NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तालिबान के काबुल पर नियंत्रण के बाद अफ़ग़ान नागरिकों के मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ीं
यूएस सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट ने यहां से जल्दबाज़ी में वापसी का बचाव करने की कोशिश की और 1975 में हार के बाद वियतनाम से अमेरिका की वापसी के साथ इसकी तुलना का खंडन किया।
पीपल्स डिस्पैच
16 Aug 2021
तालिबान के काबुल पर नियंत्रण के बाद अफ़ग़ान नागरिकों के मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ीं

राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ने तथा तालिबान के राजधानी काबुल में प्रवेश करने और रविवार 15 अगस्त को शहर के सभी प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्रों पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान से अमेरिका की जल्दबाजी में वापसी की दुनिया भर में आलोचना तेज हो गई है। इस क्षेत्र की कई सरकारें और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वैश्विक नेताओं ने देश में नागरिकों के खिलाफ हिंसा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और तालिबान से संयम बरतने की अपील की।

तालिबान के राजधानी काबुल पर कब्जा करने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुट्रेस ने "अफगानिस्तान की स्थिति पर" अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और "तालिबान और अन्य लोगों से जीवन की रक्षा और यह सुनिश्चित करने के लिए काफी संयम बरतने का आग्रह किया" कि "मानवीय" जरूरतों को पूरा किया जा सके।" उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांतिपूर्ण हस्तानांतरण और सभी अफगानवासियों के मानवाधिकारों के लिए काम करेगा।

सोमवार को विभिन्न देशों द्वारा काबुल में अपने दूतावासों को बंद करने या अपने कर्मचारियों को कम करने की खबर तालिबान के उस आश्वासन के बावजूद फैल गई जिसमें उसने कहा कि वह सत्ता के शांतिपूर्ण संक्रमण की मांग कर रहा है। काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मच गई और हजारों लोग देश से भागने की कोशिश कर रहे थे। सैकड़ों लोगों द्वारा बिना पासपोर्ट और वीजा के हवाईअड्डे पर खड़े विमानों में चढ़ने की कोशिश के बाद काबुल हवाईअड्डे को वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन को निलंबित करना पड़ा।

अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने रविवार को ट्वीटर पर एक पोस्ट में कहा कि हिंसा से कोई समाधान नहीं होगा जैसा कि कब्जा करने वालों ने किया और उन्होंने देश में शांतिपूर्ण संक्रमण के लिए काम करने की ईरान की इच्छा व्यक्त की।

इस बीच, यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंथनी ब्लिंकन ने 1975 में वियतनाम युद्ध के दौरान साइगॉन से अमेरिकी वापसी के साथ अपनी बढ़ती तुलना का खंडन करते हुए काबुल से अमेरिका की जल्दबाजी में वापसी का बचाव करने की कोशिश की। ब्लिंकन ने सीएनएन को एक साक्षात्कार में कहा कि "याद रखें कि यह साइगॉन नहीं है"। उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडेन के उस दावे को भी दोहराया कि 2001 में अफगानिस्तान पर आक्रमण के पीछे के सभी उद्देश्यों को हासिल कर लिया गया है।

रविवार को बाइडेन ने वापसी में मदद करने के लिए अफगानिस्तान में अतिरिक्त 1,000 अमेरिकी सैनिकों की घोषणा की जिससे देश में तैनात सैनिकों की कुल संख्या 6,000 हो गई। अमेरिका के अफगानिस्तान में केवल 2,500 सैनिक थे जिन्हें उसने इस साल अप्रैल में वापस लेने का फैसला किया था।

Afghanistan
TALIBAN
Human Rights
Afghan civilians
kabul
Ashraf Ghani

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा


बाकी खबरें

  • sedition
    भाषा
    सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश
    11 May 2022
    पीठ ने कहा कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। अदालतों द्वारा आरोपियों को दी गई राहत जारी रहेगी। उसने आगे कहा कि प्रावधान की वैधता को चुनौती…
  • बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    एम.ओबैद
    बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    11 May 2022
    "ख़ासकर बिहार में बड़ी संख्या में वैसे बच्चे जाते हैं जिनके घरों में खाना उपलब्ध नहीं होता है। उनके लिए कम से कम एक वक्त के खाने का स्कूल ही आसरा है। लेकिन उन्हें ये भी न मिलना बिहार सरकार की विफलता…
  • मार्को फ़र्नांडीज़
    लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?
    11 May 2022
    दुनिया यूक्रेन में युद्ध का अंत देखना चाहती है। हालाँकि, नाटो देश यूक्रेन को हथियारों की खेप बढ़ाकर युद्ध को लम्बा खींचना चाहते हैं और इस घोषणा के साथ कि वे "रूस को कमजोर" बनाना चाहते हैं। यूक्रेन
  • assad
    एम. के. भद्रकुमार
    असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की
    11 May 2022
    राष्ट्रपति बशर अल-असद का यह तेहरान दौरा इस बात का संकेत है कि ईरान, सीरिया की भविष्य की रणनीति का मुख्य आधार बना हुआ है।
  • रवि शंकर दुबे
    इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा यूपी में: कबीर और भारतेंदु से लेकर बिस्मिल्लाह तक के आंगन से इकट्ठा की मिट्टी
    11 May 2022
    इप्टा की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गीतों, नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License