षण की मियाद बढ़ाई

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की अवधि को और 10 साल के लिए बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी।

इन श्रेणियों के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण की अवधि 25 जनवरी 2020 को समाप्त हो जाती।
सूत्रों ने बताया कि सरकार आरक्षण की मियाद बढ़ाने के लिए इस सत्र में एक विधेयक लाएगी।

एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि विधायिका में एससी और एसटी के लिए आरक्षण संवैधानिक संशोधनों के जरिए किया जाता है जबकि इन श्रेणियों के लिए नौकरियों में इस तरह का आरक्षण देने का फैसला संबंधित राज्य सरकारें करती हैं।

संस्कृत विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक को मंजूरी दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके तहत संस्कृत के तीन डीम्ड विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों में परिवर्तित किया जायेगा। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)
 

Citizenship Amendment Bill
CAB
cabinet 2019
BJP
BJP government
Narendra modi
Amit Shah
NRC
Refugees versus immigrants
Illegal citizens

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • victory
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैडमिंटन टूर्नामेंट: 73 साल में पहली बार भारत ने जीता ‘’थॉमस कप’’
    15 May 2022
    बैंकॉक में खेले गए बैडमिंटन के सबसे बड़े टूर्मानेंट थॉमस कप को भारत ने जीत लिया है। भारत ने 73 साल में पहली बार ये कप जीतकर इतिहास रच दिया।
  • President
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा से लेकर ख़ाली होते विदेशी मुद्रा भंडार तक
    15 May 2022
    हर हफ़्ते की तरह एक बार फिर प्रमुख ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 
    15 May 2022
    “वक़्त कम है/  फ़ैसलाकुन समय की दस्तक / अनसुनी न रह जाए...”  वरिष्ठ कवि शोभा सिंह अपनी कविताओं के जरिये हमें हमारे समय का सच बता रही हैं, चेता रही हैं। वाकई वक़्त कम है... “हिंदुत्व के बुलडोजर की/…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ...ओह माई गॉड!
    15 May 2022
    सरकार जी जब भी विदेश जाते हैं तो वहां रहने वाले भारतीयों से अवश्य ही मिलते हैं। इससे सरकार जी की खुशहाल भारतीयों से मिलने की इच्छा भी पूरी हो जाती है। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ज्ञानवापी अपडेट : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे दिन भी सर्वे,  जांच पूरी होने की उम्मीद
    15 May 2022
    सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का सच क्या है? दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। हालांकि अदालत में अधिकृत जांच रिपोर्ट 17 मई को पेश की जाएगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License