NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया : दक्षिणपंथी सरकार की नवउदारवादी नीतियों के ख़िलाफ़ हड़ताल
राष्ट्रपति इवान डुके की अति दक्षिणपंथी सरकार कोविड-19 महामारी के कारण हुए राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए एक नवउदारवादी कर सुधार पारित करना चाहती है।
पीपल्स डिस्पैच
29 Apr 2021
कोलंबिया : दक्षिणपंथी सरकार की नवउदारवादी नीतियों के ख़िलाफ़ हड़ताल

कोलम्बिया के नागरिक, ट्रेड यूनियन, सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने बुधवार 28 अप्रैल को देश भर में राष्ट्रव्यापी हड़ताल और लामबंदी शुरू की। इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान सस्टेनेबल सॉलिडैरिटी बिल के खिलाफ किया गया है। यह एक नया कर सुधार बिल है जिसे COVID-19 महामारी के कारण हुए राजकोषीय घाटे की भरपाई या आर्थिक संकट को दूर करने के लिए राष्ट्रपति इवान डुके की अति दक्षिणपंथी सरकार द्वारा कांग्रेस में प्रस्तुत किया गया।

इस सुधार को वापस लेने की मांग करते हुए कई रैलियां देश के मुख्य शहरों में निकाली गई। राजधानी बोगोटा में प्रदर्शनकारी नेशनल पार्क में इकट्ठा हुए और वहां से बोलिवर प्लाजा तक मार्च किया। कई अन्य स्थानों पर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की।

इस हड़ताल के आयोजकों ने COVID-19 महामारी को लेकर कोर्ट द्वारा हड़ातल समाप्त करने के आदेश के बावजूद हड़ताल करने का फैसला किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया है कि वे संक्रमण से बचने के लिए अधिक जिम्मेदारी के साथ सभी जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया तो भविष्य में हड़ताल जारी रहेगा।

स्वास्थ्य और आर्थिक संकट के बीच गरीबी को कम करने के लिए उक्त विवादास्पद सॉलिडैरिटी बिल 15 अप्रैल को सरकार द्वारा पेश किया गया था। सॉलिडैरिटी के नाम पर सरकार कर सुधार पारित करना चाहती है जो प्रमुख वस्तुओं, ईंधन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर वैट को बढ़ाता है; कर संग्रह आधार का विस्तार करता है; कृषि आदानों पर कर बढ़ाता है; पेंशन पर कर बढ़ाता है; साल 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन को स्थिर करता है; विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं पर सब्सिडी समाप्त करता है; गांव को शहरों से जोड़ने वाली सड़कों पर टोल टैक्स लगाता है; इसके साथ साथ अन्य क्षेत्रों में कर में वृद्धि करता है।

ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों ने इसे मध्यम वर्ग के लिए सख्त प्रहार बताया और इसे "डुके का नवउदारवादी पैकेज" बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे श्रमिकों, पेंशनभोगियों और कम आय वाले लोगों की आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा है और इससे देश में गरीबी और असमानता बढ़ेगी।

columbia
COVID-19
Iván Duque Márquez

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License