NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलम्बियावासी जीवन और शांति के लिए इकट्ठा हुए
देश में हिंसा को बंद करने की मांग को लेकर कौका डिपार्टमेंट के सोशल मूवमेंट्स और एफएआरसी गुरिल्ला समूह के पूर्व लड़ाके कोलंबिया में लामबंद होते रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
02 Nov 2020
कोलम्बियावासी जीवन और शांति के लिए इकट्ठा हुए

कौका डिपार्टमेंट ऑफ कोलंबिया के सोशल मूवमेंट्स के साथ-साथ गुरिल्ला समूह के पूर्व-लड़ाके रिवॉल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया (एफएआरसी) राष्ट्रपति इवान डूके की दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सरकार से देश में हिंसा को समाप्त करने के लिए क़दम उठाने की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में लामबंद होते रहे हैं।

एफएआरसी के पूर्व-लड़ाके तथा मानव अधिकारों और भूमि रक्षकों एवं समुदाय व सामाजिक नेताओं के नरसंहारों और व्यवस्थित हत्याओं में वृद्धि को लेकर वे मांग कर रहे हैं कि सरकार नागरिकों के जीवन की सुरक्षा करे और गारंटी दे।

29 अक्टूबर को 30 से अधिक अफ्रीकी-वंशज, स्थानीय, मानवाधिकार, कौका डिपार्टमेंट के किसान और सामाजिक संगठनों के 500 से अधिक सहभागियों ने कोनन डेल मिके में ह्यमनिटेरियन कैरावन फॉर लाइफ एंड डिफेंस ऑफ टेरिट्री की शुरुआत की। केनन डेल मिके एक क्षेत्र है जो अल्जीरिया, एल टैम्बो और लोपेज़ डेल मिके के म्यूनिसिपलिटी से मिलकर बना है।

कैरावन का उद्देश्य इस क्षेत्र में इन समुदायों द्वारा सामना किए जा रहे मानवीय संकट पर राष्ट्रीय सरकार का ध्यान आकर्षित करना और सामाजिक-राजनीतिक हिंसा में वृद्धि का सामना करने वाले लोगों के साथ एकजुटता दिखाना और साथ देना है।

इस कैरावन (कारवां) के सहभागी जो पोपायान शहर से निकले उनका सभी कस्बों और गांवों में प्रेम और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। शांति के लिए संघर्ष जारी रखने के लिए लोगों से आह्वान करने के लिए विभिन्न राजनीतिक, सांस्कृतिक और कलात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कैरावन का समापन आज यानी 2 नवंबर को होगा।

ब्लैक कम्युनिटी प्रोसेस (पीसीएन), नेशनल एग्रेरियन कोऑर्डिनेटर (सीएनए) और पीपल्स कांग्रेस (सीडीपी) कुछ ऐसे संगठन हैं जिन्होंने इस कैरावन का आयोजन किया।

इस बीच 21 अक्टूबर को एफएआरसी के लगभग 2,000 पूर्व-लड़ाकों ने यह मांग करने के लिए जीवन और शांति की रक्षा के लिए तीर्थयात्रा शुरू की कि राष्ट्रीय सरकार साल 2016 में क्यूबा के हवाना में पूर्व सरकार और एफएआरसी के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौतों का पालन करे।

मानवाधिकार रक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ साथ पूर्व गुरिल्ला लड़ाके जो मेटा विभाग के मेसेटास शहर से मार्च करना शुरू किए थे वे कल यानी 1 नवंबर को राजधानी बोगोटा पहुंच गए। राजधानी में उन्होंने पूर्व लड़ाकों की हत्याओं को रोकने और उनके जीवन के अधिकार के लिए सम्मान की मांग करते हुए प्लाजा बोलिवर में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

इस तीर्थयात्रा का आयोजन रिवॉल्यूशनरी अल्टर्नेटिव फोर्सेस ऑफ द कॉमन्स (एफएआरसी) राजनीतिक दल के सदस्यों द्वारा किया गया था जो शांति समझौते के एक हिस्से के रूप में गुरिल्ला समूह के उनके निरस्त्रीकरण और लोकतंत्रीकरण के बाद उभरा है।

इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (आईएनडीईपीएजेड) द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इवान डूके ने 7 अगस्त 2018 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के बाद से 600 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं और 150 से अधिक पूर्व लड़ाकों की हत्या की गई है।

साल 2020 में अब तक 246 पर्यावरणविद, मानवाधिकार रक्षक, स्थानीय, किसान और सामाजिक नेता और एफएआरसी के 51 पूर्व-लड़ाके मारे गए। इसके अलावा इस संस्था ने बताया कि 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 2020 के बीच देश में रजिस्टर्ड 68 नरसंहारों में 270 लोग मारे गए थे। दस महीनों में कौका विभाग 9 नरसंहारों के साथ दूसरा सबसे अधिक प्रभावित है। पहले स्थान पर 15 नरसंहारों के साथ एंटिओकिया है।

columbia
Protest against violence
Cauca Department
Social Movement
Black Community Process
PCN
National Egregion Coordinator
CNA
People's Congress
CDP

Related Stories

कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल के दस सप्ताह पूरे हुए

क्रूर सरकारी दमन और विवादास्पद कर सुधार बिल को वापस लेने के बीच कोलंबिया में प्रदर्शन जारी

कोलंबिया : दक्षिणपंथी सरकार की नवउदारवादी नीतियों के ख़िलाफ़ हड़ताल

नवउदारवादी उपायों के विरोध में कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल घोषित

शांति समझौते के वर्षों बाद कोलंबिया में हिंसा और मानवीय संकट गहराया

कोलंबिया के बाद इलिनोइस स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्रों की हड़ताल की योजना

कोलंबिया : सोशल लीडर व शांति समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं की हत्या 2021 में भी जारी

कोलंबिया में तीन किसान नेताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया

FARC पार्टी और कोलम्बियाई राष्ट्रीय सरकार ने शांति के लिए प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किये

बोलीविया में आम चुनाव स्थगित करने के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय हड़ताल जारी


बाकी खबरें

  • Economic Survey
    वी श्रीधर
    आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: क्या महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था के संकटों पर नज़र डालता है  
    01 Feb 2022
    हाल के वर्षों में यदि आर्थिक सर्वेक्षण की प्रवृत्ति को ध्यान में रखा जाए तो यह अर्थव्यवस्था की एक उज्ज्वल तस्वीर पेश करता है, जबकि उन अधिकांश भारतीयों की चिंता को दरकिनार कर देता है जो अभी भी महामारी…
  • muslim
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: मुसलमानों के नाम पर राजनीति फुल, टिकट और प्रतिनिधित्व- नाममात्र का
    01 Feb 2022
    देश की आज़ादी के लिए जितना योगदान हिंदुओं ने दिया उतना ही मुसलमानों ने भी, इसके बावजूद आज राजनीति में मुसलमान प्रतिनिधियों की संख्या न के बराबर है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान
    31 Jan 2022
    एक साल से अधिक तक 3 विवादित कृषि कानूनों की वापसी के लिए आंदोलन करने के बाद, किसान एक बार फिर सड़को पर उतरे और 'विश्वासघात दिवस' मनाया। 
  • Qurban Ali
    भाषा सिंह
    प्रयागराज सम्मेलन: ये लोग देश के ख़िलाफ़ हैं और संविधान के ख़ात्मे के लिए काम कर रहे हैं
    31 Jan 2022
    जिस तरह से ये तमाम लोग खुलेआम देश के संविधान के खिलाफ जंग छेड़ रहे हैं और कहीं से भी कोई कार्ऱवाई इनके खिलाफ नहीं हो रही, उससे इस बात की आशंका बलवती होती है कि देश को मुसलमानों के कत्लेआम, गृह युद्ध…
  • Rakesh Tikait
    न्यूज़क्लिक टीम
    ख़ास इंटरव्यू : लोगों में बहुत गुस्सा है, नहीं फंसेंगे हिंदू-मुसलमान के नफ़रती एजेंडे में
    31 Jan 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को ज़मीनी चुनौती देने वाले बेबाक किसान नेता राकेश टिकैत से लंबी बातचीत की, जिसमें उन्होंने बताया कि इन चुनावों में किसान…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License