NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी सैनिकों द्वारा सीरिया में नागरिक की हत्या
पूर्वी सीरिया में सरकार द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में अमेरिकी सैनिकों के घुसने के प्रयास को लेकर विरोध कर रहे स्थानीय लोगों पर गोलियां बरसाई गई।
पीपल्स डिस्पैच
13 Feb 2020
Syria

सीरिया में मौजूद अमेरिकी सैनिकों ने एक नागरिक की हत्या कर दी जबकि अन्य लोग घायल हो गए। इस क्षेत्र में यूएस सैनिकों की उपस्थिति को लेकर लोगों का एक समूह विरोध कर रहा था। बुधवार 12 फरवरी को पूर्वी सीरियाई शहर क़ामिशली के पास अमेरिकी सैनिकों द्वारा सरकार के नियंत्रित क्षेत्र में घुसने की कोशिश के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे थे।

अमेरिका के सैन्य प्रवक्ता ने आत्मरक्षा का हवाला देते हुए इस हत्या को सही ठहराया। हालांकि, सरकारी मीडिया ने इस दावे को गलत बताया है। आधिकारिक सीरियन अरब न्यूज़ एजेंसी (साना) के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों का विरोध करने के लिए एक गांव में बच्चों सहित कई लोग इकट्ठा हुए थे तब उन पर गोलियां बरसाई गई।

हजारों अमेरिकी सैनिक सीरिया में तैनात हैं। इनका घोषित उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों के  लिए इस्लामिक स्टेट या आईएसआईएस को युद्ध ग्रस्त देश के पूर्वी हिस्सों में स्थित तेल क्षेत्रों का इस्तेमाल करने से रोकना है। अमेरिका स्थानीय कुर्द मिलिशिया सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) के साथ मिलकर आईएसआईएस के खिलाफ लड़ने का दावा करता है। हालांकि पिछले साल अक्टूबर में सीरिया पर तुर्की के आक्रमण के बाद अमेरिकी सेनाओं को वापस बुला लिया गया था. 

एसडीएफ ने तब सीरिया की सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है. इस समझौते के बाद अमेरिकी सेनाओं का सीरिया में कोई औचित्य  नहीं बचा. हालांकि अमेरिकी सेनाएं नवंबर में रुस के तरफ से कराए गए सीरिया और तुर्की के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद फिर से सीरिया में वापस आ गयी।

सीरिया की सरकार ने आरोप लगाया है कि देश में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति उसे अपने खुद के तेल क्षेत्रों का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए की गयी है और अमेरिकी सेनाओं की सीरिया में उपस्थिति सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करता है। साल 2011 में युद्ध शुरू होने से पहले इस सीरिया के लिए तेल राजस्व का एक मुख्य स्रोत था। तुर्की के साथ-साथ अमेरिका सीरिया में विद्रोही सैनिकों का समर्थन करता रहा है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

CIVILIANS
Iraq
QAMISHLI
Syria
U.S. TROOPS
Donand Trump

Related Stories

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया

साल के अंत तक इराक़ छोड़ देंगे सभी अमेरिकी सैनिक

इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की

सीरिया में फिर से इज़रायली हवाई हमले, एक हफ़्ते से भी कम समय में यह तीसरी घटना

क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर

सीरिया और इराक़ में अमेरिकी हवाई हमले में एक बच्चे की मौत, तीन अन्य घायल


बाकी खबरें

  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    मुद्दा: सवाल बसपा की प्रासंगिकता का नहीं, दलित राजनीति की दशा-दिशा का है
    26 Feb 2022
    जहां तक बसपा की राजनीतिक प्रासंगिकता का प्रश्न है, तो दो या तीन चुनाव हारने से किसी भी पार्टी की प्रासंगिकता खत्म नहीं होती है। लेकिन असल प्रश्न यह है कि पार्टी की राजनीतिक दशा और दिशा क्या है? साथ…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    काश! अब तक सारे भारतीय छात्र सुरक्षित लौट आते
    26 Feb 2022
    बहुत सारे काश हैं, लेकिन क्या कीजिए...युद्धग्रस्त यूक्रेन में फिलहाल करीब 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। भारत सरकार ने अब उनकी वापसी के प्रयास शुरू किए हैं। एयर इंडिया का विमान…
  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव, पांचवा चरण : ख़त्म हो सकती है भाजपा की चुनौती
    26 Feb 2022
    पांचवें चरण के मतदान के साथ यूपी चुनाव 2022 में भाजपा की चुनौती खत्म हो सकती है, क्योंकि इसके बाद पूर्वांचल के आखिरी दो चरणों में बदले सामाजिक समीकरणों के चलते भाजपा की संभावनाएं  क्षीण हो चुकी हैं।
  • Russia
    पीपल्स डिस्पैच
    हम यूक्रेन की निष्पक्षता पर बातचीत करने के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने को तैयार- रूस
    26 Feb 2022
    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ कीव और यूक्रेन के अन्य शहरों के आसपास लड़ाई चल रही है। संयुक्त राष्ट्रसंघ की शरणार्थी संस्था के मुताबिक़, इस युद्ध की वज़ह से फिलहाल 1 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।
  • tomb
    तारिक़ अनवर
    अयोध्या: राजनीति के कारण उपेक्षा का शिकार धर्मनिरपेक्ष ऐतिहासिक इमारतें
    26 Feb 2022
    यह शहर सिर्फ़ मंदिरों ही नहीं मकबरों और स्मारकों से भी भरा हुआ है जो देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब या हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों के आपसी मेल का प्रतीक है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License