NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण कोरिया से कम्युनिकेशन बंद होने पर "कोरियाई शांति प्रक्रिया" में हो सकती है बाधा
इस फ़ैसले का कारण उत्तर कोरिया के बाग़ियों द्वारा दक्षिण कोरिया की सीमाओं से किए गए एंटी-डीपीआरके प्रोपगैंडा के प्रयासों को रोकने में दक्षिण कोरिया की विफलता बताया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jun 2020
South Korea

डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (उत्तर कोरिया) की सरकार ने मंगलवार दोपहर 9 जून से दक्षिण कोरिया से सभी हॉटलाइन कम्युनिकेशन को बंद करने की घोषणा की है। ये घोषणा सरकार के स्वामित्व वाले ब्रॉडकास्टर केसीएनए द्वारा की गई। इसने दक्षिण कोरिया पर दक्षिण में रहने वाले राजनीतिक पार्टी छोड़ने वाले व्यक्ति से "शत्रुतापूर्ण कृत्यों" में "जुड़े" होने का आरोप लगाया था।

दक्षिण में बाग़ियों द्वारा किए गए डीपीआरके विरोधी प्रोपगैंडा के हफ्तों के बाद ये फैसला किया गया है। हाल ही के हफ्तों में कोरियन डिमिलिट्राइज्ड ज़ोन (डीएमजेड) में आधे मिलियन से ज़्यादा पैम्फलेट और प्रोपगैंडा सामग्री फेंका हुआ पाया गया था। डीएमजेड डीपीआरके और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व वाली सेनाओं के बीच खींची गई युद्धविराम रेखा (आर्मिस्टिक लाइन) है।

डीपीआरके विरोधी प्रोपगैंडा बाग़ियों और भगोड़े लोगों द्वारा किया जा रहा था जिन्हें दक्षिण में शरण दी गई है। प्योंगयांग की समाजवादी सरकार ने दक्षिण कोरियाई सरकार पर शांति प्रक्रिया को पटरी से उतरने के ख़तरे का आरोप लगाया है। डीपीआरके ने अपने ख़िलाफ़ कई प्रोपगैंडा का हवाला दिया जिसे सिओल की सरकार से सहायता प्राप्त है।

पिछले सप्ताह डीपीआरके में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के प्रोपगैंडा प्रभाग के प्रमुख किम यो-जोंग ने कोरियाई शांति प्रक्रिया पर इस तरह की गतिविधियों के प्रभाव की चेतावनी दी थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि डीपीआरके 2018 के सैन्य समझौते से हटने में संकोच नहीं करेगा जिसे व्यापक रूप से शांति की दिशा में एक प्रमुख क़दम के रूप में देखा गया था।

दक्षिण कोरियाई सरकार के अधिकारियों ने किम की चेतावनियों के जवाब में डीपीआरके विरोधी प्रोपगैंडा को नियंत्रित करने का वादा किया फिर भी शत्रुतापूर्ण कार्य जारी है।

South Korea
Democratic People's Republic of Korea
Workers Party of Korea
South Korean Government

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

अटलांटा में हुई गोलीबारी में 8 लोगों की मौत, एशिया-विरोधी भेदभाव का संदेह

क्रांतिकारी जब जागते हैं, वह प्रेम के सिवा और किसी चीज़ की परवाह नहीं करते 

दक्षिण कोरियाई ऑटो कर्मचारियों की बेहतर वेतन को लेकर हड़ताल तेज़

क्यों दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक साझेदारी यानी आरसीईपी में भारत शामिल नहीं हुआ?

अमेरिकी प्रतिनिधि के दक्षिण कोरिया दौरे में 'उत्तर कोरिया के साथ वार्ता' की चर्चा प्रमुखता से पाई गई

प्रमोटर पर चले मुकदमा और एपीपीसीबी की ज़िम्मेदारी तय हो: पूर्व सचिव सरमा

दक्षिण कोरिया : कोरोना वायरस महामारी के बीच वामपंथी गठबंधन की संसदीय चुनाव में भारी बहुमत से जीत

आख़िर लॉकडाउन का उद्देश्य क्या है?

दक्षिण कोरिया ने व्यापक जांच और आइसोलेशन की मदद से COVID-19 को नियंत्रित किया


बाकी खबरें

  • स्टालिन और मोदी
    नीलाम्बरन ए
    मोदी-स्टालिन मुलाकात: संघवाद और राज्य की स्वायत्तता अब अहम मसले हो सकते हैं  
    17 Jun 2021
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन 13 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिख कर उनसे हाइड्रोकॉर्बन एक्सप्लोरेशन के लिए मांगी गई निविदाओं को राज्य के कानून का ‘उल्लंघन’ बताते हुए उसको…
  • दिल्ली: अदालत ने बिना राशन कार्ड वाले लाभार्थियों की सीमा को चुनौती देने वाली अर्ज़ी पर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: अदालत ने बिना राशन कार्ड वाले लाभार्थियों की सीमा को चुनौती देने वाली अर्ज़ी पर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया
    17 Jun 2021
    “27 मई के संबंधित दिशानिर्देश में इस योजना के तहत लाभार्थियों की 20 लाख की मनमानी सीमा तय कर दी गयी है। बीस लाख की इस सीमा का कोई तर्कसंगत आधार नहीं जान पड़ता है। इस योजना के तहत जिन लोगों को लाभों…
  • किसान आंदोलन: ट्रेड यूनियनों ने किया 26 जून के ‘कृषि बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ आह्वान का समर्थन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन: ट्रेड यूनियनों ने किया 26 जून के ‘कृषि बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ आह्वान का समर्थन
    17 Jun 2021
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच निरंतर सक्रिय रूप से एसकेएम की तीन कृषि कानूनों और बिजली विधेयक को निरस्त करने तथा एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांगों का समर्थन करता रहा है। एकजुटता और…
  • हरियाणा में आशा कार्यकर्ताओं ने निगरानी रखे जाने के डर से सरकार के ट्रैकिंग ऐप को नकारा
    सागरिका किस्सू
    हरियाणा में आशा कार्यकर्ताओं ने निगरानी रखे जाने के डर से सरकार के ट्रैकिंग ऐप को नकारा
    17 Jun 2021
    हाल के दिनों में आशा कार्यकर्ताओं को अपने दैनिक लक्ष्यों को अपडेट करने के लिए एमडीएम 360 शील्ड नामक एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहा गया था। यह एप्लीकेशन संबंधित अधिकारियों को कार्यकर्ताओं की…
  • RBI
    भाषा
    कोविड महामारी की दूसरी लहर में लोगों का बैंक जमा घटा, हाथ में रखी नकदी भी कम हुई: आरबीआई लेख
    17 Jun 2021
    लेख में कहा गया है कि बैंक कर्ज की तुलना में बैंक जमा में गिरावट की दर भी अधिक रही है। यह बताता है कि इस बार बैंकों में जमा की जाने वाली घरेलू बचत घटी है। यह पहली लहर के दौरान देखी गई बचत में वृद्धि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License