NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया : सोशल लीडर व शांति समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं की हत्या 2021 में भी जारी
इस वर्ष के पिछले तीन दिनों में दो सोशल लीडर और एफ़एआरसी गुरिल्ला ग्रुप के शांति समझौते के दो हस्ताक्षरकर्ताओं की कोलंबिया में हत्या की गई।
पीपल्स डिस्पैच
04 Jan 2021
कोलंबिया

कोलंबिया में मानवीय त्रासदी 2021 में भी जारी है। इस देश में इस वर्ष के पिछले तीन दिनों में दो सोशल लीडर, रिवॉल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया (एफएआरसी) गुरिल्ला ग्रुप के दो पूर्व-लड़ाके और एक पूर्व-लड़ाका के परिवार के एक सदस्य की हत्या कर दी गई।

वर्ष 2016 में क्यूबा के हवाना में पूर्व सरकार के साथ हस्ताक्षर किए गए शांति समझौतों के हिस्से के रूप में गुरिल्ला ग्रुप के निरस्त्रीकरण के बाद उभरे कॉमन अल्टरनेटिव रिवोल्यूशनरी फोर्सेस (एफएआरसी) राजनीतिक दल ने 3 जनवरी को पूर्व गुरिल्ला लड़ाके डुवान आर्लेड गालिंडेज़ नाडिया की हत्या की निंदा की।

डुवान गालिंडेज की हत्या काकेडा डिपार्टमेंट में कार्टाजेना डेल चेरा नगरपालिका में 2 जनवरी की रात को की गई थी। उन्हें एक रेस्तरां के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा गोली मार दी गई थी और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से मारे गए पूर्व एफएआरसी लड़ाकों का आंकड़ा डुवान की हत्या के साथ 251 तक पहुंच गया।

इससे पहले 1 जनवरी को एफएआरसी पार्टी ने शांति समझौते के हस्ताक्षरकर्ता योलांडा ज़बाला माजो और उनकी बहन रीना ज़बाला की हत्या की निंदा की।

योलांडा और उनकी बहन की हत्या एंटिओक्विया डिपार्टमेंट में ब्रिसेनो नगरपालिक में 1 जनवरी को तड़के हत्या कर दी गई थी। सुबह 4 बजे अज्ञात हथियारबंद लोग उनके घर में घुस गए इन बहनों को जबरदस्ती ले गए और बाद में उनकी हत्या कर दी।

इसी दिन 1 जनवरी को सोशल लीडर गेरार्डो लियोन को मेटा डिपार्टमेंट में प्यूर्टो गैटान नगरपालिका में हथियारबंद बदमाशों द्वारा मार दिया गया था। गेरार्डो लियोन शिक्षक थें और कोलंबियाई फेडरेशन ऑफ एजुकेशन वर्कर्स (एफईसीओडीई) के सदस्य थें।

इसके अलावा 1 जनवरी को फिर एक अन्य सोशल लीडर, शिक्षक और एफईसीओडीई के सदस्य डिएगो बेटनकोर्ट हिगुएरा को कैसनारे डिपार्टमेंट में योपाल नगरपालिका में मार दिया गया था।

गेरार्डो लियोन और डिएगो बेटनकोर्ट की हत्या के साथ 2021 में दो सोशल लीडर और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।

इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (आईएनडीईपीएजेड) के अनुसार पिछले साल 2020 में 310 पर्यावरणविदों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, किसान और सोशल लीडर और एफएआरसी के 64 पूर्व लड़ाके मारे गए।

columbia
Murder of social leaders
Common Alternative Revolutionary Forces
FARC
Colombian Federation of Education Workers
FECODE

Related Stories

कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल के दस सप्ताह पूरे हुए

क्रूर सरकारी दमन और विवादास्पद कर सुधार बिल को वापस लेने के बीच कोलंबिया में प्रदर्शन जारी

कोलंबिया : दक्षिणपंथी सरकार की नवउदारवादी नीतियों के ख़िलाफ़ हड़ताल

नवउदारवादी उपायों के विरोध में कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल घोषित

शांति समझौते के वर्षों बाद कोलंबिया में हिंसा और मानवीय संकट गहराया

कोलंबिया के बाद इलिनोइस स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्रों की हड़ताल की योजना

कोलंबिया में सामाजिक कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्या

FARC पार्टी और कोलम्बियाई राष्ट्रीय सरकार ने शांति के लिए प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किये

कोलम्बियावासी जीवन और शांति के लिए इकट्ठा हुए

कोलंबिया : सामाजिक संगठनों ने नेताओं की हत्या की निंदा की


बाकी खबरें

  • केवल बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    14 Sep 2021
    हम कैसे समय में जी रहे हैं जहाँ हमसे एक ऐसी दुनिया में तर्कसंगत रहने की बात कही जाती है जहाँ केवल अव्यवस्था ही एकमात्र आदर्श है, युद्ध और बाढ़ के कारण अव्यवस्था, किसी-न-किसी महामारी के कारण अव्यवस्था।
  •  'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    प्रभात पटनायक
    'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    14 Sep 2021
    भारत में मोदी सरकार का अपना ही विचित्र एजेंडा है। हरेक चीज को एक माल में तब्दील कर देने का एजेंडा। कुछ भी पवित्र नहीं हैं, कुछ भी पूजनीय नहीं है, कुछ भी बाजार से ऊपर नहीं है, सब कुछ बिकाऊ है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
    14 Sep 2021
    संयुक्त किसान मंच ने सरकार को चेताया है कि अगर आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार बागवानों और किसानों के साथ मिलकर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो संयुक्त किसान मंच, अन्य संगठनों के साथ मिलकर 27 सितंबर…
  • इको गॉर्डन, लखनऊ में 10 सितंबर को युवाओं को सम्बोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
    लाल बहादुर सिंह
    युवा रोज़गार आंदोलन किसान-मज़दूर आंदोलन के साथ जुड़कर नवउदारवाद और फ़ासीवाद के लिए चुनौती बनेगा
    14 Sep 2021
    27 सितम्बर का भारत बन्द इस मिशन का अहम पड़ाव है। इसके अलावा मोदी जी के जन्मदिन 17 सितंबर को इस वर्ष भी युवाओं ने जुमला दिवस-बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    जूलियन इंजुगारट, एना डागोरेट
    अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    14 Sep 2021
    महामारी अपने साथ पहले से कहीं ज़्यादा ग़ैर-बराबरी और नाइंसाफ़ी लेकर आयी। लेकिन,ज़मीनी स्तर के आंदोलनों ने संघर्ष कर रहे लोगों को एकजुट किया, संगठित किया और उनके लिए खाने-पीने का इंतज़ाम किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License